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Manoranjan (खबरीलाल न्यूज़) :: रश्मिका-विजय की शादी: क्या है कोडवा परंपरा और कैसे होता है यह ख़ास विवाह ? :

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तेलुगु फ़िल्म स्टार विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने 26 फ़रवरी को राजस्थान के उदयपुर में शादी कर ली. दोनों ने अपनी शादी की तस्वीरें इंस्टाग्राम के ज़रिए अपने प्रशंसकों के साथ साझा कीं. लेकिन सोशल मीडिया पर इनकी शादी को लेकर सिर्फ़ सेलिब्रिटी चर्चा ही नहीं, बल्कि शादी जिस कोडवा परंपरा से हुई, इस विषय पर भी बड़ी बहस चल रही है.

कोडवा परंपरा में शादी पर चर्चा -  रश्मिका कर्नाटक के कोडागु ज़िले (कुर्ग) के विराज पेटा की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी पढ़ाई भी कुर्ग में ही की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, इन दोनों की शादी सामान्य हिन्दू रीति-रिवाजों के साथ-साथ कोडवा परंपरा के मुताबिक़ भी की गई. इसी वजह से अब कोडवा शादी को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा हो रही है. हालांकि, न तो विजय और न ही रश्मिका ने सार्वजनिक रूप से यह बताया है कि उनकी शादी किस परंपरा के अनुसार संपन्न हुई.

आमतौर पर कर्नाटक के कोडागु (कुर्ग) क्षेत्र में लोग कोडवा रीति से विवाह करते हैं. इस क्षेत्र के लोगों को कोडवा कहा जाता है. रश्मिका का संबंध कोडागु से होने के कारण मीडिया में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि शादी उसी परंपरा के अनुसार हुई होगी.कोडवा विवाह क्या होता है ? - कोडवा विवाह सामान्य हिन्दू विवाह से काफ़ी अलग होता है. हिन्दू विवाह में पंडितों के मंत्रोच्चारण, मंगलसूत्र बांधना, अक्षत डालना और कई वैदिक अनुष्ठान होते हैं. लेकिन कोडवा परंपरा में पंडित दिखाई नहीं देते. घर के बड़े-बुज़ुर्ग ही विवाह संपन्न कराते हैं. विवाह मंडप में एक दीप जलाया जाता है और पित्रों की पूजा की जाती है. मैसूर के तेलुगु विद्वान रघु शर्मा ने बीबीसी से कहा कि कोडवा विवाह और हिन्दू विवाह में काफ़ी स्पष्ट अंतर दिखता है. उन्होंने बताया कि कोडवा शादी में पंडित बहुत कम बुलाए जाते हैं. वो ख़ुद भी चार-पांच कोडवा शादियां करवा चुके हैं.


तेलुगु फ़िल्म स्टार विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने 26 फ़रवरी को राजस्थान के उदयपुर में शादी कर ली. दोनों ने अपनी शादी की तस्वीरें इंस्टाग्राम के ज़रिए अपने प्रशंसकों के साथ साझा कीं. लेकिन सोशल मीडिया पर इनकी शादी को लेकर सिर्फ़ सेलिब्रिटी चर्चा ही नहीं, बल्कि शादी जिस कोडवा परंपरा से हुई, इस विषय पर भी बड़ी बहस चल रही है.

कोडवा परंपरा में शादी पर चर्चा -  रश्मिका कर्नाटक के कोडागु ज़िले (कुर्ग) के विराज पेटा की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी पढ़ाई भी कुर्ग में ही की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, इन दोनों की शादी सामान्य हिन्दू रीति-रिवाजों के साथ-साथ कोडवा परंपरा के मुताबिक़ भी की गई. इसी वजह से अब कोडवा शादी को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा हो रही है. हालांकि, न तो विजय और न ही रश्मिका ने सार्वजनिक रूप से यह बताया है कि उनकी शादी किस परंपरा के अनुसार संपन्न हुई.

आमतौर पर कर्नाटक के कोडागु (कुर्ग) क्षेत्र में लोग कोडवा रीति से विवाह करते हैं. इस क्षेत्र के लोगों को कोडवा कहा जाता है. रश्मिका का संबंध कोडागु से होने के कारण मीडिया में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि शादी उसी परंपरा के अनुसार हुई होगी.कोडवा विवाह क्या होता है ? - कोडवा विवाह सामान्य हिन्दू विवाह से काफ़ी अलग होता है. हिन्दू विवाह में पंडितों के मंत्रोच्चारण, मंगलसूत्र बांधना, अक्षत डालना और कई वैदिक अनुष्ठान होते हैं. लेकिन कोडवा परंपरा में पंडित दिखाई नहीं देते. घर के बड़े-बुज़ुर्ग ही विवाह संपन्न कराते हैं. विवाह मंडप में एक दीप जलाया जाता है और पित्रों की पूजा की जाती है. मैसूर के तेलुगु विद्वान रघु शर्मा ने बीबीसी से कहा कि कोडवा विवाह और हिन्दू विवाह में काफ़ी स्पष्ट अंतर दिखता है. उन्होंने बताया कि कोडवा शादी में पंडित बहुत कम बुलाए जाते हैं. वो ख़ुद भी चार-पांच कोडवा शादियां करवा चुके हैं.


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