नई दिल्ली। लेटेस्ट इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं तो पिछले 24 साल से गालियां खा-खा कर गाली प्रूफ बन गया हूं। ‘मौत का सौदागर’ और ‘गंदी नाली का कीड़ा’ किसने कहा था? संसद में हमारे एक साथी ने हिसाब लगाया था, 101 गालियां गिनाई थीं। तो चाहे चुनाव हो या न हो, ये लोग (विपक्ष) मानते हैं कि गालियां देने का हक उनका ही है और वे इतने हताश-निराश हो चुके हैं कि गालियां देना अपशब्द बोलना उनका स्वभाव बन गया है …”
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आरोप ‘पीएम मोदी तय करते हैं कि कौन जेल जाएगा’ इसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बेहतर होगा कि ये लोग संविधान पढ़ लें, देश के कानून पढ़ लें, मुझे किसी को कुछ कहने की जरूरत नहीं है।”
कश्मीर में रिकॉर्ड वोटिंग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया, “मैं चाहूंगा कि कश्मीर की जो स्थिति बदली है उसके संदर्भ में मैं सबसे पहले देश के न्यायतंत्र को प्रार्थना करना चाहता हूं। सरकार के काम करने की रणनीति होती है। उसके लिए कभी मुझे इंटरनेट बंद करना पड़ा, कोई NGO कोर्ट चला गया और कोर्ट में वे मुद्दा बन गया। भले मैंने कुछ समय के लिए इंटरनेट बंद किया था लेकिन आज वहां के बच्चे बहुत गर्व के साथ कहते हैं कि 5 साल से इंटरनेट बंद नहीं हुआ है। 5 साल से हमें सब सुविधाएं मिल रही हैं। कुछ दिन तकलीफ हुई लेकिन अच्छे काम के लिए हुई थी। जो ऐसे NGO हैं जिन्होंने अदालतों के भरोसे लड़ाई शुरू की है उनसे देश को बचाना बहुत जरूरी है।”
धारा 370 हटाने के फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया, “धारा 370 सिर्फ 4-5 परिवारों का एजेंडा था, ये न तो कश्मीर के लोगों का एजेंडा था और न ही देश के लोगों का एजेंडा था। अपने फायदे के लिए उन्होंने 370 की ऐसी दीवार बनाई थी और कहते थे कि 370 हटाओगे तो आग लग जाएगी…आज ये सच हो गया है कि 370 हटने के बाद और एकता का एहसास हो रहा है। कश्मीर के लोगों में अपनेपन की भावना बढ़ रही है और इसलिए इसका सीधा परिणाम चुनाव, पर्यटन में भी दिख रहा है…”
नई दिल्ली। लेटेस्ट इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं तो पिछले 24 साल से गालियां खा-खा कर गाली प्रूफ बन गया हूं। ‘मौत का सौदागर’ और ‘गंदी नाली का कीड़ा’ किसने कहा था? संसद में हमारे एक साथी ने हिसाब लगाया था, 101 गालियां गिनाई थीं। तो चाहे चुनाव हो या न हो, ये लोग (विपक्ष) मानते हैं कि गालियां देने का हक उनका ही है और वे इतने हताश-निराश हो चुके हैं कि गालियां देना अपशब्द बोलना उनका स्वभाव बन गया है …”
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आरोप ‘पीएम मोदी तय करते हैं कि कौन जेल जाएगा’ इसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बेहतर होगा कि ये लोग संविधान पढ़ लें, देश के कानून पढ़ लें, मुझे किसी को कुछ कहने की जरूरत नहीं है।”
कश्मीर में रिकॉर्ड वोटिंग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया, “मैं चाहूंगा कि कश्मीर की जो स्थिति बदली है उसके संदर्भ में मैं सबसे पहले देश के न्यायतंत्र को प्रार्थना करना चाहता हूं। सरकार के काम करने की रणनीति होती है। उसके लिए कभी मुझे इंटरनेट बंद करना पड़ा, कोई NGO कोर्ट चला गया और कोर्ट में वे मुद्दा बन गया। भले मैंने कुछ समय के लिए इंटरनेट बंद किया था लेकिन आज वहां के बच्चे बहुत गर्व के साथ कहते हैं कि 5 साल से इंटरनेट बंद नहीं हुआ है। 5 साल से हमें सब सुविधाएं मिल रही हैं। कुछ दिन तकलीफ हुई लेकिन अच्छे काम के लिए हुई थी। जो ऐसे NGO हैं जिन्होंने अदालतों के भरोसे लड़ाई शुरू की है उनसे देश को बचाना बहुत जरूरी है।”
धारा 370 हटाने के फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया, “धारा 370 सिर्फ 4-5 परिवारों का एजेंडा था, ये न तो कश्मीर के लोगों का एजेंडा था और न ही देश के लोगों का एजेंडा था। अपने फायदे के लिए उन्होंने 370 की ऐसी दीवार बनाई थी और कहते थे कि 370 हटाओगे तो आग लग जाएगी…आज ये सच हो गया है कि 370 हटने के बाद और एकता का एहसास हो रहा है। कश्मीर के लोगों में अपनेपन की भावना बढ़ रही है और इसलिए इसका सीधा परिणाम चुनाव, पर्यटन में भी दिख रहा है…”



Journalist खबरीलाल














