कोलकाता - पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है. धर्मतला में चल रहे धरना मंच से अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार और बीजेपी को तीखा हमला बोलते हुए खुली चुनौती दी. उन्होंने परिवारवाद के मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार में हिम्मत है तो संसद में कानून लाकर दिखाए कि एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति राजनीति कर सकता है.
धरना मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बीजेपी लगातार तृणमूल कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाती है, लेकिन उनके पास सत्ता है, संसद में बहुमत है, फिर भी वे कानून लाने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा बिल लाया जाता है तो वह खुद उस बिल के समर्थन में वोट देंगे और राजनीति छोड़ देंगे.
अभिषेक ने अपने चुनावी सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हर बार जनता के बीच जाकर परीक्षा दी है. साल 2014 में डायमंड हार्बर से पहली बार चुनाव जीतने से लेकर बाद के चुनावों में लाखों वोटों के अंतर से जीतना उनकी जनस्वीकृति का प्रमाण है. उन्होंने बीजेपी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने कभी जनता के बीच परीक्षा नहीं दी, वे आज परिवारवाद की बात करते हैं.
कोलकाता - पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है. धर्मतला में चल रहे धरना मंच से अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार और बीजेपी को तीखा हमला बोलते हुए खुली चुनौती दी. उन्होंने परिवारवाद के मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार में हिम्मत है तो संसद में कानून लाकर दिखाए कि एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति राजनीति कर सकता है.
धरना मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बीजेपी लगातार तृणमूल कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाती है, लेकिन उनके पास सत्ता है, संसद में बहुमत है, फिर भी वे कानून लाने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा बिल लाया जाता है तो वह खुद उस बिल के समर्थन में वोट देंगे और राजनीति छोड़ देंगे.
अभिषेक ने अपने चुनावी सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हर बार जनता के बीच जाकर परीक्षा दी है. साल 2014 में डायमंड हार्बर से पहली बार चुनाव जीतने से लेकर बाद के चुनावों में लाखों वोटों के अंतर से जीतना उनकी जनस्वीकृति का प्रमाण है. उन्होंने बीजेपी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने कभी जनता के बीच परीक्षा नहीं दी, वे आज परिवारवाद की बात करते हैं.



Journalist खबरीलाल













