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Chhattisgarh (खबरीलाल न्यूज़) :: कलेक्टर ने रामभांठा के पीडीएस दुकान का किया औचक निरीक्षण:

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 रायगढ़। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पारदर्शी, जवाबदेह और सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी द्वारा लगातार निरीक्षण और निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर ने शासकीय उचित मूल्य दुकान, रामभांठा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे भी उनके साथ मौजूद रहे। अचानक हुए इस निरीक्षण से संबंधित विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति देखी गई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने दुकान में
 उपलब्ध व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने राशन वितरण की प्रक्रिया, दुकान की साफ-सफाई, भंडारण व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें समय पर और पूरी मात्रा में राशन मिल रहा है या नहीं। कलेक्टर ने विशेष रूप से फिंगरप्रिंट सत्यापन प्रणाली और ई-पॉस मशीन की कार्यप्रणाली की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फिंगरप्रिंट मिलान या नेटवर्क संबंधी किसी भी तकनीकी समस्या के कारण किसी भी पात्र हितग्राही को राशन से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। यदि मशीन या नेटवर्क में कोई दिक्कत आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह भी देखा कि राशन वितरण के समय हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में अनाज, चावल, गेहूं आदि दिए जा रहे हैं या नहीं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों का पूरी तरह पालन किया जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, उन्होंने दुकान संचालक को निर्देशित किया कि दुकान परिसर में साफ-सफाई बनाए रखें और राशन सामग्री को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संग्रहित करें। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को यह भी कहा कि पीडीएस व्यवस्था सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका सीधा संबंध आम जनता, विशेषकर गरीब और जरूरतमंद वर्ग से है। इसलिए इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या शिकायत सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अंत में कलेक्टर ने कहा कि जिले की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा, ताकि पीडीएस प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके और प्रत्येक पात्र हितग्राही तक बिना किसी बाधा के राशन पहुंचाया जा सके।


 रायगढ़। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पारदर्शी, जवाबदेह और सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी द्वारा लगातार निरीक्षण और निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर ने शासकीय उचित मूल्य दुकान, रामभांठा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे भी उनके साथ मौजूद रहे। अचानक हुए इस निरीक्षण से संबंधित विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति देखी गई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने दुकान में
 उपलब्ध व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने राशन वितरण की प्रक्रिया, दुकान की साफ-सफाई, भंडारण व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें समय पर और पूरी मात्रा में राशन मिल रहा है या नहीं। कलेक्टर ने विशेष रूप से फिंगरप्रिंट सत्यापन प्रणाली और ई-पॉस मशीन की कार्यप्रणाली की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फिंगरप्रिंट मिलान या नेटवर्क संबंधी किसी भी तकनीकी समस्या के कारण किसी भी पात्र हितग्राही को राशन से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। यदि मशीन या नेटवर्क में कोई दिक्कत आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह भी देखा कि राशन वितरण के समय हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में अनाज, चावल, गेहूं आदि दिए जा रहे हैं या नहीं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों का पूरी तरह पालन किया जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, उन्होंने दुकान संचालक को निर्देशित किया कि दुकान परिसर में साफ-सफाई बनाए रखें और राशन सामग्री को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संग्रहित करें। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को यह भी कहा कि पीडीएस व्यवस्था सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका सीधा संबंध आम जनता, विशेषकर गरीब और जरूरतमंद वर्ग से है। इसलिए इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या शिकायत सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अंत में कलेक्टर ने कहा कि जिले की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा, ताकि पीडीएस प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके और प्रत्येक पात्र हितग्राही तक बिना किसी बाधा के राशन पहुंचाया जा सके।


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