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6 घंटे रहेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, 12 घंटे पूर्व शुरु होगा सूतक काल :

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नई  दिल्ली।  साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर को लगने वाला है। इस ग्रहण का समय रात 09:13 पीएम से अगले दिन सुबह 03:17 एएम तक रहेगा। यह ग्रहण बेहद लंबा होगा और इसकी अवधि करीब 6 घंटे की रहेगी। हालांकि, साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भी भारत में नजर नहीं आएगा, क्योंकि ये ग्रहण रात में लगेगा। आमतौर पर सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पूर्व सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। पूजा-पाठ, मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। गर्भवती महिलाओं को भी सूतक काल में कई सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि, जब सूर्य ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा, तो लोगों को इसे लेकर किसी तरह की सावधानी बरतने की जरूरत नहीं है। आप चाहें, तो इस दौरान भगवान का नाम ले सकते हैं। क्रूर कर्म, सुई धागा का इस्तेमाल, भोजन बनाने जैसे कामों से बचना चाहिए। यह सूतक और ग्रहण काल केवल पूजा भजन एवं तंत्र क्रियाओं के लिए शुभ होता है। इसमें आप किसी मंत्र का जाप करते हैं तो आपको उसका 10 गुणा अधिक फल मिलता है। भारत में साल का दूसरा सूर्य ग्रहण तो नहीं दिखेगा लेकिन आर्कटिक, अर्जेंटीना, फिजी, चिली, पेरू, ब्राजील, न्यूजीलैंड, अंटार्कटिका, प्रशांत महासागर, दक्षिण अमेरिका आदि समेत कई अन्य देशों में भी इस अद्भुत खगोलीय घटना को देखने का अनुभव लोग पा सकेंगे।


नई  दिल्ली।  साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर को लगने वाला है। इस ग्रहण का समय रात 09:13 पीएम से अगले दिन सुबह 03:17 एएम तक रहेगा। यह ग्रहण बेहद लंबा होगा और इसकी अवधि करीब 6 घंटे की रहेगी। हालांकि, साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भी भारत में नजर नहीं आएगा, क्योंकि ये ग्रहण रात में लगेगा। आमतौर पर सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पूर्व सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। पूजा-पाठ, मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। गर्भवती महिलाओं को भी सूतक काल में कई सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि, जब सूर्य ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा, तो लोगों को इसे लेकर किसी तरह की सावधानी बरतने की जरूरत नहीं है। आप चाहें, तो इस दौरान भगवान का नाम ले सकते हैं। क्रूर कर्म, सुई धागा का इस्तेमाल, भोजन बनाने जैसे कामों से बचना चाहिए। यह सूतक और ग्रहण काल केवल पूजा भजन एवं तंत्र क्रियाओं के लिए शुभ होता है। इसमें आप किसी मंत्र का जाप करते हैं तो आपको उसका 10 गुणा अधिक फल मिलता है। भारत में साल का दूसरा सूर्य ग्रहण तो नहीं दिखेगा लेकिन आर्कटिक, अर्जेंटीना, फिजी, चिली, पेरू, ब्राजील, न्यूजीलैंड, अंटार्कटिका, प्रशांत महासागर, दक्षिण अमेरिका आदि समेत कई अन्य देशों में भी इस अद्भुत खगोलीय घटना को देखने का अनुभव लोग पा सकेंगे।


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