केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह बहुत आवश्यक खबर है। यह इसलिए जरूरी है
क्योंकि यह डीए DA महंगाई भत्ते से जुड़ी है। सब कुछ ठीक रहा तो केंद्रीय
कर्मचारियों को भविष्य में अच्छा खास महंगाई भत्ता मिलने का रास्ता
साफ हो जाएगा। श्रम मंत्रालय की बैठक शुरू हो चुकी है। केंद्रीय श्रम एवं
रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार इस दिन नया CPI-IW सीपीआई-आईडब्ल्यू
सूचकांक जारी कर सकते हैं। इसमें अनुमान है कि केंद्र सरकार दिवाली से
पहले ही केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन बढ़ा सकती है। यह उपभोक्ता मूल्य
सूचकांक यानी CPI-IW के बेस ईयर यानी आधार वर्ष में बदलाव करने से संभव हो
सकेगा। अगर सरकार इस आधार वर्ष को 2016 कर देती है तो कर्मचारियों को दिए
जाने वाले महंगाई भत्ते DA में इजाफा होना तय है। इस परिवर्तन से देश के
48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को सीधे तौर पर फायदा होगा। कर्मचारियों का
वेतन बढ़ना तय है क्योंकि वेतन एवं डीए का आकलन इस सीपीआई-आईडब्ल्यू पर ही
आधारित होता है। जब इसे आधार वर्ष में परिवर्तित किया जाता है तो सीधा
महंगाई भत्ते पर प्रभाव पड़ता है। उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि
सीपीआई-आईडब्ल्यू के आधार वर्ष को बदलने से निजी क्षेत्र के कामगारों के
न्यूनतम वेतन में भी इजाफा होगा। सरकार इस उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW)
के आधार वर्ष में परिवर्तन कर सकती है और इस संबंध में डिटेल जानकारी जारी
कर सकती है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक एक महत्वपूर्ण मापदंड है। इसका
इस्तेमाल सेवाओं एवं वस्तुओं की एवरेज वैल्यू यानी औसत मूल्य के माप के
लिए किया जाता रहा है। वस्तुओं एवं सेवाओं (goods and services) के एक
स्टैंडर्ड ग्रुप की औसत मूल्य की गणना करके इसका कैल्क्युलेशन किया
जाता है। इसका इस्तेमाल अर्थव्यवस्था में खुदरा मुद्रास्फीति का आकलन
करने एवं कर्मचारियों के DA महंगाई भत्ते की गणना के लिए भी होता है।
इस वर्ष के आरंभ में केंद्र सरकार ने डीए के भुगतान को हरी झंडी दे दी थी
और प्रक्रिया भी शुरू होने वाली थी लेकिन मार्च में कोरोना महामारी के चलते
लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान डीए के भुगतान पर रोक लगा दी गई। यह
रोक वर्ष 2021 तक के लिए लगाई गई है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को
जो महंगाई भत्ते का भुगतान किया जा रहा है वह 17 प्रतिशत है। पिछले दिनों
ही सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए दिवाली प्री-पेड उपहार घोषित किया
था। इस शॉपिंग कार्ड का उपयोग कर्मचारी 31 मार्च, 2021 तक कर सकते हैं।
लाखों सरकारी कर्मचारियों को खुशखबरी, इस महीने से बढ़कर मिलेगा वेतन
ढाई
लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने अब यह निर्णय लिया
है कि अक्टूबर के महीने में कर्मचारिेयों से एक दिन की वेतन कटौती नहीं
की जाएगी। यह निर्णय उत्तराखंड राज्य सरकार ने किया है। इस फैसले से ढाई
लाख कर्मचारियों को राहत मिलेगी। दिवाली से पहले इस फैसले को कर्मचारियों
के लिए सौगात माना जा रहा है। राज्य सरकार ने ताजा फैसले में यह तय किया
है कि अब कर्मचारियों का एक दिन का वेतन नहीं काटा जाएगा। कोरोना संकट के
बाद उपजी आर्थिक समस्याओं के चलते शासन ने कर्मचारियों के वेतन में से
