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अनविता विश्वकर्मा, डीपीएस छात्रा रायपुर देवभूमि हरिद्वार में आयोजित राष्ट्रीय नृत्य महोत्सव में सुयश:

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विगत सप्ताह दिनांक ८ से ११ जून के मध्य देवभूमि हरिद्वार में " राष्ट्रीय भागीरथी नृत्य महोत्सव "  का आयोजन किया गया । चार दिवासीय इस महोत्सव मैं अंतरराष्ट्रीय, शास्त्रीय संगीत, नृत्य के कार्यक्रम संपन्न हुए जिसमें पूरे देश से आए कलाकारों ने भाग लिया। सब जूनियर वर्ग में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच प्रदेश की छात्रा अनविता विश्वकर्मा ने छत्तीसगढ़ लोक नृत्य एवम शास्त्रीय कथक नृत्य में अपनी प्रस्तुति देकर दोनो वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करके छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम रोशन किया। इस गौरवपूर्ण पुरुस्कार को पंडित बिरजू महाराज के भाई कृष्ण मोहन महाराज जी के द्वारा प्रधान किया गया । 

अनविता विश्वकर्मा, डी पी एस, रायपुर में पांचवी कक्षा की छात्रा है। पढ़ाई के साथ उसकी रुचि शास्त्रीय नृत्य एवम लोक नृत्य में है। तीन वर्ष की अध्य आयु से ही वह अपनी गुरु अंजनी ठाकुर के नृत्य के गुण सीख रही है। अन्नविता कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर एक सिद्ध कलाकर के रुप में उभरी है। 

कला एवम संस्कृति के क्षेत्र में देश की प्रतिष्ठित संस्था," भारतीय संस्कृति संघ" जो की UNESCO से सहयोगी संस्था है उसमें भी कई आयोजित कार्यक्रम में शास्त्रीय कथक प्रथम स्थान प्राप्त करके छत्तीसगढ़ का नाम गौरम्भित किया है। अनविता विश्वकर्मा, छत्तीसगढ़ के रिटायर वरिष्ठ आई. ए. एस अधिकारी आर एस विश्वकर्मा की पौत्री है.


विगत सप्ताह दिनांक ८ से ११ जून के मध्य देवभूमि हरिद्वार में " राष्ट्रीय भागीरथी नृत्य महोत्सव "  का आयोजन किया गया । चार दिवासीय इस महोत्सव मैं अंतरराष्ट्रीय, शास्त्रीय संगीत, नृत्य के कार्यक्रम संपन्न हुए जिसमें पूरे देश से आए कलाकारों ने भाग लिया। सब जूनियर वर्ग में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच प्रदेश की छात्रा अनविता विश्वकर्मा ने छत्तीसगढ़ लोक नृत्य एवम शास्त्रीय कथक नृत्य में अपनी प्रस्तुति देकर दोनो वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करके छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम रोशन किया। इस गौरवपूर्ण पुरुस्कार को पंडित बिरजू महाराज के भाई कृष्ण मोहन महाराज जी के द्वारा प्रधान किया गया । 

अनविता विश्वकर्मा, डी पी एस, रायपुर में पांचवी कक्षा की छात्रा है। पढ़ाई के साथ उसकी रुचि शास्त्रीय नृत्य एवम लोक नृत्य में है। तीन वर्ष की अध्य आयु से ही वह अपनी गुरु अंजनी ठाकुर के नृत्य के गुण सीख रही है। अन्नविता कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर एक सिद्ध कलाकर के रुप में उभरी है। 

कला एवम संस्कृति के क्षेत्र में देश की प्रतिष्ठित संस्था," भारतीय संस्कृति संघ" जो की UNESCO से सहयोगी संस्था है उसमें भी कई आयोजित कार्यक्रम में शास्त्रीय कथक प्रथम स्थान प्राप्त करके छत्तीसगढ़ का नाम गौरम्भित किया है। अनविता विश्वकर्मा, छत्तीसगढ़ के रिटायर वरिष्ठ आई. ए. एस अधिकारी आर एस विश्वकर्मा की पौत्री है.


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