रायपुर । श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने 14 जनवरी को आयोजित पत्रकार वार्ता में श्रम विभाग की गतिविधियों, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग के अधीन मंडलों द्वारा बीते दो वर्षों में कुल 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। इनमें लगभग 9.4 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक और 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि विभाग के अंतर्गत संचालित 71 योजनाओं के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को कुल 804.77 करोड़ रुपये का लाभ दिया गया है। इसमें 28,49,167 निर्माण श्रमिकों को लगभग 653.75 करोड़ रुपये, 91,595 असंगठित श्रमिकों को 143.77 करोड़ रुपये और 14,592 संगठित श्रमिकों को 7.24 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। सभी हितलाभ डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सीधे श्रमिकों के खातों में अंतरित किए जा रहे हैं।
श्रम मंत्री ने बताया कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कारखानों का निरीक्षण अब स्वचलित प्रणाली से किया जा रहा है। बीते दो वर्षों में कारखाना अधिनियम के अंतर्गत 2,218 निरीक्षण किए गए। नियमों के उल्लंघन पर 666 प्रकरणों में माननीय श्रम न्यायालय में अभियोजन दर्ज किए गए और 5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
ईएसआई के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के अंतर्गत बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ और भिलाई में 100 बिस्तर वाले ईएसआई अस्पताल संचालित हैं। बिलासपुर में नया अस्पताल शीघ्र शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। राज्य में 43 औषधालय संचालित हैं और 4 नए औषधालय खोलने की कार्यवाही भी प्रक्रियाधीन है।
श्रम सुधार और नई व्यवस्थाएं
मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि भारत सरकार की सिफारिशों के अनुरूप सभी 17 बिजनेस रिफॉर्म्स को राज्य में लागू कर दिया गया है। छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 को 10 या उससे अधिक श्रमिकों वाले संस्थानों पर लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि “नियत कालिक नियोजन कर्मकार” की नई श्रेणी बनाई गई है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन, भत्ते और सुविधाएं मिलेंगी। महिला सशक्तिकरण के तहत रात्रिपाली में महिलाओं को सशर्त नियोजन की अनुमति दी गई है। साथ ही कारखाना लाइसेंस की अवधि 10 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई है।
चार नई श्रम संहिताओं पर नियम निर्माण जारी
श्रम मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर लागू की गई 4 नई श्रम संहिताओं के तहत राज्य में नियम बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे नियुक्ति पत्र, बेहतर न्यूनतम वेतन, वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण, महिला श्रमिकों के लिए सभी क्षेत्रों में काम करने का अधिकार, तथा गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा जैसे प्रावधान सुनिश्चित होंगे।
आगामी कार्ययोजनाएं
मंत्री ने बताया कि दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या उससे अधिक श्रमिकों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू करने के लिए विधेयक पारित कर राष्ट्रपति की स्वीकृति हेतु भेजा गया है। रायगढ़, कुम्हारी और बीरगांव के ईएसआई औषधालयों को मॉडल औषधालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके अलावा, पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अलग से स्वास्थ्य परीक्षण योजना और उनके बच्चों के लिए उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु “अटल कैरियर निर्माण योजना” शुरू की जाएगी। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार सभी जिलों में श्रम अन्न केंद्र स्थापित कर किया जाएगा।
रायपुर । श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने 14 जनवरी को आयोजित पत्रकार वार्ता में श्रम विभाग की गतिविधियों, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग के अधीन मंडलों द्वारा बीते दो वर्षों में कुल 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। इनमें लगभग 9.4 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक और 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि विभाग के अंतर्गत संचालित 71 योजनाओं के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को कुल 804.77 करोड़ रुपये का लाभ दिया गया है। इसमें 28,49,167 निर्माण श्रमिकों को लगभग 653.75 करोड़ रुपये, 91,595 असंगठित श्रमिकों को 143.77 करोड़ रुपये और 14,592 संगठित श्रमिकों को 7.24 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। सभी हितलाभ डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सीधे श्रमिकों के खातों में अंतरित किए जा रहे हैं।
श्रम मंत्री ने बताया कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कारखानों का निरीक्षण अब स्वचलित प्रणाली से किया जा रहा है। बीते दो वर्षों में कारखाना अधिनियम के अंतर्गत 2,218 निरीक्षण किए गए। नियमों के उल्लंघन पर 666 प्रकरणों में माननीय श्रम न्यायालय में अभियोजन दर्ज किए गए और 5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
ईएसआई के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के अंतर्गत बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ और भिलाई में 100 बिस्तर वाले ईएसआई अस्पताल संचालित हैं। बिलासपुर में नया अस्पताल शीघ्र शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। राज्य में 43 औषधालय संचालित हैं और 4 नए औषधालय खोलने की कार्यवाही भी प्रक्रियाधीन है।
श्रम सुधार और नई व्यवस्थाएं
मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि भारत सरकार की सिफारिशों के अनुरूप सभी 17 बिजनेस रिफॉर्म्स को राज्य में लागू कर दिया गया है। छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 को 10 या उससे अधिक श्रमिकों वाले संस्थानों पर लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि “नियत कालिक नियोजन कर्मकार” की नई श्रेणी बनाई गई है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन, भत्ते और सुविधाएं मिलेंगी। महिला सशक्तिकरण के तहत रात्रिपाली में महिलाओं को सशर्त नियोजन की अनुमति दी गई है। साथ ही कारखाना लाइसेंस की अवधि 10 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई है।
चार नई श्रम संहिताओं पर नियम निर्माण जारी
श्रम मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर लागू की गई 4 नई श्रम संहिताओं के तहत राज्य में नियम बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे नियुक्ति पत्र, बेहतर न्यूनतम वेतन, वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण, महिला श्रमिकों के लिए सभी क्षेत्रों में काम करने का अधिकार, तथा गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा जैसे प्रावधान सुनिश्चित होंगे।
आगामी कार्ययोजनाएं
मंत्री ने बताया कि दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या उससे अधिक श्रमिकों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू करने के लिए विधेयक पारित कर राष्ट्रपति की स्वीकृति हेतु भेजा गया है। रायगढ़, कुम्हारी और बीरगांव के ईएसआई औषधालयों को मॉडल औषधालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके अलावा, पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अलग से स्वास्थ्य परीक्षण योजना और उनके बच्चों के लिए उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु “अटल कैरियर निर्माण योजना” शुरू की जाएगी। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार सभी जिलों में श्रम अन्न केंद्र स्थापित कर किया जाएगा।



Journalist खबरीलाल














