केंद्रीय कृषि संशोधित बिल के विरोध में छत्तीसगढ़
सरकार मुखर होती जा रही है। एक ओर जहां इस बिल के विरोध में नया कानून लाने
की तैयारी है, वहीं सड़क पर भी आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश के कृषि मंत्री
रविंद्र चौबे ने कहा कि केंद्र के कृषि कानून को राज्य में निष्प्रभावी
करने के लिए नए कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इसे विधानसभा में
पारित कराया जाएगा।
कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने
कहा, छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की धान खरीदी और चावल वितरण योजना को जारी
रखना चाहती है। इसके लिए नए कानून की जरूरत पड़ी है। वहीं भाजपा के आरोपों
को लेकर कहा, उन्हें केंद्र सरकार से पूछना चाहिए कि कृषि बिल में समर्थन
मूल्य का जिक्र क्यों नहीं किया है। केंद्र की सरकार किसानों को नुकसान
पहुंचाने वाला कानून क्यों बनाने का फैसला ले रही है?
दलहन-तिलहन का भी स्टॉक किया जाएगा डंप
कृषि
मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि अभी तो केवल प्याज के दाम बढ़े हैं। आगामी
दिनों में दलहन-तिलहन का बंपर स्टाक रखकर मार्केट में ज्यादा दाम में बेचा
जाएगा। उन्होंने कहा, केंद्रीय कृषि विधेयक के खिलाफ प्रदेश में चरणबद्ध
आंदोलन करेंगे। इसका प्रदेश में लगातार आयोजन होगा। इसकी शुरुआत 7 नवंबर को
ट्रैक्टर रैली निकाल कर की जाएगी।
केंद्रीय कृषि संशोधित बिल के विरोध में छत्तीसगढ़
सरकार मुखर होती जा रही है। एक ओर जहां इस बिल के विरोध में नया कानून लाने
की तैयारी है, वहीं सड़क पर भी आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश के कृषि मंत्री
रविंद्र चौबे ने कहा कि केंद्र के कृषि कानून को राज्य में निष्प्रभावी
करने के लिए नए कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इसे विधानसभा में
पारित कराया जाएगा।
कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने
कहा, छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की धान खरीदी और चावल वितरण योजना को जारी
रखना चाहती है। इसके लिए नए कानून की जरूरत पड़ी है। वहीं भाजपा के आरोपों
को लेकर कहा, उन्हें केंद्र सरकार से पूछना चाहिए कि कृषि बिल में समर्थन
मूल्य का जिक्र क्यों नहीं किया है। केंद्र की सरकार किसानों को नुकसान
पहुंचाने वाला कानून क्यों बनाने का फैसला ले रही है?
दलहन-तिलहन का भी स्टॉक किया जाएगा डंप
कृषि
मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि अभी तो केवल प्याज के दाम बढ़े हैं। आगामी
दिनों में दलहन-तिलहन का बंपर स्टाक रखकर मार्केट में ज्यादा दाम में बेचा
जाएगा। उन्होंने कहा, केंद्रीय कृषि विधेयक के खिलाफ प्रदेश में चरणबद्ध
आंदोलन करेंगे। इसका प्रदेश में लगातार आयोजन होगा। इसकी शुरुआत 7 नवंबर को
ट्रैक्टर रैली निकाल कर की जाएगी।



Journalist खबरीलाल














