नई दिल्ली. सावन का आज पहला सोमवार है। सावन में भोलेनाथ की आराधना करना पुण्यदायक माना जाता है। ये महीना शिव भक्ति को समर्पित है। सावन माह में शिव पुराण का पाठ करना चाहिए। इससे जीवन में शांति, संतुलन और संयम आता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव पुराण का श्रवण करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को कष्टों से मुक्ति प्रदान करते हैं।
शिव पुराण पढ़ने का सही तरीका: शिव पुराण का का पाठ और शिव भगवान की पूजा करने से पहले आपको नित्य कर्मों से निवृत होकर शुद्ध जल से स्नान करना चाहिये। इसके बाद पूजा स्थल पर भगवान शिव और पार्वति के साथ नंदी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करनी चाहिये। यदि घर में शिवलिंग है तो मिट्टी के पात्र में जल भरकर शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिये और बेलपत्र, धतूरे के पुष्प, चंदन, अक्षत आदि शिवलिंग पर अर्पित करने चाहिए। इसके बाद शुद्ध मन से शिव महापुराण का पाठ आरंभ करना चाहिये और रात्रि जागरण करना चाहिये। शिवपुराण का पाठ अगर सावन के दौरान किया जाए तो व्यक्ति को कई परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है। शिव पुराण की कथा सुनते समय शरीर, मन और वचन से शुद्ध रहना आवश्यक है। साथ ही पूजा व कथा स्थल को भी स्वच्छ रखें। कथा को पूर्ण श्रद्धा, एकाग्रता और भक्ति भाव से सुनना चाहिए।
सावन में शिव पुराण पढ़ने से मिलते हैं कई लाभ
- शिव पुराण का पाठ करने से व्यक्ति को भय से मुक्ति मिलती है।
- इस पुराण का पाठ करने से व्यक्ति को भोग और मोक्ष दोनों की ही प्राप्ति होती है।
- यदि आप अपने पापों से छुटकारा पाना चाहते हैं तो शिव पुराण का पाठ सबसे ज्यादा लाभकारी है।
- सावन के महीने में शिव पुराण का पाठ करने से जीवन के सब दुखों से मुक्ति मिलती है।
- शिव पुराण का पाठ करने से इंसान को मृत्यु का भय नहीं सताता और मृत्यु के बाद ऐसे व्यक्ति को शिव के गण लेने आते हैं।
- मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए भी शिव पुराण का पाठ किया जाता है।
नई दिल्ली. सावन का आज पहला सोमवार है। सावन में भोलेनाथ की आराधना करना पुण्यदायक माना जाता है। ये महीना शिव भक्ति को समर्पित है। सावन माह में शिव पुराण का पाठ करना चाहिए। इससे जीवन में शांति, संतुलन और संयम आता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव पुराण का श्रवण करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को कष्टों से मुक्ति प्रदान करते हैं।
शिव पुराण पढ़ने का सही तरीका: शिव पुराण का का पाठ और शिव भगवान की पूजा करने से पहले आपको नित्य कर्मों से निवृत होकर शुद्ध जल से स्नान करना चाहिये। इसके बाद पूजा स्थल पर भगवान शिव और पार्वति के साथ नंदी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करनी चाहिये। यदि घर में शिवलिंग है तो मिट्टी के पात्र में जल भरकर शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिये और बेलपत्र, धतूरे के पुष्प, चंदन, अक्षत आदि शिवलिंग पर अर्पित करने चाहिए। इसके बाद शुद्ध मन से शिव महापुराण का पाठ आरंभ करना चाहिये और रात्रि जागरण करना चाहिये। शिवपुराण का पाठ अगर सावन के दौरान किया जाए तो व्यक्ति को कई परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है। शिव पुराण की कथा सुनते समय शरीर, मन और वचन से शुद्ध रहना आवश्यक है। साथ ही पूजा व कथा स्थल को भी स्वच्छ रखें। कथा को पूर्ण श्रद्धा, एकाग्रता और भक्ति भाव से सुनना चाहिए।
सावन में शिव पुराण पढ़ने से मिलते हैं कई लाभ
- शिव पुराण का पाठ करने से व्यक्ति को भय से मुक्ति मिलती है।
- इस पुराण का पाठ करने से व्यक्ति को भोग और मोक्ष दोनों की ही प्राप्ति होती है।
- यदि आप अपने पापों से छुटकारा पाना चाहते हैं तो शिव पुराण का पाठ सबसे ज्यादा लाभकारी है।
- सावन के महीने में शिव पुराण का पाठ करने से जीवन के सब दुखों से मुक्ति मिलती है।
- शिव पुराण का पाठ करने से इंसान को मृत्यु का भय नहीं सताता और मृत्यु के बाद ऐसे व्यक्ति को शिव के गण लेने आते हैं।
- मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए भी शिव पुराण का पाठ किया जाता है।


Journalist खबरीलाल















