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अपर कलेक्टर ने किया उद्यानिकी कृषक परिक्षेत्र ग्राम भोथली एवं ओरमा का भ्रमण:

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बालोद। अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक ने आज जिले के बालोद विकासखण्ड के ग्राम भोथली तथा ओरमा में कृषक उद्यानिकी परिक्षेत्र का भ्रमण कर जिले में उद्यानिकी फसलों की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान श्री कौशिक ने कृषकों से बातचीत कर उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में लगने वाली कुल लागत, आमदनी एवं इसकी बिक्री की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। बालोद विकासखण्ड के ग्राम ओरमा के कृषक उद्यानिकी परिक्षेत्र में कृषक गिरधारी लाल निषाद ने बताया कि वे 01 एकड़ में टमाटर तथा 01 एकड़ भूमि में करेले की खेती कर रहे हैं। उनके द्वारा ड्रीप एवं माल्चिंग पद्धति से इन फसलों की खेती की जा रही है। कृषक गिरधारी लाल ने बताया कि वर्तमान में करेले की खेती में 35 से 40 क्विंटल का उत्पादन हो रहा है। इसके साथ-साथ उन्होंने प्रति एकड़ 40 टन टमाटर उत्पादन होने की संभावना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि करेले की खेती की लागत प्रति एकड़ 80 हजार से 01 लाख तक फसल चक्र में आ जाता है। उन्होंने करेले की खेती से 02 से सवा 02 लाख तक आमदनी होने की जानकारी दी। कृषक ने बताया कि टमाटर एवं करेले की फसल में स्टीकी ट्रेप तथा फेरोमोन टेªप का उपयोग किया जाता है। जिससे कीटों का प्रबंधन होता है और फसल उत्पादन में लागत भी कम आती है। इस दौरान सहायक संचालक उद्यानिकी श्री कंवर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


बालोद। अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक ने आज जिले के बालोद विकासखण्ड के ग्राम भोथली तथा ओरमा में कृषक उद्यानिकी परिक्षेत्र का भ्रमण कर जिले में उद्यानिकी फसलों की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान श्री कौशिक ने कृषकों से बातचीत कर उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में लगने वाली कुल लागत, आमदनी एवं इसकी बिक्री की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। बालोद विकासखण्ड के ग्राम ओरमा के कृषक उद्यानिकी परिक्षेत्र में कृषक गिरधारी लाल निषाद ने बताया कि वे 01 एकड़ में टमाटर तथा 01 एकड़ भूमि में करेले की खेती कर रहे हैं। उनके द्वारा ड्रीप एवं माल्चिंग पद्धति से इन फसलों की खेती की जा रही है। कृषक गिरधारी लाल ने बताया कि वर्तमान में करेले की खेती में 35 से 40 क्विंटल का उत्पादन हो रहा है। इसके साथ-साथ उन्होंने प्रति एकड़ 40 टन टमाटर उत्पादन होने की संभावना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि करेले की खेती की लागत प्रति एकड़ 80 हजार से 01 लाख तक फसल चक्र में आ जाता है। उन्होंने करेले की खेती से 02 से सवा 02 लाख तक आमदनी होने की जानकारी दी। कृषक ने बताया कि टमाटर एवं करेले की फसल में स्टीकी ट्रेप तथा फेरोमोन टेªप का उपयोग किया जाता है। जिससे कीटों का प्रबंधन होता है और फसल उत्पादन में लागत भी कम आती है। इस दौरान सहायक संचालक उद्यानिकी श्री कंवर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


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