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International (खबरीलाल न्यूज़) :: अमेरिका में जमीन से आसमान तक बर्फीले तूफान का कहर, पांच हजार से ज्यादा उड़ानें रद :

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वाशिंगटन। अमेरिका अब तक के सबसे बड़े बर्फीले तूफान की चपेट में है। न सडक़ों पर चलने की जगह रह गई है, न हवाई जहाजों को उडऩे का मौका मिल पा रहा है। अमेरिका में जिंदगी ठहर सी गई है। बाहर ठंड से आफत है, जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है, वहीं घरों में बिजली संकट की वजह से लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। ठंड के प्रकोप से मंगलवार को 28 लोगों की मौत की भी खबर है। मौसम विभाग की तरफ से भी लोगों को खराब खबर मिल रही है, जो दावा कर रहा है कि अगले कुछ दिनों तक यही हालात बने रह सकते हैं। बर्फीले तूफान के ईस्ट कोस्ट से गुजरने के बाद आर्कटिक से आनेवाली ठंडी हवाओं का कहर बरपेगा। एविएशन एनालिटिक्स फर्म फ्लाइट अवेयर के मुताबिक मंगलवार को 5220 अमेरिकी उड़ानें रद करनी पड़ीं, जबकि 6500 से ज्यादा विलंब से अपने गंतव्य को रवाना हुईं। रविवार से अब तक 22 हजार से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई हैं। बोस्टन में सबसे ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई हैं। कुल नौ में से पांच एयरपोर्ट लगभग ठप हो चुके हैं। न्यू मेक्सिको से लेकर न्यू इंग्लैंड तक एक-एक फीट मोटी बर्फ की परत जमी हुई है। इससे सडक़ पर चलना नामुमकिन हो गया है। बोस्टन और न्यूयार्क में शून्य दृश्यता की स्थिति है। एक्यूवेदर का अनुमान है कि बर्फीले तूफान ने 2025 की शुरुआत में लॉस एंजिलिस में जंगलों की आग से हुए नुकसान का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है।माना जा रहा है कि तूफान की वजह से 105 से 115 अरब डालर का आर्थिक नुकसान हुआ है। अमेरिकी परिवहन मंत्री सीन डफी ने दावा किया है कि बुधवार तक सबकुछ सामान्य हो जाएगा। 18 राज्य बुरी तरह प्रभावित बर्फीले तूफान की वजह से कुल 28 लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं।मैसाचुसेट्स और ओहायो में बर्फ हटानेवाली मशीन की चपेट में आने से दो लोग मारे गए। वहीं अरकांसस और टेक्सास में भयानक हादसे भी हुए। न्यूयार्क सिटी में आठ बेघर लोग ठंड की वजह से मारे गए। पावरआउटेज डॉट काम की रिपोर्ट है कि मध्य अटलांटिक से लेकर दक्षिण के राज्यों, मिसिसिपी, टेनेसी और लुइयाना में सात लाख घरों में बिजली ठप रही। ठंड से अमेरिका के 18 राज्य बुरी तरह प्रभावित हैं।कनेक्टिकट राज्य के गवर्नर नेड लामोंट ने पांच फरवरी तक राज्य में गंभीर शीतकालीन प्रोटोकाल लागू करने की घोषणा की है। जेनरेटर से चलाए जा रहे अस्पताल, गैस स्टेशनमिसिसिपी पिछले 30 साल का सबसे बुरे बर्फीले तूफान का सामना कर रहा है।

गवर्नर टेट रीव्स ने लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए 500 नेशनल गार्ड सदस्यों की तैनाती की घोषणा की है। लोगों को गर्माहट दिलाने के लिए 30 काउंटियों में 61 केंद्र खोले गए हैं। फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी से 60 जेनरेटर मांगे गए हैं ताकि शेल्टर, नर्सिंग होम, अस्पतालों और वाटर सिस्टम को बिजली दी जा सके। तमाम जगहों पर पीने के पानी और नेचुरल गैस का भी संकट बढ़ गया है। राज्य की तरफ से चारपाइयां, कंबल, पैकेज्ड खाना और बोतलबंद पानी की भी आपूर्ति की जा रही है। गैस स्टेशनों को सक्रिय रखने के लिए और ग्रोसरी स्टोर खुले रखने के लिए भी जेनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है।कारों और होटलों में रहने को मजबूर लोग लोगों का कहना है कि वे माइनस 10 डिग्री सेल्सियत तापमान में युद्ध क्षेत्र में रहने जैसा अनुभव करने लगे हैं।

थोड़ी-थोड़ी देर पर कहीं न कहीं बर्फ के दबाव से पेड़ गिरने से धमाके जैसी आवाजें आ रही हैं।कभी ट्रांसफार्मर फट जा रहे हैं। लोग रातों में सो नहीं पा रहे हैं और दिन में कहीं जा नहीं पा रहे। अधिकारियों के सामने आपात सेवाओं को सुचारु रखने की चुनौती है। बिजली न होने से घरों के भीतर भी जमा देनेवाली ठंड से परेशान लोग अपनी गाडिय़ों में रातें गुजार रहे हैं। कुछ लोगों ने अपने घर छोडक़र होटलों में शरण ली है।


