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महापौर ढेबर एक्शन मोड पे; मिनी पोल और स्मार्ट टॉयलेट की निविदा में हुई गड़बड़ी को ले कर महापौर ने जांच समिति संग की बैठक :

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महापौर ने यूनीपोल और स्मार्ट टॉयलेट की निविदा के संबंध में 17 जांच बिंदुओं को समक्ष रखा , जांच समिति और अधिकारियों को जांच का निर्देश दिया की जल्द से जल्द इस जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपे . 

महापौर ने पूर्व में बताया था की यूनीपोल और स्मार्ट टॉयलेट की निविदा में हुई गड़बड़ी से नगर निगम रायपुर को लगभग 27 करोड़ की राजस्व के नुकसान का अनुमान है , 

1.   यूनिपोलों का साइज क्यों बढ़ाया गया ? जबकि निविदा कंडिका 11 में स्पष्ट लिखा है की साइज नहीं बदल सकते और एजेन्सी के सुझाव के आधार पर कब से निविदा बदलाव होने लगी, यदि साइज और यूनिपोलांे में वृद्धि करनी ही थी तो नई निविदा क्यों नहीं ली गयी ?

2. यूनिपोल की निविदा चर्चा के लिए डप्ब् में क्यों नहीं आयी ? जैसा की निविदा प्रक्रिया की नोट शीट के कुछ खण्डों में उल्लेखित अनुसार राजस्व प्राप्ति की गणना की गयी है ऐसे में यह विषय डप्ब् में आना चाहिए था।

3. ठव्ज् के आधार पर जब निविदा दी गयी एवं त्म िअनुबंध स्टाम्प पेपर क्रमांक ड 985298 में निविदा अवधि उल्लेखित होने के उपरांत भी क्यों निविदा वृद्धि दी गयी ? 

4. क्या केवल एजेसियों के सुझाव मात्र से चलती हुई निविदा में अवधि वृद्धि बिना डप्ब् में चर्चा किए बगैर दी जाएगी?

5. एजेंसी ग्रैफेल मीडिया के अनेकों चेक बाउंस हुए है जिसको अधिकारियों द्वारा नोट शीट में उल्लेखित भी किया गया है और निविदा राशि का 30ः जो 15 दिनों के अंदर देना था उसमें क्यों समय की छूट देकर ली गयी ? 

6. चेक बाउंस जैसे गंभीर विषय में अधिकारीयों ने एजेंसी को काली सूची में क्यों नहीं डाला ? जो चेक बाउंस हुआ है वह चेक 15 दिनों के अंदर ली जाने वाली 30ः निविदा राशि का चेक है तम िनोट शीट क्रमांक 37 ऐसे में निविदा रद्द क्यों नहीं हुई ?

7. ग्रेसफुल मीडिया को पहला कार्यादेश 18.11.2019 से 26.06.2021 डेढ़ साल कार्यादेश दिया गया फिर, निविदा वृद्धि उपरांत 27.11.2021 को नया कार्यादेश दिया गया। क्या 26.06.2021 से 27.11.2021 राजस्व की गणना की गयी है ?

8. निविदा शर्त में 5ः वार्षिक वृद्धि प्रावधान है परन्तु डेढ़ साल बाद क्यों वही निविदा दर में कैसे अवधि बढ़ा कर दी गयी ?

9. ग्रुप डी तेलीबांधा चैक से भारत माता चैक से पंडरी का मार्ग बिना किसी आधार के परिवर्तित क्र पंडरी से अम्बुजा माल रोड से परिवर्तित किया गया बिना किसी तथ्य लिखित आधार के और कंडिका 9 का उलंघन कैसे हुआ है ?

10. सामान्य मार्गों की दर कैसे मुख्य मार्गों में यूनिपोल लगाकर, क्या राजस्व का हानि नहीं हुई है ? उदाहरण निविदा की ग्रुप डी का मार्ग परिवर्तन होना।   

11. इस निविदा में अभी तक कितना राजस्व प्राप्त हुआ है जानकारी देवें? वित्तीय वर्ष 20-21, 21-22, 22-23।

12. सभी अधिकृत एजेंसियों का कितना बकाया शुल्क है कृपया अति शीघ्र इसकी जानकारी देवें

13. क्या राजस्व की गणना सही से की गयी है क्योंकि जब निविदा जारी की गयी थी तब ना तो निविदा संशोधन के अखबार के विज्ञापन में जिक्र है और ना ही अनुबंध में और संशोधित निविदा में ष्दो फलक विज्ञापन लगाए जा सकेंगेष् ऐसा उल्लेखित है, क्या यह भ्रामक नहीं है? क्यूंकि यदि आप किसी भी निविदा में देखे तो ज्ञापनों में स्पष्ट फलकों का जिक्र स्पष्ट रहता है, दर अनुसार ली जाती है।  

14. ऐसी अस्पष्टता और भ्रामक शब्दों के उपयोग व त्रुटियों के कारण निगम को नीचे दिये गए विवरण अनुसार क्या भारी नुक्सान नहीं हुआ है ?


