नईदिल्ली, २९ मई [एजेंसी]। जंतर मंतर पर उपद्रव करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बजरंग पूनिया, साक्षी मालिक, विनेश फोगाट, संगीता फोगाट समेत आयोजकों और जंतर मंतर से हिरासत में लिए गए सभी 109 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनके खिलाफ दंगा करने की विभिन्न धाराओं, लोक सेवक के वैधानिक काम में बाधा उत्पन्न करने, लोक सेवक के वैधानिक आदेश की अवहेलना करने, लोक सेवकों के साथ मारपीट करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
इन धाराओं में कुछ जमानती और कुछ गैर जमानती है। लेकिन इन धाराओं के तहत अधिकतम सात साल से कम सजा का प्रावधान है। इसलिए कानूनन पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। पहलवानों को केस से जूझने में करीब दस साल लग सकते है। पहलवानों ने 28 मई को संसद भवन की नई बिल्डिंग का उद्घाटन करने के दौरान संसद के पास महिला महापंचायत लगाने की घोषणा की थी। पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसी को लेकर पहलवानों ने जंतर मंतर से संसद भवन की ओर कूच किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस की उनसे झड़प हो गई।
नईदिल्ली, २९ मई [एजेंसी]। जंतर मंतर पर उपद्रव करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बजरंग पूनिया, साक्षी मालिक, विनेश फोगाट, संगीता फोगाट समेत आयोजकों और जंतर मंतर से हिरासत में लिए गए सभी 109 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनके खिलाफ दंगा करने की विभिन्न धाराओं, लोक सेवक के वैधानिक काम में बाधा उत्पन्न करने, लोक सेवक के वैधानिक आदेश की अवहेलना करने, लोक सेवकों के साथ मारपीट करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
इन धाराओं में कुछ जमानती और कुछ गैर जमानती है। लेकिन इन धाराओं के तहत अधिकतम सात साल से कम सजा का प्रावधान है। इसलिए कानूनन पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। पहलवानों को केस से जूझने में करीब दस साल लग सकते है। पहलवानों ने 28 मई को संसद भवन की नई बिल्डिंग का उद्घाटन करने के दौरान संसद के पास महिला महापंचायत लगाने की घोषणा की थी। पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसी को लेकर पहलवानों ने जंतर मंतर से संसद भवन की ओर कूच किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस की उनसे झड़प हो गई।



Journalist खबरीलाल














