रायगढ़। शेक्सपियर ने कहा था नाम में क्या रखा है, लेकिन आजकल सब कुछ नाम में ही है। रायगढ़ के किरोड़ीमल पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम बदलकर छग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कर दिया गया है। इसका विरोध करते हुए डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने मंत्री और सचिव को पत्र लिखा है। रायगढ़ के किरोड़ीमल पॉलिटेक्निक कॉलेज को सीजीआईटी बनाने का ऐलान दो साल पहले ही किया गया था। अब इसका नाम भी बदलकर पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। कॉलेज के गेट पर पुराना नाम हटाकर नया लिखा जा चुका है। सेठ किरोड़ीमल की विरासत को मिटाना कई वर्गों को पसंद नहीं आ रहा है।
अब छग डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने नाम बदलने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने मंत्री तकनीकी शिक्षा और विभाग सचिव को पत्र लिखकर संस्थान का नाम किरोड़ीमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी करने की मांग रखी है। एसोसिएशन का कहना है कि किरोड़ीमल शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम सीजीआईटी किया जाना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह संस्थान छत्तीसगढ़ की दानवीर परंपरा और सेठ किरोड़ीमल के सामाजिक योगदान का प्रतीक है। इस संस्थान से शिक्षित सैकड़ों इंजीनियर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं। अनके इंजीनियर विभिन्न विभागों और उद्योगों में काम कर रहे हैं। संस्था का नाम बदलने से पूव छात्रों, इंजीनियरों और नागरिकों में निराशा है।
इसलिए तकनीकी शिक्षा का विस्तार करने के लिए आवश्यक हो तो संस्था का नाम किरोड़ीमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी किया जाना सही होगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश तिवारी और संरक्षक एमएस नायक हैं। जिले का एकमात्र शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज केआईटी मरणासन्न अवस्था में है। करीब चार साल से फैकल्टी को वेतन नहीं मिला है। नए एडमिशन बंद हैं। ऐसी स्थिति में तकनीकी शिक्षा विभाग को केआईटी के लिए संजीवनी खोजनी चाहिए। सीजीआईटी के रूप में विकसित किया जा सकता था। रायगढ़ जैसे औद्योगिक जिले में एक इंजीनियरिंग कॉलेज होना जरूरी है।
रायगढ़। शेक्सपियर ने कहा था नाम में क्या रखा है, लेकिन आजकल सब कुछ नाम में ही है। रायगढ़ के किरोड़ीमल पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम बदलकर छग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कर दिया गया है। इसका विरोध करते हुए डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने मंत्री और सचिव को पत्र लिखा है। रायगढ़ के किरोड़ीमल पॉलिटेक्निक कॉलेज को सीजीआईटी बनाने का ऐलान दो साल पहले ही किया गया था। अब इसका नाम भी बदलकर पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। कॉलेज के गेट पर पुराना नाम हटाकर नया लिखा जा चुका है। सेठ किरोड़ीमल की विरासत को मिटाना कई वर्गों को पसंद नहीं आ रहा है।
अब छग डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने नाम बदलने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने मंत्री तकनीकी शिक्षा और विभाग सचिव को पत्र लिखकर संस्थान का नाम किरोड़ीमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी करने की मांग रखी है। एसोसिएशन का कहना है कि किरोड़ीमल शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम सीजीआईटी किया जाना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह संस्थान छत्तीसगढ़ की दानवीर परंपरा और सेठ किरोड़ीमल के सामाजिक योगदान का प्रतीक है। इस संस्थान से शिक्षित सैकड़ों इंजीनियर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं। अनके इंजीनियर विभिन्न विभागों और उद्योगों में काम कर रहे हैं। संस्था का नाम बदलने से पूव छात्रों, इंजीनियरों और नागरिकों में निराशा है।
इसलिए तकनीकी शिक्षा का विस्तार करने के लिए आवश्यक हो तो संस्था का नाम किरोड़ीमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी किया जाना सही होगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश तिवारी और संरक्षक एमएस नायक हैं। जिले का एकमात्र शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज केआईटी मरणासन्न अवस्था में है। करीब चार साल से फैकल्टी को वेतन नहीं मिला है। नए एडमिशन बंद हैं। ऐसी स्थिति में तकनीकी शिक्षा विभाग को केआईटी के लिए संजीवनी खोजनी चाहिए। सीजीआईटी के रूप में विकसित किया जा सकता था। रायगढ़ जैसे औद्योगिक जिले में एक इंजीनियरिंग कॉलेज होना जरूरी है।



Journalist खबरीलाल













