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CG (खबरीलाल न्यूज़) : अरुण देव गौतम बने छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी:

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रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम को प्रदेश का नया डीजीपी (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) नियुक्त किया है। वे अब तक प्रभारी डीजीपी के रूप में कार्य कर रहे थे।





अरुण देव गौतम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के अभयपुर गांव के निवासी हैं। किसान परिवार में पले-बढ़े गौतम की प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में हुई। उन्होंने दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से पूरी की। इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए और राजनीति शास्त्र में एमए किया। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने Jawaharlal Nehru University से अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल की डिग्री हासिल की।





आईपीएस बनने के बाद वर्ष 1992 में उन्हें मध्यप्रदेश कैडर मिला और प्रशिक्षु अधिकारी के तौर पर उनकी पहली पोस्टिंग जबलपुर में हुई। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ कैडर चुना।





समाचारछत्तीसगढ़ में उन्होंने कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर जैसे जिलों में एसपी के रूप में सेवाएं दीं। लंबे प्रशासनिक अनुभव और कानून व्यवस्था पर मजबूत पकड़ के कारण उन्हें प्रदेश पुलिस की कमान सौंपी गई है।




रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम को प्रदेश का नया डीजीपी (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) नियुक्त किया है। वे अब तक प्रभारी डीजीपी के रूप में कार्य कर रहे थे।





अरुण देव गौतम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के अभयपुर गांव के निवासी हैं। किसान परिवार में पले-बढ़े गौतम की प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में हुई। उन्होंने दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से पूरी की। इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए और राजनीति शास्त्र में एमए किया। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने Jawaharlal Nehru University से अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल की डिग्री हासिल की।





आईपीएस बनने के बाद वर्ष 1992 में उन्हें मध्यप्रदेश कैडर मिला और प्रशिक्षु अधिकारी के तौर पर उनकी पहली पोस्टिंग जबलपुर में हुई। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ कैडर चुना।





समाचारछत्तीसगढ़ में उन्होंने कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर जैसे जिलों में एसपी के रूप में सेवाएं दीं। लंबे प्रशासनिक अनुभव और कानून व्यवस्था पर मजबूत पकड़ के कारण उन्हें प्रदेश पुलिस की कमान सौंपी गई है।



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