वाशिंगटन। अमेरिका अब तक के सबसे बड़े बर्फीले तूफान की चपेट में है। न सडक़ों पर चलने की जगह रह गई है, न हवाई जहाजों को उडऩे का मौका मिल पा रहा है। अमेरिका में जिंदगी ठहर सी गई है। बाहर ठंड से आफत है, जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है, वहीं घरों में बिजली संकट की वजह से लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। ठंड के प्रकोप से मंगलवार को 28 लोगों की मौत की भी खबर है। मौसम विभाग की तरफ से भी लोगों को खराब खबर मिल रही है, जो दावा कर रहा है कि अगले कुछ दिनों तक यही हालात बने रह सकते हैं। बर्फीले तूफान के ईस्ट कोस्ट से गुजरने के बाद आर्कटिक से आनेवाली ठंडी हवाओं का कहर बरपेगा। एविएशन एनालिटिक्स फर्म फ्लाइट अवेयर के मुताबिक मंगलवार को 5220 अमेरिकी उड़ानें रद करनी पड़ीं, जबकि 6500 से ज्यादा विलंब से अपने गंतव्य को रवाना हुईं। रविवार से अब तक 22 हजार से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई हैं। बोस्टन में सबसे ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई हैं। कुल नौ में से पांच एयरपोर्ट लगभग ठप हो चुके हैं। न्यू मेक्सिको से लेकर न्यू इंग्लैंड तक एक-एक फीट मोटी बर्फ की परत जमी हुई है। इससे सडक़ पर चलना नामुमकिन हो गया है। बोस्टन और न्यूयार्क में शून्य दृश्यता की स्थिति है। एक्यूवेदर का अनुमान है कि बर्फीले तूफान ने 2025 की शुरुआत में लॉस एंजिलिस में जंगलों की आग से हुए नुकसान का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है।माना जा रहा है कि तूफान की वजह से 105 से 115 अरब डालर का आर्थिक नुकसान हुआ है। अमेरिकी परिवहन मंत्री सीन डफी ने दावा किया है कि बुधवार तक सबकुछ सामान्य हो जाएगा। 18 राज्य बुरी तरह प्रभावित बर्फीले तूफान की वजह से कुल 28 लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं।मैसाचुसेट्स और ओहायो में बर्फ हटानेवाली मशीन की चपेट में आने से दो लोग मारे गए। वहीं अरकांसस और टेक्सास में भयानक हादसे भी हुए। न्यूयार्क सिटी में आठ बेघर लोग ठंड की वजह से मारे गए। पावरआउटेज डॉट काम की रिपोर्ट है कि मध्य अटलांटिक से लेकर दक्षिण के राज्यों, मिसिसिपी, टेनेसी और लुइयाना में सात लाख घरों में बिजली ठप रही। ठंड से अमेरिका के 18 राज्य बुरी तरह प्रभावित हैं।कनेक्टिकट राज्य के गवर्नर नेड लामोंट ने पांच फरवरी तक राज्य में गंभीर शीतकालीन प्रोटोकाल लागू करने की घोषणा की है। जेनरेटर से चलाए जा रहे अस्पताल, गैस स्टेशनमिसिसिपी पिछले 30 साल का सबसे बुरे बर्फीले तूफान का सामना कर रहा है।

गवर्नर टेट रीव्स ने लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए 500 नेशनल गार्ड सदस्यों की तैनाती की घोषणा की है। लोगों को गर्माहट दिलाने के लिए 30 काउंटियों में 61 केंद्र खोले गए हैं। फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी से 60 जेनरेटर मांगे गए हैं ताकि शेल्टर, नर्सिंग होम, अस्पतालों और वाटर सिस्टम को बिजली दी जा सके। तमाम जगहों पर पीने के पानी और नेचुरल गैस का भी संकट बढ़ गया है। राज्य की तरफ से चारपाइयां, कंबल, पैकेज्ड खाना और बोतलबंद पानी की भी आपूर्ति की जा रही है। गैस स्टेशनों को सक्रिय रखने के लिए और ग्रोसरी स्टोर खुले रखने के लिए भी जेनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है।कारों और होटलों में रहने को मजबूर लोग लोगों का कहना है कि वे माइनस 10 डिग्री सेल्सियत तापमान में युद्ध क्षेत्र में रहने जैसा अनुभव करने लगे हैं।

थोड़ी-थोड़ी देर पर कहीं न कहीं बर्फ के दबाव से पेड़ गिरने से धमाके जैसी आवाजें आ रही हैं।कभी ट्रांसफार्मर फट जा रहे हैं। लोग रातों में सो नहीं पा रहे हैं और दिन में कहीं जा नहीं पा रहे। अधिकारियों के सामने आपात सेवाओं को सुचारु रखने की चुनौती है। बिजली न होने से घरों के भीतर भी जमा देनेवाली ठंड से परेशान लोग अपनी गाडिय़ों में रातें गुजार रहे हैं। कुछ लोगों ने अपने घर छोडक़र होटलों में शरण ली है।


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