कोरबा। भ्रष्ट गतिविधि के चक्कर में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड कुसमुंडा क्षेत्र का एक कर्मचारी सेंट्रल ब्यूरो का इन्वेस्टिगेशन के फंदे में फस गया।। एक कर्मचारी से घूस मांगने की वजह से उसे पर कार्रवाई हुई है । ब्यूरो ने उसे पकड़ा और अपने कब्जे में ले लिया। कहा गया कि भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के अंतर्गत उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
खबर के अनुसार कोल सेक्टर में काम करने वाले एक कर्मचारी ने कोल माईनिग प्रोविडेंट फंड में अपनी जमा राशि प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया की । काफी समय गुजारने पर भी उसे यह धनराशि प्राप्त नहीं हुई। बताया गया कि सीएमपीएफ डिवीजन का कर्मचारी मनोहर कौशिक संबंधित कर्मचारियों को अनावश्यक चक्कर लगवा रहा था। पीडि़त कर्मी ने इस बारे में कौशिक से समस्या पूछी कि आखिर उसक फाइल आगे बढऩे में दिक्कत क्या है। तब उसने रिश्वत की पेशकश की। यह राशि क्षमता से बाहर होने और सिद्धांत के खिलाफ होने से कर्मचारी ने इसकी शिकायत सीबीआई को की। इसके कुछ प्रमाण दिए।
ब्यूरो ने रिश्वत मांगने वाले को दबोचने की योजना बनाई। इसके लिए तिथि तय की गई। खबर के अनुसार तय कार्यक्रम के तहत जैसे ही एसईसीएल के कर्मी ने रिश्वत की राशि कौशिक को दी तो इशारा पाने पर सीबीआई ने उसे दबोच लिया। उसके हाथ धुलवाए गए और फिर जब्ती की कार्यवाही पूरी की गई। रिश्वत मांगने वाले को टीम ने अपने कब्जे में लिया। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि एसईसीएल में रिश्वतखोरी का बोलबाला जारी है।
कोरबा। भ्रष्ट गतिविधि के चक्कर में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड कुसमुंडा क्षेत्र का एक कर्मचारी सेंट्रल ब्यूरो का इन्वेस्टिगेशन के फंदे में फस गया।। एक कर्मचारी से घूस मांगने की वजह से उसे पर कार्रवाई हुई है । ब्यूरो ने उसे पकड़ा और अपने कब्जे में ले लिया। कहा गया कि भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के अंतर्गत उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
खबर के अनुसार कोल सेक्टर में काम करने वाले एक कर्मचारी ने कोल माईनिग प्रोविडेंट फंड में अपनी जमा राशि प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया की । काफी समय गुजारने पर भी उसे यह धनराशि प्राप्त नहीं हुई। बताया गया कि सीएमपीएफ डिवीजन का कर्मचारी मनोहर कौशिक संबंधित कर्मचारियों को अनावश्यक चक्कर लगवा रहा था। पीडि़त कर्मी ने इस बारे में कौशिक से समस्या पूछी कि आखिर उसक फाइल आगे बढऩे में दिक्कत क्या है। तब उसने रिश्वत की पेशकश की। यह राशि क्षमता से बाहर होने और सिद्धांत के खिलाफ होने से कर्मचारी ने इसकी शिकायत सीबीआई को की। इसके कुछ प्रमाण दिए।
ब्यूरो ने रिश्वत मांगने वाले को दबोचने की योजना बनाई। इसके लिए तिथि तय की गई। खबर के अनुसार तय कार्यक्रम के तहत जैसे ही एसईसीएल के कर्मी ने रिश्वत की राशि कौशिक को दी तो इशारा पाने पर सीबीआई ने उसे दबोच लिया। उसके हाथ धुलवाए गए और फिर जब्ती की कार्यवाही पूरी की गई। रिश्वत मांगने वाले को टीम ने अपने कब्जे में लिया। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि एसईसीएल में रिश्वतखोरी का बोलबाला जारी है।



Journalist खबरीलाल














