हेल्दी फूड्स साबुत अनाज, फल और सब्जियां, दालें होती है। लेकिन ये सारे हेल्दी फूड्स तब तक शरीर को जरूरी पौष्टिक तत्व नहीं देते जब तक कि इन्हें सही तरीके से पकाकर ना खाया जाए। अब इंसान हैं तो खाने को स्वादिष्ट तरीके से खाना ही पसंद करते हैं। लेकिन ये स्वाद आपकी सेहत पर भारी ना पड़ जाए इसलिए इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर ने भी कंप्लीट गाइड लाइन जारी की। जिसमे प्रोटीन सप्लीमेंट्स को ना लेने की सलाह के साथ ही खाने को पकाते समय पड़ने वाले न्यूट्रिशनल वैल्यू के असर पर भी बताया है।
क्या है ICMR की गाइडलाइन
आईसीएमआर की गाइडलाइन की लंबी सी लिस्ट में एक गाइडलाइन कुकिंग मेथड को लेकर भी है। जिसमे खाना पकाने के सही तरीके के साथ ही सही कुकवेयर को इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है।
जानें कौन सी कुकिंग खाने को हेल्दी रखने में मदद करती है।
आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक प्री कुकिंग मेथड से खाने के जरूरी न्यूट्रिशन बने रहते हैं। जैसे
-दालें और अनाज को पकाने से पहले कुछ देर भिगोने से उसमे मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाता है। जो कि इन दालों और अनाज में मौजूद जरूरी मिनरल्स को अब्जॉर्ब होने से रोकता है।
-वहीं सब्जियों को पकाने से पहले कुछ देर गर्म पानी में भिगोने से उनमे मौजूद माइक्रोबियल कम हो जाता है। साथ ही सब्जियों पर लगे पेस्टिसाइड्स, प्रिजर्विंग कलर भी हट जाते हैं।
ब्वॉयलिंग और स्टीमिंग
खाने को पहले उबालने या भाप में पकाने से वाटर सॉल्यूएबल विटामिन और मिनरल्स खत्म नहीं होते। इसलिए फ्राईंग से बचना जरूरी है।
प्रेशर कूकर में बनाने के फायदे
प्रेशर कूकर में खाना बनाने से जरूरी न्यूट्रिएंट्स खाने में बने रहते हैं और खाना पकने में समय भी कम लगता है।
खाना तलने या फ्राई करने के नुकसान
जब खाने को फ्राई किया जाता है तो इससे खाने में फैट कंटेंट बढ़ जाता है। जो कॉर्डियवस्कुलर हेल्थ के लिए ज्यादा मात्रा में खाना बहुत नुकसानदेह है।
रोस्टिंग या ग्रिल करना
खाने को रोस्ट या ग्रिल करने से सबसे हार्मफुल केमिकल मिलते हैं। पॉलीसिलिक एरोमेटिक हाइड्रोकार्बंस और एंडवांस ग्लाइकेशन इंड प्रोडक्ट्स खाने में मौजूद रहते है अगर इन्हें ठीक से कुक ना किया गया तो।
प्री कुकिंग के फायदे
खाने को पकाने से पहले अगर भिगो लिया जाए या फिर सब्जियों को ब्लांच कर लिया जाए। तो इससे ना केवल खाना पकने में कम समय लगता है। बल्कि एनर्जी भी बचती है। साथ ही सारे जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहते हैं।
हेल्दी फूड्स साबुत अनाज, फल और सब्जियां, दालें होती है। लेकिन ये सारे हेल्दी फूड्स तब तक शरीर को जरूरी पौष्टिक तत्व नहीं देते जब तक कि इन्हें सही तरीके से पकाकर ना खाया जाए। अब इंसान हैं तो खाने को स्वादिष्ट तरीके से खाना ही पसंद करते हैं। लेकिन ये स्वाद आपकी सेहत पर भारी ना पड़ जाए इसलिए इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर ने भी कंप्लीट गाइड लाइन जारी की। जिसमे प्रोटीन सप्लीमेंट्स को ना लेने की सलाह के साथ ही खाने को पकाते समय पड़ने वाले न्यूट्रिशनल वैल्यू के असर पर भी बताया है।
क्या है ICMR की गाइडलाइन
आईसीएमआर की गाइडलाइन की लंबी सी लिस्ट में एक गाइडलाइन कुकिंग मेथड को लेकर भी है। जिसमे खाना पकाने के सही तरीके के साथ ही सही कुकवेयर को इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है।
जानें कौन सी कुकिंग खाने को हेल्दी रखने में मदद करती है।
आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक प्री कुकिंग मेथड से खाने के जरूरी न्यूट्रिशन बने रहते हैं। जैसे
-दालें और अनाज को पकाने से पहले कुछ देर भिगोने से उसमे मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाता है। जो कि इन दालों और अनाज में मौजूद जरूरी मिनरल्स को अब्जॉर्ब होने से रोकता है।
-वहीं सब्जियों को पकाने से पहले कुछ देर गर्म पानी में भिगोने से उनमे मौजूद माइक्रोबियल कम हो जाता है। साथ ही सब्जियों पर लगे पेस्टिसाइड्स, प्रिजर्विंग कलर भी हट जाते हैं।
ब्वॉयलिंग और स्टीमिंग
खाने को पहले उबालने या भाप में पकाने से वाटर सॉल्यूएबल विटामिन और मिनरल्स खत्म नहीं होते। इसलिए फ्राईंग से बचना जरूरी है।
प्रेशर कूकर में बनाने के फायदे
प्रेशर कूकर में खाना बनाने से जरूरी न्यूट्रिएंट्स खाने में बने रहते हैं और खाना पकने में समय भी कम लगता है।
खाना तलने या फ्राई करने के नुकसान
जब खाने को फ्राई किया जाता है तो इससे खाने में फैट कंटेंट बढ़ जाता है। जो कॉर्डियवस्कुलर हेल्थ के लिए ज्यादा मात्रा में खाना बहुत नुकसानदेह है।
रोस्टिंग या ग्रिल करना
खाने को रोस्ट या ग्रिल करने से सबसे हार्मफुल केमिकल मिलते हैं। पॉलीसिलिक एरोमेटिक हाइड्रोकार्बंस और एंडवांस ग्लाइकेशन इंड प्रोडक्ट्स खाने में मौजूद रहते है अगर इन्हें ठीक से कुक ना किया गया तो।
प्री कुकिंग के फायदे
खाने को पकाने से पहले अगर भिगो लिया जाए या फिर सब्जियों को ब्लांच कर लिया जाए। तो इससे ना केवल खाना पकने में कम समय लगता है। बल्कि एनर्जी भी बचती है। साथ ही सारे जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहते हैं।



Journalist खबरीलाल














