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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज फिर बदल, भारी बारिश की चेतावनी:

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छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। मौसम विभाग (IMD) ने आज, सोमवार को राज्य के सभी 33 जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान, तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

यह अलर्ट छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, धमतरी, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलरामपुर, बेमेतरा, महासमुंद, बस्तर, बीजापुर, कवर्धा, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर और कोंडागांव सहित राज्य के सभी 33 जिलों में लागू रहेगा। 

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक राज्य में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। कहीं-कहीं हल्की, तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है, और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

1 जून से 14 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में 1029 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों में बस्तर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी। इन इलाकों में 200 से ज्यादा घर बह गए और 2000 से अधिक परिवार प्रभावित हुए, जिन्हें राहत शिविरों में रखा गया है। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।


छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। मौसम विभाग (IMD) ने आज, सोमवार को राज्य के सभी 33 जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान, तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

यह अलर्ट छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, धमतरी, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलरामपुर, बेमेतरा, महासमुंद, बस्तर, बीजापुर, कवर्धा, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर और कोंडागांव सहित राज्य के सभी 33 जिलों में लागू रहेगा। 

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक राज्य में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। कहीं-कहीं हल्की, तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है, और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

1 जून से 14 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में 1029 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों में बस्तर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी। इन इलाकों में 200 से ज्यादा घर बह गए और 2000 से अधिक परिवार प्रभावित हुए, जिन्हें राहत शिविरों में रखा गया है। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।


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