नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका और इजरायल में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है. होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हुए कच्चे तेल से भरा एक टैंकर सुरक्षित रूप से मुंबई बंदरगाह पहुंच गया है. युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला जहाज है जो इस रणनीतिक समुद्री रास्ते को पार कर भारत तक पहुंचा है। मुंबई पोर्ट ट्रस्ट ने बताया कि यह टैंकर बुधवार को मुंबई बंदरगाह पहुंचा. ‘Shenlong Suezmax’ का यह तेल टैंकर लाइबेरिया के झंडे के तहत चल रहा था और इसकी कमान एक भारतीय कप्तान के हाथ में थी. यह टैंकर सऊदी अरब के रास तनूरा बंदरगाह से कच्चा तेल लेकर 1 मार्च को रवाना हुआ था।
बाद में यह होर्मुज स्ट्रेट से होकर भारत की ओर बढ़ा और सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गया। अधिकारियों के मुताबिक, जहाज को इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति ईरान की ओर से दी गई थी. सूत्रों का कहना है कि ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को इस रास्ते से सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने का फैसला किया है। दरअसल अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद से इस इलाके में समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया था। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने पश्चिम एशिया के कई देशों और समुद्री मार्गों को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ा हुआ है।
नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका और इजरायल में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है. होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हुए कच्चे तेल से भरा एक टैंकर सुरक्षित रूप से मुंबई बंदरगाह पहुंच गया है. युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला जहाज है जो इस रणनीतिक समुद्री रास्ते को पार कर भारत तक पहुंचा है। मुंबई पोर्ट ट्रस्ट ने बताया कि यह टैंकर बुधवार को मुंबई बंदरगाह पहुंचा. ‘Shenlong Suezmax’ का यह तेल टैंकर लाइबेरिया के झंडे के तहत चल रहा था और इसकी कमान एक भारतीय कप्तान के हाथ में थी. यह टैंकर सऊदी अरब के रास तनूरा बंदरगाह से कच्चा तेल लेकर 1 मार्च को रवाना हुआ था।
बाद में यह होर्मुज स्ट्रेट से होकर भारत की ओर बढ़ा और सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गया। अधिकारियों के मुताबिक, जहाज को इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति ईरान की ओर से दी गई थी. सूत्रों का कहना है कि ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को इस रास्ते से सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने का फैसला किया है। दरअसल अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद से इस इलाके में समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया था। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने पश्चिम एशिया के कई देशों और समुद्री मार्गों को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ा हुआ है।



Journalist खबरीलाल