कटौती का निर्णय लिया था। अब इसे हटा लिया गया है। नई व्यवस्था में सरकार
ने जो तय किया है, उसके अनुसार कोरोना राहत कोष के लिए आईएएस, आईपीएस,
आईएफएस अधिकारियों सहित विधायकों को छोड़कर सारे कर्मचारियों को इस कटौती
से मुक्त रखा गया है। यह आदेश एक अक्टूबर से लागू माना जाएगा। यानी नवंबर
में मिलने वाली सैलेरी बढ़कर मिलेगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय
लिया गया। खास बात यह है कि अक्टूबर के बाद भी यह व्यवस्था जारी रहेगी।
हालांकि मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का
एक दिन का वेतन अभी काटा जाएगा। कर्मचारी संगठन इस संबंध में लंबे समय से
मांग करते चले आ रहे थे कि उनका वेतन अब ना काटा जाए।
उत्तर प्रदेश के दस लाख राज्य कर्मचारियों को मिलेगी त्योहारों पर सौगात
त्योहारों
के मौके पर बाजार में मांग बढ़ाकर आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के
उद्देश्य से केंद्र की तर्ज पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी राज्य
कर्मचारियों को स्पेशल फेस्टिवल पैकेज के रूप में 10,000 रुपये और अवकाश
यात्रा सुविधा (एलटीसी) के बदले स्पेशल कैश पैकेज देने जा रही है। एलटीसी
के बदले स्पेशल कैश पैकेज के तहत कर्मचारी को 24,000 रुपये दिये जाएंगे।
प्रदेश में 10 लाख राज्य कर्मचारी हैं जिन्हें त्योहारी सीजन में यह सौगात
मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद वित्त विभाग ने इस
बाबत प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं, जिन्हें जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी दिलाने
की तैयारी है।
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह बहुत आवश्यक खबर है। यह इसलिए जरूरी है
क्योंकि यह डीए DA महंगाई भत्ते से जुड़ी है। सब कुछ ठीक रहा तो केंद्रीय
कर्मचारियों को भविष्य में अच्छा खास महंगाई भत्ता मिलने का रास्ता
साफ हो जाएगा। श्रम मंत्रालय की बैठक शुरू हो चुकी है। केंद्रीय श्रम एवं
रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार इस दिन नया CPI-IW सीपीआई-आईडब्ल्यू
सूचकांक जारी कर सकते हैं। इसमें अनुमान है कि केंद्र सरकार दिवाली से
पहले ही केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन बढ़ा सकती है। यह उपभोक्ता मूल्य
सूचकांक यानी CPI-IW के बेस ईयर यानी आधार वर्ष में बदलाव करने से संभव हो
सकेगा। अगर सरकार इस आधार वर्ष को 2016 कर देती है तो कर्मचारियों को दिए
जाने वाले महंगाई भत्ते DA में इजाफा होना तय है। इस परिवर्तन से देश के
48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को सीधे तौर पर फायदा होगा। कर्मचारियों का
वेतन बढ़ना तय है क्योंकि वेतन एवं डीए का आकलन इस सीपीआई-आईडब्ल्यू पर ही
आधारित होता है। जब इसे आधार वर्ष में परिवर्तित किया जाता है तो सीधा
महंगाई भत्ते पर प्रभाव पड़ता है। उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि
सीपीआई-आईडब्ल्यू के आधार वर्ष को बदलने से निजी क्षेत्र के कामगारों के
न्यूनतम वेतन में भी इजाफा होगा। सरकार इस उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW)
के आधार वर्ष में परिवर्तन कर सकती है और इस संबंध में डिटेल जानकारी जारी
कर सकती है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक एक महत्वपूर्ण मापदंड है। इसका
