दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने सोमवार को पहली बार 120,000 डॉलर का ऐतिहासिक स्तर पार कर लिया। यह उछाल इसलिए आया, क्योंकि निवेशकों को इस हफ्ते क्रिप्टो इंडस्ट्रीज के लिए बड़े नियमों में बदलाव की उम्मीद है। रायटर्स के मुताबिक सोमवार से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में ऐसे कई प्रस्तावों पर बहस शुरू हो रही है जो डिजिटल एसेट इंडस्ट्रीज को नए नियम दे सकते हैं। ये वो नियम हैं, जिनकी मांग उद्योग लंबे समय से कर रहा था।
ट्रंप का 'क्रिप्टो प्रेसीडेंट' दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को 'क्रिप्टो प्रेसीडेंट' कहा है और नीति निर्माताओं से उद्योग के पक्ष में नियम बदलने का आग्रह किया है। हालांकि, उनके विवादास्पद टैरिफ के बावजूद बिटकॉइन ने यह उछाल दर्ज की।
बिटकॉइन का शानदार प्रदर्शन
इन उम्मीदों के बीच सोमवार को एशियाई बाजार में बिटकॉइन $121,207.55 के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा और बाद में $120,856.34 पर कारोबार कर रहा था। इस साल अब तक बिटकॉइन में 29% का उछाल आया है।
पूरे क्रिप्टो बाजार में हरियाली
बिटकॉइन की तेजी ने पिछले कुछ हफ्तों में अन्य क्रिप्टोकरेंसी को भी ऊपर चढ़ाया है। दूसरी सबसे बड़ी करेंसी ईथर भी सोमवार को $3,048.23 के पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची। कॉइनमार्केटकैप के मुताबिक, पूरे क्रिप्टो बाजार की कुल कीमत अब लगभग $3.78 ट्रिलियन हो गई है।
बिटकॉइन का जन्म: एक रहस्यमय शुरुआत (2008-2009)
2008 में "सातोशी नाकामोटो" नाम के एक गुमनाम व्यक्ति (या समूह) ने एक शोध पत्र प्रकाशित किया, जिसमें एक "पीर-टू-पीर इलेक्ट्रॉनिक कैश सिस्टम" का विचार था। 3 जनवरी 2009 को इसी विचार पर आधारित बिटकॉइन नेटवर्क लॉन्च हुआ और पहला ब्लॉक ("जेनेसिस ब्लॉक") बनाया गया। शुरुआत में इसकी कीमत लगभग शून्य थी।
पहला वास्तविक लेनदेन: पिज्जा का ऐतिहासिक सौदा (2010)
22 मई 2010 को लास्ज्लो हानेयेस नामक प्रोग्रामर ने 10,000 बिटकॉइन देकर दो पिज्जा खरीदे। यह दुनिया का पहला सामान के बदले बिटकॉइन लेनदेन था। उस समय 10,000 BTC की कीमत सिर्फ ~$41 थी, आज यह अरबों डॉलर के बराबर है।
हैकिंग और विवाद (2011-2016)
2011: बिटकॉइन पहली बार $1 के पार गया, फिर $31 तक पहुंचा, पर जल्दी गिरकर $2 रह गया।
2013: साइप्रस बैंकिंग संकट के दौरान बिटकॉइन पहली बार $1,000 पार किया।
2014: दुनिया की सबसे बड़ी बिटकॉइन एक्सचेंज माउंट गॉक्स हैक हुई। 8.5 लाख BTC चोरी होने से बाजार हिल गया।
2015: ब्लॉकचेन तकनीक को बैंकों और कंपनियों ने गंभीरता से लेना शुरू किया।
मुख्यधारा में प्रवेश (2017-2020)
2017: जापान ने बिटकॉइन को कानूनी मान्यता दी। कीमत पहली बार $19,783 तक पहुंची, फिर 2018 में $3,200 तक गिरी।
2020: कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्रीय बैंकों द्वारा पैसा छापने से निवेशकों ने बिटकॉइन को "डिजिटल गोल्ड" मानना शुरू किया। दिसंबर 2020 में यह $28,000 पार किया।
संस्थागत क्रांति और नई ऊंचाइयां (2021-अब तक)
2021: टेस्ला, माइक्रोस्ट्रैटेजी जैसी कंपनियों ने बिटकॉइन खरीदा। नवंबर में यह $68,990 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।
2022: ब्याज दरें बढ़ने और FTX एक्सचेंज के पतन से बाजार गिरा। कीमत $16,000 तक आई।
2023-2024: अमेरिकी SEC द्वारा स्पॉट बिटकॉइन ETF को मंजूरी मिलने से संस्थागत निवेश बढ़ा। मार्च 2024 में बिटकॉइन ने $73,000 तोड़ा।
2025: नियमन की उम्मीदों और कम आपूर्ति के चलते बिटकॉइन ने $120,000 का नया इतिहास रचा।
