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Madhya Pradesh (खबरीलाल न्यूज़) :: फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार:

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 सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले की शाहगढ़ पुलिस ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर होमगार्ड में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी खुद को डीएसपी बताकर बिना नंबर की बोलेरो में घूम रहा था।

मामला बुधवार का है, जब मुख्य आरोपी शिवम चतुर्वेदी ने फरियादी को होमगार्ड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक लाख रुपये की मांग की थी। आरोपी अपनी साख जमाने के लिए एक नई बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी और पुलिस वर्दी पहने दो 'फर्जी आरक्षकों' के साथ शाहगढ़ के 'चायगढ़ कैफे' पहुंचा। फरियादी को उनकी बातों और हाव-भाव पर संदेह हुआ, जिसकी सूचना तत्काल थाना शाहगढ़ को दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सागर विकाश कुमार शाहवाल के नेतृत्व में शाहगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप खरे और उनकी टीम ने मौके पर दबिश दी। जब पुलिस ने 'साहब' से उनकी पोस्टिंग और आईडी कार्ड के बारे में पूछताछ की, तो उनकी पोल खुल गई।

पकड़े गए आरोपियों का विवरण:• शिवम चतुर्वेदी: मुख्य सरगना (फर्जी DSP)।• राजकुमार ठाकुर: निवासी बरही, जबलपुर (फर्जी आरक्षक)।• सतीश सिंह ठाकुर: निवासी बरही, जबलपुर (फर्जी आरक्षक)।

इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक संदीप खरे के साथ सउनि लोकविजय सिंह, प्रधान आरक्षक हरिराम, संतोष कुमार, खूबसिंह और अन्य जवानों (दिनेश, सुरेन्द्र, लखन, दुर्गेश, बॉबी, उमाशंकर, अभिषेक एवं महिला आरक्षक सुषमा) की मुख्य भूमिका रही।

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी को भी नकद राशि न दें। कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी आपसे निजी तौर पर पैसों की मांग नहीं करता है। वर्दी देखकर भ्रमित न हों, संदेह होने पर तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें।

आरोपियों के पास से बिना नंबर की बोलेरो और फर्जी वर्दी बरामद की गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना निशाना बनाया है।


 सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले की शाहगढ़ पुलिस ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर होमगार्ड में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी खुद को डीएसपी बताकर बिना नंबर की बोलेरो में घूम रहा था।

मामला बुधवार का है, जब मुख्य आरोपी शिवम चतुर्वेदी ने फरियादी को होमगार्ड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक लाख रुपये की मांग की थी। आरोपी अपनी साख जमाने के लिए एक नई बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी और पुलिस वर्दी पहने दो 'फर्जी आरक्षकों' के साथ शाहगढ़ के 'चायगढ़ कैफे' पहुंचा। फरियादी को उनकी बातों और हाव-भाव पर संदेह हुआ, जिसकी सूचना तत्काल थाना शाहगढ़ को दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सागर विकाश कुमार शाहवाल के नेतृत्व में शाहगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप खरे और उनकी टीम ने मौके पर दबिश दी। जब पुलिस ने 'साहब' से उनकी पोस्टिंग और आईडी कार्ड के बारे में पूछताछ की, तो उनकी पोल खुल गई।

पकड़े गए आरोपियों का विवरण:• शिवम चतुर्वेदी: मुख्य सरगना (फर्जी DSP)।• राजकुमार ठाकुर: निवासी बरही, जबलपुर (फर्जी आरक्षक)।• सतीश सिंह ठाकुर: निवासी बरही, जबलपुर (फर्जी आरक्षक)।

इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक संदीप खरे के साथ सउनि लोकविजय सिंह, प्रधान आरक्षक हरिराम, संतोष कुमार, खूबसिंह और अन्य जवानों (दिनेश, सुरेन्द्र, लखन, दुर्गेश, बॉबी, उमाशंकर, अभिषेक एवं महिला आरक्षक सुषमा) की मुख्य भूमिका रही।

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी को भी नकद राशि न दें। कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी आपसे निजी तौर पर पैसों की मांग नहीं करता है। वर्दी देखकर भ्रमित न हों, संदेह होने पर तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें।

आरोपियों के पास से बिना नंबर की बोलेरो और फर्जी वर्दी बरामद की गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना निशाना बनाया है।


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