रायपुर, 12 मार्च 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की लांचिंग की। इसमें कोरोना महामारी व अन्य कारणों से बकाया विद्युत बिलों के भुगतान से उपभोक्ताओं को सीधे राहत प्रदान की जाएगी। प्रदेश 29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 758 करोड़ रुपए तक की सीधे छूट मिलेगी। इतनी बड़ी राशि पहली बार एकमुश्त बिजली उपभोक्ताओं की माफ की जाएगी।राजधानी रायपुर के मेडिकल कालेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित समारोह में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने एवं प्रोटोकाल के कारण कई महीने तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी। जब लोगों को एकसाथ कई महीने का बिल मिला तो वे इसे जमा नहीं कर पाए। कोरोना महामारी के कारण अनेक लोग आर्थिक रूप से इतने कमजोर हो गए थे कि इन्हें जमा करने में अक्षम हो गए। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना–2026 प्रारंभ की गई है। इस योजना के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं को बकाया विद्युत बिलों के भुगतान में राहत प्रदान की जाएगी तथा उपभोक्ताओं को सरल और सुविधाजनक तरीके से अपने बकाया बिलों का निराकरण करने का अवसर मिलेगा। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। भुगतान के बाद उन्हें एम-ऊर्जा (मुख्यमंत्री उर्जा राहत जन अभियान) का लाभ मिलना शुरु हो जाएगा, इसके तहत उन्हें 400 यूनिट तक खपत करने पर 200 यूनिट तक आधा बिल राशि की छूट मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने एमबीबीएस योजना के तहत लाभान्वित उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के 2931 हितग्राहियों को राज्य शासन की ओर से देय सब्सिडी 8 करोड़ 79 लाख रूपए का बटन दबाकर हस्तानांतरण किया गया। इसके अलावा पीएम कुसुम सहित अन्य योजना के हितग्राहियों को भी प्रमाण पत्र दिया गया। महिला स्वसहायता समूह को पीएम सूर्यघर का वेंडर बनाने का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
ऊर्जा सचिव तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इस योजना का नाम एमबीबीएस (मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान) योजना रखा जाए। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 31 मार्च 2023 की स्थिति में बकाया राशि को आधार मानकर उपभोक्ताओं को मूल राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में छूट प्रदान की जाएगी। यह पहली योजना है, जिसमें 758 करोड़ रुपए सीधे-सीधे माफ किये जाएंगे। बिजली के क्षेत्र में इतनी बड़ी राशि की छूट पहली बार दी जा रही है। इसके लिए योजना में शामिल उपभोक्ताओं को पंजीयन की सुविधा मोर बिजली एप, विद्युत वितरण केंद्रों में 30 जून तक पंजीयन कराना होगा। भुगतान करते समय उपभोक्ता सावधानी बरतें, केवल किसी तरह का शंका होने पर वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क करें।
रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि एमबीबीएस योजना को इस तरह याद रखें, मोर बेटा बिष्णुदेव साय। इस योजना से गरीब, किसानों के साथ आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह अच्छी योजना है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने कहा कि इस योजना का क्रियान्वयन आज से ही सभी वितरण केंद्रों में कर दिया गया है। इसके लिए गांव-गांव में शिविर लगाये जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिले।
रायपुर, 12 मार्च 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की लांचिंग की। इसमें कोरोना महामारी व अन्य कारणों से बकाया विद्युत बिलों के भुगतान से उपभोक्ताओं को सीधे राहत प्रदान की जाएगी। प्रदेश 29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 758 करोड़ रुपए तक की सीधे छूट मिलेगी। इतनी बड़ी राशि पहली बार एकमुश्त बिजली उपभोक्ताओं की माफ की जाएगी।राजधानी रायपुर के मेडिकल कालेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित समारोह में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने एवं प्रोटोकाल के कारण कई महीने तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी। जब लोगों को एकसाथ कई महीने का बिल मिला तो वे इसे जमा नहीं कर पाए। कोरोना महामारी के कारण अनेक लोग आर्थिक रूप से इतने कमजोर हो गए थे कि इन्हें जमा करने में अक्षम हो गए। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना–2026 प्रारंभ की गई है। इस योजना के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं को बकाया विद्युत बिलों के भुगतान में राहत प्रदान की जाएगी तथा उपभोक्ताओं को सरल और सुविधाजनक तरीके से अपने बकाया बिलों का निराकरण करने का अवसर मिलेगा। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। भुगतान के बाद उन्हें एम-ऊर्जा (मुख्यमंत्री उर्जा राहत जन अभियान) का लाभ मिलना शुरु हो जाएगा, इसके तहत उन्हें 400 यूनिट तक खपत करने पर 200 यूनिट तक आधा बिल राशि की छूट मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने एमबीबीएस योजना के तहत लाभान्वित उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के 2931 हितग्राहियों को राज्य शासन की ओर से देय सब्सिडी 8 करोड़ 79 लाख रूपए का बटन दबाकर हस्तानांतरण किया गया। इसके अलावा पीएम कुसुम सहित अन्य योजना के हितग्राहियों को भी प्रमाण पत्र दिया गया। महिला स्वसहायता समूह को पीएम सूर्यघर का वेंडर बनाने का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
ऊर्जा सचिव तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इस योजना का नाम एमबीबीएस (मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान) योजना रखा जाए। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 31 मार्च 2023 की स्थिति में बकाया राशि को आधार मानकर उपभोक्ताओं को मूल राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में छूट प्रदान की जाएगी। यह पहली योजना है, जिसमें 758 करोड़ रुपए सीधे-सीधे माफ किये जाएंगे। बिजली के क्षेत्र में इतनी बड़ी राशि की छूट पहली बार दी जा रही है। इसके लिए योजना में शामिल उपभोक्ताओं को पंजीयन की सुविधा मोर बिजली एप, विद्युत वितरण केंद्रों में 30 जून तक पंजीयन कराना होगा। भुगतान करते समय उपभोक्ता सावधानी बरतें, केवल किसी तरह का शंका होने पर वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क करें।
रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि एमबीबीएस योजना को इस तरह याद रखें, मोर बेटा बिष्णुदेव साय। इस योजना से गरीब, किसानों के साथ आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह अच्छी योजना है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने कहा कि इस योजना का क्रियान्वयन आज से ही सभी वितरण केंद्रों में कर दिया गया है। इसके लिए गांव-गांव में शिविर लगाये जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिले।



Journalist खबरीलाल













