रायपुर 1 मई 2023। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के दिन छग भाजपा के आधार स्तंभ, वरिष्ठ आदिवासी नेता नंद कुमार साय बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गये हैं। रायपुर के शंकर नगर स्थित राजीव भवन में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, मोहम्मद अकबर व अन्य नेताओं और क्रयकर्ताओं की मौजूदगी में नंदकुमार साय ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली। नंदकुमार साय के सदस्यता लेने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें मिठाई खिलाई और कांग्रेस में स्वागत किया। । कल ही नंदकुमार साय ने बीजेपी से इस्तीफा दिया था। पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलायी। नंदकुमार साय के कांग्रेस में शामिल होने से पहले कांग्रेस भवन में मंत्री मोहम्मद अकबर और संसदीय सचिव विकास उपाध्याय काफी पहले पहुंच चुके थे। इधर अचानक साय के इस्तीफे से बीजेपी में हड़कंप मचा हुआ है। दो बार के लोकसभा सांसद, राज्यसभा सांसद और तीन बार के विधायक नंदकुमार साय पूर्व में छत्तीसगढ़ और अविभाजित मध्य प्रदेश दोनों में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। साय ने अपने त्यागपत्र में आरोप लगाया कि उनके सहयोगी साजिश रच रहे थे और उनकी छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगा रहे थे जिससे उन्हें बहुत दुख हुआ।
नंदकुमार साय को छत्तीसगढ़ में भाजपा की नींव रखने वाले नेताओं में से एक माना जाता है। पूर्व अध्यक्ष लखीराम अग्रवाल के साथ मिलकर उन्होंने छत्तीसगढ़ में भाजपा का संगठन खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई है। साय छत्तीसगढ़ के प्रथम नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। इसके अलावा 2003 में विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ मरवाही से चुनाव लड़ने की वजह से साय काफी चर्चा में आए थे।
वे सांसद रहने के अलावा अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) भी रहे हैं। साय बीच-बीच में पार्टी में अपना असंतोष जाहिर करते रहे हैं। कुछ दिनों पहले जब आरक्षण को लेकर उन्होंने धरना दिया था तब भाजपा का कोई नेता उनके साथ खड़ा नहीं हुआ था।
रायपुर 1 मई 2023। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के दिन छग भाजपा के आधार स्तंभ, वरिष्ठ आदिवासी नेता नंद कुमार साय बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गये हैं। रायपुर के शंकर नगर स्थित राजीव भवन में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, मोहम्मद अकबर व अन्य नेताओं और क्रयकर्ताओं की मौजूदगी में नंदकुमार साय ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली। नंदकुमार साय के सदस्यता लेने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें मिठाई खिलाई और कांग्रेस में स्वागत किया। । कल ही नंदकुमार साय ने बीजेपी से इस्तीफा दिया था। पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलायी। नंदकुमार साय के कांग्रेस में शामिल होने से पहले कांग्रेस भवन में मंत्री मोहम्मद अकबर और संसदीय सचिव विकास उपाध्याय काफी पहले पहुंच चुके थे। इधर अचानक साय के इस्तीफे से बीजेपी में हड़कंप मचा हुआ है। दो बार के लोकसभा सांसद, राज्यसभा सांसद और तीन बार के विधायक नंदकुमार साय पूर्व में छत्तीसगढ़ और अविभाजित मध्य प्रदेश दोनों में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। साय ने अपने त्यागपत्र में आरोप लगाया कि उनके सहयोगी साजिश रच रहे थे और उनकी छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगा रहे थे जिससे उन्हें बहुत दुख हुआ।
नंदकुमार साय को छत्तीसगढ़ में भाजपा की नींव रखने वाले नेताओं में से एक माना जाता है। पूर्व अध्यक्ष लखीराम अग्रवाल के साथ मिलकर उन्होंने छत्तीसगढ़ में भाजपा का संगठन खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई है। साय छत्तीसगढ़ के प्रथम नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। इसके अलावा 2003 में विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ मरवाही से चुनाव लड़ने की वजह से साय काफी चर्चा में आए थे।
वे सांसद रहने के अलावा अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) भी रहे हैं। साय बीच-बीच में पार्टी में अपना असंतोष जाहिर करते रहे हैं। कुछ दिनों पहले जब आरक्षण को लेकर उन्होंने धरना दिया था तब भाजपा का कोई नेता उनके साथ खड़ा नहीं हुआ था।



Journalist खबरीलाल














