Breaking News

Raipur :: आज रिमांड अवधि खत्म; सौम्या, रानू, समीर और सूर्यकांत होंगे कोर्ट में पेश:

post

रायपुर। करोड़ों के कोयला घोटाला केस में ईओडब्ल्यू की रिमांड पर चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव सौम्या चौरसिया, निलंबित आइएएस रानू साहू, समीर बिश्वनोई और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी की रिमांड सोमवार तीन जून को खत्म होगी।

लिहाजा विशेष कोर्ट में चारों को पेश किया जाएगा। रिमांड के दौरान चारों हाईप्रोफाइल आरोपितों को आमने-सामने बैठाकर ईओडब्ल्यू की टीम ने पूछताछ की लेकिन इनसे घोटाले से संबंधित कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई है। लिहाजा ईओडब्ल्यू की ओर से फिर से चारों का रिमांड बढ़ाने आवेदन दिया जा सकता है।

गौरतलब है कि विशेष कोर्ट में पेश किए गए आवेदन में कहा गया है कि सौम्या चौरसिया को सूर्यकांत तिवारी द्वारा अपने रिश्तेदार मनीष उपाध्याय एवं जय नामक व्यक्ति के जरिए 36 करोड़ पहुंचाए गए थे। यह राशि अवैध लेवी के जरिए एकत्रित की गई थी।

वहीं रानू साहू ने सिडिंकेट से जुडे़ सूर्यकांत और उनके सहयोगियों द्वारा कोल कारोबारी एवं ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली करने में मदद की। इसके बदले रिश्वत की रकम अपने भाई पीयूष साहू के माध्यम से बैंकों एवं अपने स्वजनों के नाम पर चल-अचल संपत्तियों की खरीदी की गई है।


रायपुर। करोड़ों के कोयला घोटाला केस में ईओडब्ल्यू की रिमांड पर चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव सौम्या चौरसिया, निलंबित आइएएस रानू साहू, समीर बिश्वनोई और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी की रिमांड सोमवार तीन जून को खत्म होगी।

लिहाजा विशेष कोर्ट में चारों को पेश किया जाएगा। रिमांड के दौरान चारों हाईप्रोफाइल आरोपितों को आमने-सामने बैठाकर ईओडब्ल्यू की टीम ने पूछताछ की लेकिन इनसे घोटाले से संबंधित कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई है। लिहाजा ईओडब्ल्यू की ओर से फिर से चारों का रिमांड बढ़ाने आवेदन दिया जा सकता है।

गौरतलब है कि विशेष कोर्ट में पेश किए गए आवेदन में कहा गया है कि सौम्या चौरसिया को सूर्यकांत तिवारी द्वारा अपने रिश्तेदार मनीष उपाध्याय एवं जय नामक व्यक्ति के जरिए 36 करोड़ पहुंचाए गए थे। यह राशि अवैध लेवी के जरिए एकत्रित की गई थी।

वहीं रानू साहू ने सिडिंकेट से जुडे़ सूर्यकांत और उनके सहयोगियों द्वारा कोल कारोबारी एवं ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली करने में मदद की। इसके बदले रिश्वत की रकम अपने भाई पीयूष साहू के माध्यम से बैंकों एवं अपने स्वजनों के नाम पर चल-अचल संपत्तियों की खरीदी की गई है।


...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner