प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में आज से चुनाव
प्रचार शुरू किया। पहली रैली सासाराम में की। यहां उन्होंने राजद नेता
रघुवंश प्रसाद सिंह और लोजपा नेता रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दी,
लेकिन रामविलास के बेटे चिराग पासवान का नाम लेने से बचे। वही चिराग,
जिन्होंने खुद को मोदी का हनुमान बताया था। मोदी के इस रुख की दो वजहें हो सकती हैं...
1.
मोदी ने रामविलास पासवान का नाम इसलिए लिया क्योंकि एक बड़ा वोट बैंक
पासवान और उनकी पार्टी से जुड़ा रहा है। मोदी उनके समर्थकों को नाराज नहीं
करना चाहते।
2. प्रधानमंत्री ने चिराग का नाम नहीं
लिया। इसका कारण यह हो सकता है कि चुनाव नतीजे किसी भी तरफ जा सकते हैं,
इसलिए वे चिराग के खिलाफ कुछ बोलकर उन्हें नाराज नहीं करना चाहते। पिछले
दिनों चिराग ने भी मोदी के बारे में कहा था कि मुझे उनकी तस्वीरें लगाने की
जरूरत नहीं है। मैं उनका हनुमान हूं। हनुमान की तरह चीर कर देख लें मेरा
सीना, मेरे दिल में प्रधानमंत्री मोदी बसते हैं।
चुनाव बिहार में, मुद्दा कश्मीर का
सासाराम
में अपनी पहली जनसभा की शुरुआत करते हुए मोदी ने कहा- ‘बिहार ने अपने दो
सपूतों को खोया है। मैं रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि देता हूं। उसी तरह
से रघुवंश प्रसाद सिंह जी भी हमारे साथ नहीं हैं।’
यहां
उन्होंने कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। कहा, ‘ये लोग (विपक्ष) कह रहे हैं कि
सत्ता में आए तो आर्टिकल 370 फिर लागू कर देंगे। इतना सब कहकर ये बिहार के
लोगों से वोट मांगने की हिम्मत कर रहे हैं। क्या के बिहार के लोगों का
अपमान नहीं है। ये लोग जिसकी चाहे मदद ले लें, देश अपने फैसलों से पीछे
नहीं हटेगा।’
राजद, यूपीए पर निशाना
मोदी
ने लालू के कार्यकाल और केंद्र में रही यूपीए सरकार का जिक्र करते हुए
कहा, ‘आपने इन्हें भरोसे के साथ सत्ता सौंपी थी, लेकिन उन्होंने इसे कमाई
का जरिया बना लिया। जब सत्ता से बेदखल किया, तो उनके अंदर जहर भर गया। 10
साल तक यूपीए की सरकार में रहते हुए बिहार पर गुस्सा निकाला। ये लोग बिहार
की हर योजना को लटकाने और भटकाने वाले हैं। 15 साल तक अपने शासन के दौरान
इन्होंने बिहार को लूटा-खसोटा है।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में आज से चुनाव
प्रचार शुरू किया। पहली रैली सासाराम में की। यहां उन्होंने राजद नेता
रघुवंश प्रसाद सिंह और लोजपा नेता रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दी,
लेकिन रामविलास के बेटे चिराग पासवान का नाम लेने से बचे। वही चिराग,
जिन्होंने खुद को मोदी का हनुमान बताया था। मोदी के इस रुख की दो वजहें हो सकती हैं...
1.
मोदी ने रामविलास पासवान का नाम इसलिए लिया क्योंकि एक बड़ा वोट बैंक
पासवान और उनकी पार्टी से जुड़ा रहा है। मोदी उनके समर्थकों को नाराज नहीं
करना चाहते।
2. प्रधानमंत्री ने चिराग का नाम नहीं
लिया। इसका कारण यह हो सकता है कि चुनाव नतीजे किसी भी तरफ जा सकते हैं,
इसलिए वे चिराग के खिलाफ कुछ बोलकर उन्हें नाराज नहीं करना चाहते। पिछले
दिनों चिराग ने भी मोदी के बारे में कहा था कि मुझे उनकी तस्वीरें लगाने की
जरूरत नहीं है। मैं उनका हनुमान हूं। हनुमान की तरह चीर कर देख लें मेरा
सीना, मेरे दिल में प्रधानमंत्री मोदी बसते हैं।
चुनाव बिहार में, मुद्दा कश्मीर का
सासाराम
में अपनी पहली जनसभा की शुरुआत करते हुए मोदी ने कहा- ‘बिहार ने अपने दो
सपूतों को खोया है। मैं रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि देता हूं। उसी तरह
से रघुवंश प्रसाद सिंह जी भी हमारे साथ नहीं हैं।’
यहां
उन्होंने कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। कहा, ‘ये लोग (विपक्ष) कह रहे हैं कि
सत्ता में आए तो आर्टिकल 370 फिर लागू कर देंगे। इतना सब कहकर ये बिहार के
लोगों से वोट मांगने की हिम्मत कर रहे हैं। क्या के बिहार के लोगों का
अपमान नहीं है। ये लोग जिसकी चाहे मदद ले लें, देश अपने फैसलों से पीछे
नहीं हटेगा।’
राजद, यूपीए पर निशाना
मोदी
ने लालू के कार्यकाल और केंद्र में रही यूपीए सरकार का जिक्र करते हुए
कहा, ‘आपने इन्हें भरोसे के साथ सत्ता सौंपी थी, लेकिन उन्होंने इसे कमाई
का जरिया बना लिया। जब सत्ता से बेदखल किया, तो उनके अंदर जहर भर गया। 10
साल तक यूपीए की सरकार में रहते हुए बिहार पर गुस्सा निकाला। ये लोग बिहार
की हर योजना को लटकाने और भटकाने वाले हैं। 15 साल तक अपने शासन के दौरान
इन्होंने बिहार को लूटा-खसोटा है।’



Journalist खबरीलाल