इस्तेमाल सेवाओं एवं वस्तुओं की एवरेज वैल्यू यानी औसत मूल्य के माप के
लिए किया जाता रहा है। वस्तुओं एवं सेवाओं (goods and services) के एक
स्टैंडर्ड ग्रुप की औसत मूल्य की गणना करके इसका कैल्क्युलेशन किया
जाता है। इसका इस्तेमाल अर्थव्यवस्था में खुदरा मुद्रास्फीति का आकलन
करने एवं कर्मचारियों के DA महंगाई भत्ते की गणना के लिए भी होता है।
इस वर्ष के आरंभ में केंद्र सरकार ने डीए के भुगतान को हरी झंडी दे दी थी
और प्रक्रिया भी शुरू होने वाली थी लेकिन मार्च में कोरोना महामारी के चलते
लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान डीए के भुगतान पर रोक लगा दी गई। यह
रोक वर्ष 2021 तक के लिए लगाई गई है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को
जो महंगाई भत्ते का भुगतान किया जा रहा है वह 17 प्रतिशत है। पिछले दिनों
ही सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए दिवाली प्री-पेड उपहार घोषित किया
था। इस शॉपिंग कार्ड का उपयोग कर्मचारी 31 मार्च, 2021 तक कर सकते हैं।
लाखों सरकारी कर्मचारियों को खुशखबरी, इस महीने से बढ़कर मिलेगा वेतन
ढाई
लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने अब यह निर्णय लिया
है कि अक्टूबर के महीने में कर्मचारिेयों से एक दिन की वेतन कटौती नहीं
की जाएगी। यह निर्णय उत्तराखंड राज्य सरकार ने किया है। इस फैसले से ढाई
लाख कर्मचारियों को राहत मिलेगी। दिवाली से पहले इस फैसले को कर्मचारियों
के लिए सौगात माना जा रहा है। राज्य सरकार ने ताजा फैसले में यह तय किया
है कि अब कर्मचारियों का एक दिन का वेतन नहीं काटा जाएगा। कोरोना संकट के
बाद उपजी आर्थिक समस्याओं के चलते शासन ने कर्मचारियों के वेतन में से
कटौती का निर्णय लिया था। अब इसे हटा लिया गया है। नई व्यवस्था में सरकार
ने जो तय किया है, उसके अनुसार कोरोना राहत कोष के लिए आईएएस, आईपीएस,
आईएफएस अधिकारियों सहित विधायकों को छोड़कर सारे कर्मचारियों को इस कटौती
से मुक्त रखा गया है। यह आदेश एक अक्टूबर से लागू माना जाएगा। यानी नवंबर
में मिलने वाली सैलेरी बढ़कर मिलेगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय
लिया गया। खास बात यह है कि अक्टूबर के बाद भी यह व्यवस्था जारी रहेगी।
हालांकि मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का
एक दिन का वेतन अभी काटा जाएगा। कर्मचारी संगठन इस संबंध में लंबे समय से
मांग करते चले आ रहे थे कि उनका वेतन अब ना काटा जाए।
उत्तर प्रदेश के दस लाख राज्य कर्मचारियों को मिलेगी त्योहारों पर सौगात
त्योहारों
के मौके पर बाजार में मांग बढ़ाकर आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के
उद्देश्य से केंद्र की तर्ज पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी राज्य
कर्मचारियों को स्पेशल फेस्टिवल पैकेज के रूप में 10,000 रुपये और अवकाश
यात्रा सुविधा (एलटीसी) के बदले स्पेशल कैश पैकेज देने जा रही है। एलटीसी
के बदले स्पेशल कैश पैकेज के तहत कर्मचारी को 24,000 रुपये दिये जाएंगे।
प्रदेश में 10 लाख राज्य कर्मचारी हैं जिन्हें त्योहारी सीजन में यह सौगात
मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद वित्त विभाग ने इस
बाबत प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं, जिन्हें जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी दिलाने
की तैयारी है।



Journalist खबरीलाल














