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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: रायपुर की बाल लेखिका शांभवी तिवारी के कविता संग्रह का विमोचन 18 को:

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रायपुर l राजधानी की बाल लेखिका शांभवी तिवारी के प्रथम कविता संग्रह "व्हेयर द हार्ट लर्न्स टू राइज" का विमोचन रविवार 18 जनवरी को अपरान्ह 3 बजे वृन्दावन सभागृह सिविल लाइन रायपुर में किया जायेगा l अग्रणी सामाजिक व साहित्यिक संस्था "वक्ता मंच" के तत्वाधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है l वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने जानकारी दी है कि इस दौरान "अमर रहे गणतंत्र हमारा" विषय पर काव्य गोष्ठी भी रखी गई है l जारी विज्ञप्ति में जानकारी दी गई है कि 13 वर्षीय बाल लेखिका विगत 1 वर्ष से कविताएं लिख रही है l इस संग्रह में उनकी 16 कविताएं संकलित है l लेखिका के शब्दों मे "कविता लिखने की प्रेरणा मुझे जीवन के अनुभवों और मन के भीतर उठने वाले भावों से मिली है।जब शब्दों से बात कहना कठिन हो जाता है, तब वही भाव कविता बनकर स्वयं कलम से उतर आते हैं।मेरी कविता मेरी संवेदनाओं और सच की अभिव्यक्ति है।कविताएँ लिखना मेरे मन की बात दुनिया तक पहुँचाने का ज़रिया है।मेरे जीवन में सपनों ने हमेशा दिशा दी है।

एक समय मेरा पहला सपना एक कवि बनना था—और वह सपना आज कविता के रूप में मेरे साथ चल रहा है।लेकिन समय के साथ मेरा दूसरा और बड़ा लक्ष्य बना है,भविष्य में एक आई पी एस बनना।मैं चाहती हूँ कि मेरी कलम संवेदनशील हो,और मेरा कर्तव्य साहस से भरा।कविता मुझे इंसान बनाती हैऔर आई पी एस बनने का सपना मुझे समाज के लिए ज़िम्मेदार नागरिक बनाता हैI " वक्ता मंच द्वारा इस अवसर पर राजधानी के समस्त प्रबुद्धजनों को आमंत्रित किया गया है l 


रायपुर l राजधानी की बाल लेखिका शांभवी तिवारी के प्रथम कविता संग्रह "व्हेयर द हार्ट लर्न्स टू राइज" का विमोचन रविवार 18 जनवरी को अपरान्ह 3 बजे वृन्दावन सभागृह सिविल लाइन रायपुर में किया जायेगा l अग्रणी सामाजिक व साहित्यिक संस्था "वक्ता मंच" के तत्वाधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है l वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने जानकारी दी है कि इस दौरान "अमर रहे गणतंत्र हमारा" विषय पर काव्य गोष्ठी भी रखी गई है l जारी विज्ञप्ति में जानकारी दी गई है कि 13 वर्षीय बाल लेखिका विगत 1 वर्ष से कविताएं लिख रही है l इस संग्रह में उनकी 16 कविताएं संकलित है l लेखिका के शब्दों मे "कविता लिखने की प्रेरणा मुझे जीवन के अनुभवों और मन के भीतर उठने वाले भावों से मिली है।जब शब्दों से बात कहना कठिन हो जाता है, तब वही भाव कविता बनकर स्वयं कलम से उतर आते हैं।मेरी कविता मेरी संवेदनाओं और सच की अभिव्यक्ति है।कविताएँ लिखना मेरे मन की बात दुनिया तक पहुँचाने का ज़रिया है।मेरे जीवन में सपनों ने हमेशा दिशा दी है।

एक समय मेरा पहला सपना एक कवि बनना था—और वह सपना आज कविता के रूप में मेरे साथ चल रहा है।लेकिन समय के साथ मेरा दूसरा और बड़ा लक्ष्य बना है,भविष्य में एक आई पी एस बनना।मैं चाहती हूँ कि मेरी कलम संवेदनशील हो,और मेरा कर्तव्य साहस से भरा।कविता मुझे इंसान बनाती हैऔर आई पी एस बनने का सपना मुझे समाज के लिए ज़िम्मेदार नागरिक बनाता हैI " वक्ता मंच द्वारा इस अवसर पर राजधानी के समस्त प्रबुद्धजनों को आमंत्रित किया गया है l 


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