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने सोमवार को पहली बार 120,000 डॉलर का ऐतिहासिक स्तर पार कर लिया। यह उछाल इसलिए आया, क्योंकि निवेशकों को इस हफ्ते क्रिप्टो इंडस्ट्रीज के लिए बड़े नियमों में बदलाव की उम्मीद है। रायटर्स के मुताबिक सोमवार से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में ऐसे कई प्रस्तावों पर बहस शुरू हो रही है जो डिजिटल एसेट इंडस्ट्रीज को नए नियम दे सकते हैं। ये वो नियम हैं, जिनकी मांग उद्योग लंबे समय से कर रहा था।
ट्रंप का 'क्रिप्टो प्रेसीडेंट' दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को 'क्रिप्टो प्रेसीडेंट' कहा है और नीति निर्माताओं से उद्योग के पक्ष में नियम बदलने का आग्रह किया है। हालांकि, उनके विवादास्पद टैरिफ के बावजूद बिटकॉइन ने यह उछाल दर्ज की।
बिटकॉइन का शानदार प्रदर्शन
इन उम्मीदों के बीच सोमवार को एशियाई बाजार में बिटकॉइन $121,207.55 के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा और बाद में $120,856.34 पर कारोबार कर रहा था। इस साल अब तक बिटकॉइन में 29% का उछाल आया है।
पूरे क्रिप्टो बाजार में हरियाली
बिटकॉइन की तेजी ने पिछले कुछ हफ्तों में अन्य क्रिप्टोकरेंसी को भी ऊपर चढ़ाया है। दूसरी सबसे बड़ी करेंसी ईथर भी सोमवार को $3,048.23 के पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची। कॉइनमार्केटकैप के मुताबिक, पूरे क्रिप्टो बाजार की कुल कीमत अब लगभग $3.78 ट्रिलियन हो गई है।
बिटकॉइन का जन्म: एक रहस्यमय शुरुआत (2008-2009)
2008 में "सातोशी नाकामोटो" नाम के एक गुमनाम व्यक्ति (या समूह) ने एक शोध पत्र प्रकाशित किया, जिसमें एक "पीर-टू-पीर इलेक्ट्रॉनिक कैश सिस्टम" का विचार था। 3 जनवरी 2009 को इसी विचार पर आधारित बिटकॉइन नेटवर्क लॉन्च हुआ और पहला ब्लॉक ("जेनेसिस ब्लॉक") बनाया गया। शुरुआत में इसकी कीमत लगभग शून्य थी।
पहला वास्तविक लेनदेन: पिज्जा का ऐतिहासिक सौदा (2010)
22 मई 2010 को लास्ज्लो हानेयेस नामक प्रोग्रामर ने 10,000 बिटकॉइन देकर दो पिज्जा खरीदे। यह दुनिया का पहला सामान के बदले बिटकॉइन लेनदेन था। उस समय 10,000 BTC की कीमत सिर्फ ~$41 थी, आज यह अरबों डॉलर के बराबर है।
हैकिंग और विवाद (2011-2016)
2011: बिटकॉइन पहली बार $1 के पार गया, फिर $31 तक पहुंचा, पर जल्दी गिरकर $2 रह गया।
2013: साइप्रस बैंकिंग संकट के दौरान बिटकॉइन पहली बार $1,000 पार किया।
2014: दुनिया की सबसे बड़ी बिटकॉइन एक्सचेंज माउंट गॉक्स हैक हुई। 8.5 लाख BTC चोरी होने से बाजार हिल गया।
2015: ब्लॉकचेन तकनीक को बैंकों और कंपनियों ने गंभीरता से लेना शुरू किया।
मुख्यधारा में प्रवेश (2017-2020)
2017: जापान ने बिटकॉइन को कानूनी मान्यता दी। कीमत पहली बार $19,783 तक पहुंची, फिर 2018 में $3,200 तक गिरी।
2020: कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्रीय बैंकों द्वारा पैसा छापने से निवेशकों ने बिटकॉइन को "डिजिटल गोल्ड" मानना शुरू किया। दिसंबर 2020 में यह $28,000 पार किया।
संस्थागत क्रांति और नई ऊंचाइयां (2021-अब तक)
2021: टेस्ला, माइक्रोस्ट्रैटेजी जैसी कंपनियों ने बिटकॉइन खरीदा। नवंबर में यह $68,990 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।
2022: ब्याज दरें बढ़ने और FTX एक्सचेंज के पतन से बाजार गिरा। कीमत $16,000 तक आई।
2023-2024: अमेरिकी SEC द्वारा स्पॉट बिटकॉइन ETF को मंजूरी मिलने से संस्थागत निवेश बढ़ा। मार्च 2024 में बिटकॉइन ने $73,000 तोड़ा।
2025: नियमन की उम्मीदों और कम आपूर्ति के चलते बिटकॉइन ने $120,000 का नया इतिहास रचा।



Journalist खबरीलाल














