बलरामपुर। वन अधिकारी ने लकड़ी से भरे एक पिकअप वाहन को छत्तीसगढ़ की सीमा से उत्तरप्रदेश जाने के लिए अपने करीबी के फोन पे पर 5 हजार रुपये मंगवा लिए. दरअसल, मामला बलरामपुर वन मंडल के वन परिक्षेत्र वाड्रफनगर अंतर्गत धनवार बॉडर जांच नाके का है. यहां पदस्थ नाका प्रभारी जगदीश पाल को वन संपदाओं की अवैध तस्करी को रोकने की जिम्मेदारी दी गई है.
मामले में एसडीओ वन विभाग अनिल पैकरा ने कहा कि मीडिया के माध्यम से जानकारी लगी. नाके पर पदस्थ वन कर्मी द्वारा नीलगिरी चिरान का परिवहन होना बताया है. पैसे लेने की बात भी सामने आ रही है, जिसकी जांच की जाएगी. आरोप सिद्ध होता है तो उचित कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के पास मामला भेजा जाएगा. यहां देखने वाली बात ये है कि जिस तरह से प्रभारी ने पैसे देने पर गाड़ी को रवाना कर दिया, तो दिन में यहां से कई गाड़ियां जाती हैं, जिसमें अधिकतर गाड़ियां अवैध परिवहन में लगी होती हैं. अगर ऐसा ही चलता रहा तो ऐसे भ्रष्ट लोग पैसे लेकर यूं ही गाड़ियां छोड़ते जाएंगे.
बलरामपुर। वन अधिकारी ने लकड़ी से भरे एक पिकअप वाहन को छत्तीसगढ़ की सीमा से उत्तरप्रदेश जाने के लिए अपने करीबी के फोन पे पर 5 हजार रुपये मंगवा लिए. दरअसल, मामला बलरामपुर वन मंडल के वन परिक्षेत्र वाड्रफनगर अंतर्गत धनवार बॉडर जांच नाके का है. यहां पदस्थ नाका प्रभारी जगदीश पाल को वन संपदाओं की अवैध तस्करी को रोकने की जिम्मेदारी दी गई है.
मामले में एसडीओ वन विभाग अनिल पैकरा ने कहा कि मीडिया के माध्यम से जानकारी लगी. नाके पर पदस्थ वन कर्मी द्वारा नीलगिरी चिरान का परिवहन होना बताया है. पैसे लेने की बात भी सामने आ रही है, जिसकी जांच की जाएगी. आरोप सिद्ध होता है तो उचित कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के पास मामला भेजा जाएगा. यहां देखने वाली बात ये है कि जिस तरह से प्रभारी ने पैसे देने पर गाड़ी को रवाना कर दिया, तो दिन में यहां से कई गाड़ियां जाती हैं, जिसमें अधिकतर गाड़ियां अवैध परिवहन में लगी होती हैं. अगर ऐसा ही चलता रहा तो ऐसे भ्रष्ट लोग पैसे लेकर यूं ही गाड़ियां छोड़ते जाएंगे.



Journalist खबरीलाल














