करनाल, १५ फरवरी [एजेंसी]। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि अनुच्छेद-370 निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में काफी कमी आई है और रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक केंद्र शासित प्रदेश की यात्रा कर रहे हैं।
अमित शाह ने मंगलवार को हरियाणा पुलिस को उसकी असाधारण सेवा के लिए ‘राष्ट्रपति निशान प्रदान किया और अपने संबोधन में यह बात कही। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले आठ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों तथा पूर्वोत्तर में उग्रवाद और वामपंथी उग्रवाद समेत देश की आंतरिक सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया है।
उन्होंने कहा, ” आज मैं संतोष के साथ कह सकता हूं कि अनुच्छेद-370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में काफी कमी आई है और रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक जम्मू-कश्मीर आते हैं। यह बेहद संतोष देने वाला है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ऐसे अपराधों के संबंध में फॉरेंसिक जांच को अनिवार्य बनाने के लिए आपराधिक प्रक्रिया संहिता, भारतीय दंड संहिता और साक्ष्य अधिनियम में बदलाव लाएगी, जिनके लिए छह साल अथवा उससे अधिक की सजा का प्रावधान है।
करनाल, १५ फरवरी [एजेंसी]। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि अनुच्छेद-370 निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में काफी कमी आई है और रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक केंद्र शासित प्रदेश की यात्रा कर रहे हैं।
अमित शाह ने मंगलवार को हरियाणा पुलिस को उसकी असाधारण सेवा के लिए ‘राष्ट्रपति निशान प्रदान किया और अपने संबोधन में यह बात कही। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले आठ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों तथा पूर्वोत्तर में उग्रवाद और वामपंथी उग्रवाद समेत देश की आंतरिक सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया है।
उन्होंने कहा, ” आज मैं संतोष के साथ कह सकता हूं कि अनुच्छेद-370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में काफी कमी आई है और रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक जम्मू-कश्मीर आते हैं। यह बेहद संतोष देने वाला है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ऐसे अपराधों के संबंध में फॉरेंसिक जांच को अनिवार्य बनाने के लिए आपराधिक प्रक्रिया संहिता, भारतीय दंड संहिता और साक्ष्य अधिनियम में बदलाव लाएगी, जिनके लिए छह साल अथवा उससे अधिक की सजा का प्रावधान है।



Journalist खबरीलाल














