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हाथरस की घटना के बाद संत प्रेमानंद ने बंद की रात्रि की पदयात्रा:

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मथुरा । हाथरस में सत्संग स्थल पर हुई भगदड़ की घटना के बाद वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज अब रात्रि के समय सड़क पर अनिश्चित काल के लिए भक्तों से नहीं मिलेंगे। उन्होंने भक्तों से रात्रि के समय संत दर्शन के लिए रास्ते में खड़े न होने और भीड़ लगाने से मना किया है।

संत प्रेमानंद के रमणेरती क्षेत्र स्थित श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम में संत के आश्रम से हाथरस घटना के बाद जारी पत्र में कहा गया है कि हाथरस में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और ह्रदय विदारक है, जिसमें हम सब की संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं। उन्होंने ठाकुरजी से प्रार्थना की है कि भविष्य में ऐसी कोई भी घटना न घटे।

उन्होंने अपने अनुयायियों को संदेश दिया कि हाथरस की घटना को देखते हुए सावधानी के तौर पर संत प्रेमानंद महाराज अपने छटीकरा मार्ग स्थित निवास स्थान से रात्रि 2.15 बजे से पद यात्रा करते हुए अपने आश्रम श्रीहित राधा केलि कुंज जाते थे। इस दौरान श्रद्धालु उनके दर्शन करते थे। वह अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि वह रात में रास्ते में दर्शन के लिए खड़े न हो ना ही रास्ते में किसी प्रकार की भीड़ लगाएं।


मथुरा । हाथरस में सत्संग स्थल पर हुई भगदड़ की घटना के बाद वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज अब रात्रि के समय सड़क पर अनिश्चित काल के लिए भक्तों से नहीं मिलेंगे। उन्होंने भक्तों से रात्रि के समय संत दर्शन के लिए रास्ते में खड़े न होने और भीड़ लगाने से मना किया है।

संत प्रेमानंद के रमणेरती क्षेत्र स्थित श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम में संत के आश्रम से हाथरस घटना के बाद जारी पत्र में कहा गया है कि हाथरस में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और ह्रदय विदारक है, जिसमें हम सब की संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं। उन्होंने ठाकुरजी से प्रार्थना की है कि भविष्य में ऐसी कोई भी घटना न घटे।

उन्होंने अपने अनुयायियों को संदेश दिया कि हाथरस की घटना को देखते हुए सावधानी के तौर पर संत प्रेमानंद महाराज अपने छटीकरा मार्ग स्थित निवास स्थान से रात्रि 2.15 बजे से पद यात्रा करते हुए अपने आश्रम श्रीहित राधा केलि कुंज जाते थे। इस दौरान श्रद्धालु उनके दर्शन करते थे। वह अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि वह रात में रास्ते में दर्शन के लिए खड़े न हो ना ही रास्ते में किसी प्रकार की भीड़ लगाएं।


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