Breaking News

राधिका खेड़ा ने कहा - पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के इशारे पर सब हुआ, प्रवक्ताओं ने शराब आफर किया था !:

post

नई दिल्ली/रायपुर.  कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने सोमवार को नई दिल्ली में पत्रकारों के साथ छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब भूपेश बघेल के इशारे पर हुआ है। खेड़ा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस प्रवक्ताओं ने उन्हें शराब ऑफर किया था। रामभक्त होने की इतनी बड़ी सजा मिलेगी यह सोची नहीं थी।

खेड़ा ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के बाद मैं अपने घर में भगवा ध्वज लगाया, तो कांग्रेस में आग लग गई। उसी दिन से मुझे डिबेट में जाने से रोका जाने लगा। मेरी राम भक्ति मेरे खिलाफ गई। छत्तीसगढ़ गई, तो पार्टी के नेता उन्हें लगातार अपमानित करते रहे। उन्होंने कहा कि मैं दो बार विधानसभा और एक लोकसभा में छत्तीसगढ़ की मीडिया प्रभारी रही हूं।

जब वो छत्तीसगढ़ गई, तो उस वक्त राहुल गांधी की न्याय यात्रा चल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुशील आनंद शुक्ला ने कोरबा के होटल में उन्हें शराब ऑफर किया, बाद में कांग्रेस के मीडिया के लोग उनका दरवाजा खटखटाते रहे।

राधिका खेड़ा ने राजीव भवन में 30 तारीख की घटना का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि उस दिन शाम 6 बजे सुशील आनंद शुक्ला ने उनके साथ बदतमीजी की और गालियां दी। मैं जोर से चिल्लाई और कमरे में दो और प्रवक्ता थे जिनके इशारे पर कुंडी अंदर बंद कर ली। इसके बाद रोंगटे खड़े हो गए। मुझे दरवाजा खोलने नहीं दिया गया। लगातार वो बदसलूकी करते रहे। मैं आंख बंद करके भगवान कृष्ण को याद करती रही।

राधिका खेड़ा ने आगे कहा कि कांग्रेस दफ्तर, यहां मैं सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करती थी, वहां मैं बंद रही। दरवाजा खोलने के बाद वो प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पवन खेडा, जयराम रमेश को भी जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा को प्रकरण की जानकारी देने की कोशिश की, तो उन्होंने उल्टे मुझसे कहा कि तुम समन्वय बनाकर नहीं चलती हो। बाद में पूर्व सीएम का फोन आया, तो मैंने उन्हें घटना की जानकारी दी। पूर्व सीएम ने कहा कि तुम छत्तीसगढ़ छोड़ दो। छह दिन तक सभी प्रमुख नेताओं से चर्चा की कोशिश करती रही, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। पार्टी की राष्ट्रीय नेत्री डिसूजा उल्टे मुझ पर नाराज हो गई। प्रियंका गांधी के दौरे के समय इसकी जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन सभी सुशील आनंद शुक्ला के बचाव में खड़े हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब भूपेश बघेल के इशारे पर हुआ है। ऐसा क्या है कि पूरी पार्टी और प्रियंका गांधी भूपेश बघेल के लिए चुप्पी साध लेती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रामभक्त होने की इतनी बड़ी सजा मिलेगी? राधिका खेड़ा ने इस पूरे मामले में पुलिस से संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की।


नई दिल्ली/रायपुर.  कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने सोमवार को नई दिल्ली में पत्रकारों के साथ छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब भूपेश बघेल के इशारे पर हुआ है। खेड़ा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस प्रवक्ताओं ने उन्हें शराब ऑफर किया था। रामभक्त होने की इतनी बड़ी सजा मिलेगी यह सोची नहीं थी।

खेड़ा ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के बाद मैं अपने घर में भगवा ध्वज लगाया, तो कांग्रेस में आग लग गई। उसी दिन से मुझे डिबेट में जाने से रोका जाने लगा। मेरी राम भक्ति मेरे खिलाफ गई। छत्तीसगढ़ गई, तो पार्टी के नेता उन्हें लगातार अपमानित करते रहे। उन्होंने कहा कि मैं दो बार विधानसभा और एक लोकसभा में छत्तीसगढ़ की मीडिया प्रभारी रही हूं।

जब वो छत्तीसगढ़ गई, तो उस वक्त राहुल गांधी की न्याय यात्रा चल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुशील आनंद शुक्ला ने कोरबा के होटल में उन्हें शराब ऑफर किया, बाद में कांग्रेस के मीडिया के लोग उनका दरवाजा खटखटाते रहे।

राधिका खेड़ा ने राजीव भवन में 30 तारीख की घटना का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि उस दिन शाम 6 बजे सुशील आनंद शुक्ला ने उनके साथ बदतमीजी की और गालियां दी। मैं जोर से चिल्लाई और कमरे में दो और प्रवक्ता थे जिनके इशारे पर कुंडी अंदर बंद कर ली। इसके बाद रोंगटे खड़े हो गए। मुझे दरवाजा खोलने नहीं दिया गया। लगातार वो बदसलूकी करते रहे। मैं आंख बंद करके भगवान कृष्ण को याद करती रही।

राधिका खेड़ा ने आगे कहा कि कांग्रेस दफ्तर, यहां मैं सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करती थी, वहां मैं बंद रही। दरवाजा खोलने के बाद वो प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पवन खेडा, जयराम रमेश को भी जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा को प्रकरण की जानकारी देने की कोशिश की, तो उन्होंने उल्टे मुझसे कहा कि तुम समन्वय बनाकर नहीं चलती हो। बाद में पूर्व सीएम का फोन आया, तो मैंने उन्हें घटना की जानकारी दी। पूर्व सीएम ने कहा कि तुम छत्तीसगढ़ छोड़ दो। छह दिन तक सभी प्रमुख नेताओं से चर्चा की कोशिश करती रही, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। पार्टी की राष्ट्रीय नेत्री डिसूजा उल्टे मुझ पर नाराज हो गई। प्रियंका गांधी के दौरे के समय इसकी जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन सभी सुशील आनंद शुक्ला के बचाव में खड़े हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब भूपेश बघेल के इशारे पर हुआ है। ऐसा क्या है कि पूरी पार्टी और प्रियंका गांधी भूपेश बघेल के लिए चुप्पी साध लेती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रामभक्त होने की इतनी बड़ी सजा मिलेगी? राधिका खेड़ा ने इस पूरे मामले में पुलिस से संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की।


...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner