पटना (आईएएनएस)। बिहार में शराबबंदी कानून को कड़ाई से पालन करवाने के लिए सरकार हर उपाय कर रही है। सरकार अब शराबियों को पहचानने के लिए आधार रिकार्ड बनाने जा रही है। मद्य और निषेध विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि शराब पीकर पकड़े गए शख्स के लिए उसका पहचान छुपाना मुश्किल हो जाएगा। उसने पहली बार शराब पी है या दूसरी बार, इस बात का पता तुरंत चल जाएगा।
ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए प्रशासन शराबियों का आधार नंबर दर्ज कर एक रिकॉर्ड तैयार कर रही है। दूसरी बार शराब पीते हुए पकड़े जाने पर सजा का प्रावधान है।
विभाग द्वारा इसके लिए आधार ऑथेंटिकेट करने वाली मशीन भी लगाई जा रही है। बताया जा रहा है कि पटना के पांच इलाकों के अलावा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों के विभागीय कार्यालय में यह मशीन लगाई जाएगी, जिससे आधार नंबर के जरिए लोगों की पहचान हो जाएगी।
पटना (आईएएनएस)। बिहार में शराबबंदी कानून को कड़ाई से पालन करवाने के लिए सरकार हर उपाय कर रही है। सरकार अब शराबियों को पहचानने के लिए आधार रिकार्ड बनाने जा रही है। मद्य और निषेध विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि शराब पीकर पकड़े गए शख्स के लिए उसका पहचान छुपाना मुश्किल हो जाएगा। उसने पहली बार शराब पी है या दूसरी बार, इस बात का पता तुरंत चल जाएगा।
ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए प्रशासन शराबियों का आधार नंबर दर्ज कर एक रिकॉर्ड तैयार कर रही है। दूसरी बार शराब पीते हुए पकड़े जाने पर सजा का प्रावधान है।
विभाग द्वारा इसके लिए आधार ऑथेंटिकेट करने वाली मशीन भी लगाई जा रही है। बताया जा रहा है कि पटना के पांच इलाकों के अलावा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों के विभागीय कार्यालय में यह मशीन लगाई जाएगी, जिससे आधार नंबर के जरिए लोगों की पहचान हो जाएगी।



Journalist खबरीलाल














