रायपुर / नई दिल्ली - 1988 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आइपीएस अफसर रवि सिन्हा देश की शीर्ष खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग रॉ (RAW) के नए प्रमुख बनाए गए हैं। कैबिनेट सचिवालय ने सोमवार को विधिवत आदेश जारी कर दिए हैं। वे मौजूदा चीफ सामंत गोयल, आइपीएस (पंजाब 84) का स्थान लेंगे, जो 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
नये रॉ प्रमुख बनाए गए रवि सिन्हा रायपुर में सिटी कोतवाली के सीएसपी रह चुके हैं। इसके अलावा दुर्ग में भी पदस्थ थे। रवि सिन्हा छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद यहां पीएचक्यू (PHQ) में पदस्थ रहे, इसके बाद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए। वर्तमान में वे रॉ के एडिशनल सेक्रेटरी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। रॉ प्रमुख के तौर पर रवि सिन्हा का कार्यकाल 2 साल का होगा।
क्या है रॉ ? रिसर्च एंड एनालिसिस विंग रा (RAW) भारत की अन्तरराष्ट्रीय गुप्तचर संस्था है। इसका गठन सितम्बर 1968 में किया गया था। जब अन्वेषण ब्यूरो (जो पहले घरेलू व अन्तरराष्ट्रीय विषय संभालती थी) 1962 के भारत-चीन युद्ध व 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अच्छी तरह से कार्य नहीं कर पायी थी। जिसके चलते भारत सरकार को एक ऐसे संस्था के जरूरत का एहसास हुआ, जो स्वतन्त्र और सक्षम तरीके से बाहरी जानकारियां इकट्ठा कर सके।
रॉ का मुख्य काम जानकारी इकट्ठा करना, आतंकवाद को रोकना व गुप्त आपरेशनों को करना इत्यादि है। इसके साथ ही यह विदेशी सरकारों, कंपनियों व व्यक्तियों से मिली जानकारी पर कार्य करता है ताकि भारतीय नीति निर्माताओं को सही सलाह दी जा सके।
रायपुर / नई दिल्ली - 1988 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आइपीएस अफसर रवि सिन्हा देश की शीर्ष खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग रॉ (RAW) के नए प्रमुख बनाए गए हैं। कैबिनेट सचिवालय ने सोमवार को विधिवत आदेश जारी कर दिए हैं। वे मौजूदा चीफ सामंत गोयल, आइपीएस (पंजाब 84) का स्थान लेंगे, जो 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
नये रॉ प्रमुख बनाए गए रवि सिन्हा रायपुर में सिटी कोतवाली के सीएसपी रह चुके हैं। इसके अलावा दुर्ग में भी पदस्थ थे। रवि सिन्हा छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद यहां पीएचक्यू (PHQ) में पदस्थ रहे, इसके बाद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए। वर्तमान में वे रॉ के एडिशनल सेक्रेटरी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। रॉ प्रमुख के तौर पर रवि सिन्हा का कार्यकाल 2 साल का होगा।
क्या है रॉ ? रिसर्च एंड एनालिसिस विंग रा (RAW) भारत की अन्तरराष्ट्रीय गुप्तचर संस्था है। इसका गठन सितम्बर 1968 में किया गया था। जब अन्वेषण ब्यूरो (जो पहले घरेलू व अन्तरराष्ट्रीय विषय संभालती थी) 1962 के भारत-चीन युद्ध व 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अच्छी तरह से कार्य नहीं कर पायी थी। जिसके चलते भारत सरकार को एक ऐसे संस्था के जरूरत का एहसास हुआ, जो स्वतन्त्र और सक्षम तरीके से बाहरी जानकारियां इकट्ठा कर सके।
रॉ का मुख्य काम जानकारी इकट्ठा करना, आतंकवाद को रोकना व गुप्त आपरेशनों को करना इत्यादि है। इसके साथ ही यह विदेशी सरकारों, कंपनियों व व्यक्तियों से मिली जानकारी पर कार्य करता है ताकि भारतीय नीति निर्माताओं को सही सलाह दी जा सके।



Journalist खबरीलाल