महापौर ने यूनीपोल और स्मार्ट टॉयलेट की निविदा के संबंध में 17 जांच बिंदुओं को समक्ष रखा , जांच समिति और अधिकारियों को जांच का निर्देश दिया की जल्द से जल्द इस जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपे . 

महापौर ने पूर्व में बताया था की यूनीपोल और स्मार्ट टॉयलेट की निविदा में हुई गड़बड़ी से नगर निगम रायपुर को लगभग 27 करोड़ की राजस्व के नुकसान का अनुमान है , 

1.   यूनिपोलों का साइज क्यों बढ़ाया गया ? जबकि निविदा कंडिका 11 में स्पष्ट लिखा है की साइज नहीं बदल सकते और एजेन्सी के सुझाव के आधार पर कब से निविदा बदलाव होने लगी, यदि साइज और यूनिपोलांे में वृद्धि करनी ही थी तो नई निविदा क्यों नहीं ली गयी ?

2. यूनिपोल की निविदा चर्चा के लिए डप्ब् में क्यों नहीं आयी ? जैसा की निविदा प्रक्रिया की नोट शीट के कुछ खण्डों में उल्लेखित अनुसार राजस्व प्राप्ति की गणना की गयी है ऐसे में यह विषय डप्ब् में आना चाहिए था।

3. ठव्ज् के आधार पर जब निविदा दी गयी एवं त्म िअनुबंध स्टाम्प पेपर क्रमांक ड 985298 में निविदा अवधि उल्लेखित होने के उपरांत भी क्यों निविदा वृद्धि दी गयी ? 

4. क्या केवल एजेसियों के सुझाव मात्र से चलती हुई निविदा में अवधि वृद्धि बिना डप्ब् में चर्चा किए बगैर दी जाएगी?

5. एजेंसी ग्रैफेल मीडिया के अनेकों चेक बाउंस हुए है जिसको अधिकारियों द्वारा नोट शीट में उल्लेखित भी किया गया है और निविदा राशि का 30ः जो 15 दिनों के अंदर देना था उसमें क्यों समय की छूट देकर ली गयी ? 

6. चेक बाउंस जैसे गंभीर विषय में अधिकारीयों ने एजेंसी को काली सूची में क्यों नहीं डाला ? जो चेक बाउंस हुआ है वह चेक 15 दिनों के अंदर ली जाने वाली 30ः निविदा राशि का चेक है तम िनोट शीट क्रमांक 37 ऐसे में निविदा रद्द क्यों नहीं हुई ?

7. ग्रेसफुल मीडिया को पहला कार्यादेश 18.11.2019 से 26.06.2021 डेढ़ साल कार्यादेश दिया गया फिर, निविदा वृद्धि उपरांत 27.11.2021 को नया कार्यादेश दिया गया। क्या 26.06.2021 से 27.11.2021 राजस्व की गणना की गयी है ?

8. निविदा शर्त में 5ः वार्षिक वृद्धि प्रावधान है परन्तु डेढ़ साल बाद क्यों वही निविदा दर में कैसे अवधि बढ़ा कर दी गयी ?

9. ग्रुप डी तेलीबांधा चैक से भारत माता चैक से पंडरी का मार्ग बिना किसी आधार के परिवर्तित क्र पंडरी से अम्बुजा माल रोड से परिवर्तित किया गया बिना किसी तथ्य लिखित आधार के और कंडिका 9 का उलंघन कैसे हुआ है ?

10. सामान्य मार्गों की दर कैसे मुख्य मार्गों में यूनिपोल लगाकर, क्या राजस्व का हानि नहीं हुई है ? उदाहरण निविदा की ग्रुप डी का मार्ग परिवर्तन होना।   

11. इस निविदा में अभी तक कितना राजस्व प्राप्त हुआ है जानकारी देवें? वित्तीय वर्ष 20-21, 21-22, 22-23।

12. सभी अधिकृत एजेंसियों का कितना बकाया शुल्क है कृपया अति शीघ्र इसकी जानकारी देवें

13. क्या राजस्व की गणना सही से की गयी है क्योंकि जब निविदा जारी की गयी थी तब ना तो निविदा संशोधन के अखबार के विज्ञापन में जिक्र है और ना ही अनुबंध में और संशोधित निविदा में ष्दो फलक विज्ञापन लगाए जा सकेंगेष् ऐसा उल्लेखित है, क्या यह भ्रामक नहीं है? क्यूंकि यदि आप किसी भी निविदा में देखे तो ज्ञापनों में स्पष्ट फलकों का जिक्र स्पष्ट रहता है, दर अनुसार ली जाती है।  

14. ऐसी अस्पष्टता और भ्रामक शब्दों के उपयोग व त्रुटियों के कारण निगम को नीचे दिये गए विवरण अनुसार क्या भारी नुक्सान नहीं हुआ है ?


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