आज मोबाइल लोगों के लिए एक बहुत ही जरूरी गैजेट हो गया है। लोग अपने साथ चल रहे इंसान को भूल सकते हैं लेकिन अपने फोन को लेना नहीं भूल सकते हैं। कई लोग सिर्फ काम के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं तो कई लोग तो ऐसे है जो खाते पीते, टीवी देखते समय, किसी से बात करते मोबाइल का इस्तेमाल ना करें।
ऐसा हो ही नहीं सकता हैं। हम में से कई लोग ऐसे भी है जो अपने मोबाइल को सिरहाने में रखकर सोना पसंद करते हैं। अगर आपको भी ऐसी आदत है, तो यह खबर आपकी नींद उड़ा सकती है।
चाहे आप अलार्म के कारण ऐसा करते हों या फिर आपको देर रात मोबाइल चलाने की आदत हो, बता दें कि हर एक लिहाज से यह सेहत के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। ऐसे में आइए जान लीजिए इसके साइड इफेक्ट्स और बचाव के तरीके।
सिर के पास मोबाइल रखकर सोने से होते है ये नुकसान
सिरदर्द और माइग्रेन
हेल्थ एक्सपर्टस के अनुसार, सिर के पास मोबाइल रखकर सोने से सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या हो सकती है। खासकर तब जब आप मोबाइल को सिर के बहुत करीब रखकर सोते हैं।
कानों में चुभन
मोबाइल से निकलने वाली रेडिएशन आपके कानों को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है और इससे कानों में चुभन की समस्या पैदा हो सकती है।
त्वचा से जुड़ी समस्याएं
मोबाइल की स्क्रीन पर बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं। जब आप मोबाइल को चेहरे के पास रखकर सोते हैं तो ये बैक्टीरिया आपकी त्वचा पर पहुंचकर कील-मुंहासे जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
कैंसर का खतरा
इस बारे में अभी तक कोई ठोस सबूत तो नहीं मिले हैं, लेकिन कुछ स्टडी से पता चलता है कि मोबाइल की रेडिएशन से कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
तनाव और चिंता
सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल करने से तनाव और चिंता बढ़ सकती है। इससे स्लीपिंग शेड्यूल बुरी तरह बिगड़ जाता है।
दिल की बीमारियां
एक रिसर्च के अनुसार, मोबाइल की रेडिएशन दिल की बीमारियों को भी न्योता दे सकती है। यही वजह है कि आपको यह आदत तुरंत छोड़ देनी चाहिए।
ऐसे कर सकते हैं अपने सेहत का बचाव
सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर दें।
मोबाइल को कभी भी तकिए के नीचे या सिर के पास रखकर न सोएं।
सोने से पहले एक शांत और अंधेरे कमरे में जाएं।
मोबाइल को कमरे से बाहर रखें या इसे एयरप्लेन मोड में कर दें।
नियमित रूप से अपने मोबाइल को साफ करते रहें।
आज मोबाइल लोगों के लिए एक बहुत ही जरूरी गैजेट हो गया है। लोग अपने साथ चल रहे इंसान को भूल सकते हैं लेकिन अपने फोन को लेना नहीं भूल सकते हैं। कई लोग सिर्फ काम के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं तो कई लोग तो ऐसे है जो खाते पीते, टीवी देखते समय, किसी से बात करते मोबाइल का इस्तेमाल ना करें।
ऐसा हो ही नहीं सकता हैं। हम में से कई लोग ऐसे भी है जो अपने मोबाइल को सिरहाने में रखकर सोना पसंद करते हैं। अगर आपको भी ऐसी आदत है, तो यह खबर आपकी नींद उड़ा सकती है।
चाहे आप अलार्म के कारण ऐसा करते हों या फिर आपको देर रात मोबाइल चलाने की आदत हो, बता दें कि हर एक लिहाज से यह सेहत के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। ऐसे में आइए जान लीजिए इसके साइड इफेक्ट्स और बचाव के तरीके।
सिर के पास मोबाइल रखकर सोने से होते है ये नुकसान
सिरदर्द और माइग्रेन
हेल्थ एक्सपर्टस के अनुसार, सिर के पास मोबाइल रखकर सोने से सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या हो सकती है। खासकर तब जब आप मोबाइल को सिर के बहुत करीब रखकर सोते हैं।
कानों में चुभन
मोबाइल से निकलने वाली रेडिएशन आपके कानों को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है और इससे कानों में चुभन की समस्या पैदा हो सकती है।
त्वचा से जुड़ी समस्याएं
मोबाइल की स्क्रीन पर बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं। जब आप मोबाइल को चेहरे के पास रखकर सोते हैं तो ये बैक्टीरिया आपकी त्वचा पर पहुंचकर कील-मुंहासे जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
कैंसर का खतरा
इस बारे में अभी तक कोई ठोस सबूत तो नहीं मिले हैं, लेकिन कुछ स्टडी से पता चलता है कि मोबाइल की रेडिएशन से कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
तनाव और चिंता
सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल करने से तनाव और चिंता बढ़ सकती है। इससे स्लीपिंग शेड्यूल बुरी तरह बिगड़ जाता है।
दिल की बीमारियां
एक रिसर्च के अनुसार, मोबाइल की रेडिएशन दिल की बीमारियों को भी न्योता दे सकती है। यही वजह है कि आपको यह आदत तुरंत छोड़ देनी चाहिए।
ऐसे कर सकते हैं अपने सेहत का बचाव
सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर दें।
मोबाइल को कभी भी तकिए के नीचे या सिर के पास रखकर न सोएं।
सोने से पहले एक शांत और अंधेरे कमरे में जाएं।
मोबाइल को कमरे से बाहर रखें या इसे एयरप्लेन मोड में कर दें।
नियमित रूप से अपने मोबाइल को साफ करते रहें।



Journalist खबरीलाल














