अप्रैल महीने की गर्मी लोगों को खूब सता रहा है. कई राज्यों और शहरों में पारा 40 के पार लगातार जा रहा है. पूरा भारत इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है. लू के थपेड़े दिन को और मुश्किल बना रहे हैं. हालात ऐसे हैं जैसे सूरज खुद ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ कर रहा हो. लेकिन इसी तपिश के बीच एक नई हलचल भी शुरू हो गई है. मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं. मौसम विभाग (IMD) ने साफ किया है कि अब तस्वीर बदलने वाली है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो रहा है. यह सिस्टम उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करेगा. धूल भरी आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर शुरू हो सकता है. यह बदलाव अचानक नहीं होगा लेकिन असर जरूर दिखेगा. यही वजह है कि मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है.
गर्मी और राहत के बीच का यह संघर्ष अगले कुछ दिनों में और दिलचस्प हो जाएगा. एक तरफ हीटवेव का कहर जारी रहेगा. दूसरी तरफ बादलों की एंट्री लोगों को उम्मीद देगी. यह वही दौर होता है जब मौसम तेजी से करवट बदलता है. कभी तेज धूप, तो कभी अचानक आंधी. यह बदलाव सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं रहेगा. IMD के अनुसार हवा की दिशा बदलेगी, नमी बढ़ेगी. और कई इलाकों में बारिश का सिलसिला भी शुरू हो सकता है. खासतौर पर 26 अप्रैल से 1 मई के बीच यह बदलाव ज्यादा असरदार रहेगा. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह एक ट्रांजिशन फेज है. यानी गर्मी से राहत की शुरुआत, लेकिन पूरी राहत अभी दूर है.
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 36 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. पहाड़ी इलाकों में पहले से सक्रिय सिस्टम अब मैदानों की ओर बढ़ेगा. इससे मौसम का मिजाज बदलने लगेगा. उत्तर-पश्चिम भारत में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी. कई जगहों पर तेज हवाएं चलेंगी. धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है. यह बदलाव धीरे-धीरे पूरे उत्तर भारत को प्रभावित करेगा. हालांकि, हीटवेव पूरी तरह खत्म नहीं होगी. लेकिन इसकी तीव्रता में कमी आ सकती है.
अप्रैल महीने की गर्मी लोगों को खूब सता रहा है. कई राज्यों और शहरों में पारा 40 के पार लगातार जा रहा है. पूरा भारत इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है. लू के थपेड़े दिन को और मुश्किल बना रहे हैं. हालात ऐसे हैं जैसे सूरज खुद ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ कर रहा हो. लेकिन इसी तपिश के बीच एक नई हलचल भी शुरू हो गई है. मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं. मौसम विभाग (IMD) ने साफ किया है कि अब तस्वीर बदलने वाली है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो रहा है. यह सिस्टम उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करेगा. धूल भरी आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर शुरू हो सकता है. यह बदलाव अचानक नहीं होगा लेकिन असर जरूर दिखेगा. यही वजह है कि मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है.
गर्मी और राहत के बीच का यह संघर्ष अगले कुछ दिनों में और दिलचस्प हो जाएगा. एक तरफ हीटवेव का कहर जारी रहेगा. दूसरी तरफ बादलों की एंट्री लोगों को उम्मीद देगी. यह वही दौर होता है जब मौसम तेजी से करवट बदलता है. कभी तेज धूप, तो कभी अचानक आंधी. यह बदलाव सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं रहेगा. IMD के अनुसार हवा की दिशा बदलेगी, नमी बढ़ेगी. और कई इलाकों में बारिश का सिलसिला भी शुरू हो सकता है. खासतौर पर 26 अप्रैल से 1 मई के बीच यह बदलाव ज्यादा असरदार रहेगा. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह एक ट्रांजिशन फेज है. यानी गर्मी से राहत की शुरुआत, लेकिन पूरी राहत अभी दूर है.
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 36 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. पहाड़ी इलाकों में पहले से सक्रिय सिस्टम अब मैदानों की ओर बढ़ेगा. इससे मौसम का मिजाज बदलने लगेगा. उत्तर-पश्चिम भारत में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी. कई जगहों पर तेज हवाएं चलेंगी. धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है. यह बदलाव धीरे-धीरे पूरे उत्तर भारत को प्रभावित करेगा. हालांकि, हीटवेव पूरी तरह खत्म नहीं होगी. लेकिन इसकी तीव्रता में कमी आ सकती है.



Journalist खबरीलाल













