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Surajpur (खबरीलाल न्यूज़) :: कोरिया जिले के चरचा कॉलरी में हुआ दर्दनाक हादसा: डिप्टी मैनेजर के.बी. नंदन की आग में झुलसकर मौत, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर , जांच में मिला सुसाइड :

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सौरभ साहू , चरचा कालरी जिला कोरिया छत्तीसगढ़।

कोरिया/चरचा कॉलरी। एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र की चरचा कॉलरी शनिवार रात एक हृदयविदारक और सनसनीखेज घटना से दहल उठी। कॉलरी में डिप्टी मैनेजर के पद पर पदस्थ कुमार भारती नंदन (के.बी. नंदन) की उनके विभागीय आवास में लगी भीषण आग में झुलसकर दर्दनाक मृत्यु हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि धमाके और आग की तेज लपटों की आवाज सुनकर पूरी कॉलोनी सहम गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बता दें कि, 

के.बी. नंदन चाइना ब्लॉक स्थित विभागीय आवास क्रमांक सी-25 में निवासरत थे। उनकी पत्नी और छोटा पुत्र बिहार के गया स्थित गृहग्राम गए हुए थे, जबकि घर में केवल वे और उनका बड़ा पुत्र मौजूद थे। शनिवार रात लगभग 9:30 बजे उनका पुत्र घर के बाहर था। इसी दौरान घर के भीतर से अचानक आग की लपटें उठीं और जोरदार धमाका हुआ। घबराया पुत्र चिल्लाते हुए लोगों को बताने लगा कि उसके पिता घर के अंदर फंसे हुए हैं। धमाके की आवाज सुनकर आसपास रहने वाले अधिकारी तत्काल अपने घरों से बाहर निकले। जी.एम. गुप्ता, निलेश अवधिया, धीरेन्द्र सिंह, मदन गोपाल, जे.पी. सोनी, अतुल चिंचोलकर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। खिड़की से देखने पर रसोईघर में भीषण आग दिखाई दी, जिसकी चपेट में के.बी. नंदन थे। सूचना मिलते ही एसईसीएल की रेस्क्यू टीम, फायर ब्रिगेड और नगर सेना को बुलाया गया। मुख्य दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण बचाव कार्य में भारी कठिनाई आई। काफी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा गया। अंदर पहुंचने पर रसोई का दरवाजा भी भीतर से बंद मिला, जिसे भी तोड़कर टीम अंदर पहुंची। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग की भयावहता के बीच के.बी. नंदन गंभीर रूप से झुलस चुके थे।उन्हें तत्काल क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही पूरे कॉलरी क्षेत्र में शोक और सनसनी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक अस्पताल पहुंच गए। चरचा माइंस के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय कुमार सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर गहरा शोक व्यक्त किया और आवश्यक निर्देश दिए।

घटना की सूचना मिलते ही एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र की रेस्क्यू टीम सक्रिय हो गई। रेस्क्यू प्रभारी सुशील कुमार सिंह ने फायर ब्रिगेड को रवाना किया और स्वयं सहयोगी सुनील कुमार वर्गीस के साथ अग्निशमन उपकरण लेकर घटनास्थल पहुंचे। सबसे सराहनीय कार्य फायरब्रिगेड कि टीम ने सूचना मिलने के महज 10 मिनट के भीतर फायरब्रिगेड कि टीम बैकुंठपुर से चरचा कालरी मौके पर पहुंची और अपनी तत्परता दिखाते हुए मौके पर डटी रहीं,तब तक के.बी. नंदन को अस्पताल ले जाया जा चुका था, लेकिन घर के भीतर गैस सिलेंडर से आग की ऊंची लपटें निकल रही थीं। आसपास के परिवार दहशत में थे। ऐसे खतरनाक हालात में भी रेस्क्यू टीम ने साहस का परिचय देते हुए घर के भीतर प्रवेश किया, सिलेंडर में लगी आग बुझाई और अत्यधिक गर्म हो चुके सिलेंडर को बाहर निकालकर संभावित बड़े विस्फोट और जनहानि को टाल दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट और अत्यधिक गर्मी के कारण घर के भीतर लगे सिंथेटिक पर्दे कई स्थानों पर पिघल गए थे। कुछ सोफा कवर जल गए थे, जबकि एक कमरे में रखी पन्नी में पैक साड़ियों का एक हिस्सा पूरी तरह जल चुका था। हालांकि अन्य सामान अपेक्षाकृत सुरक्षित मिला। विशेषज्ञों का अनुमान है कि घर के सभी दरवाजे बंद होने और गैस सिलेंडर से गैस रिसने के कारण पूरा मकान गैस चैंबर में बदल गया था। आग लगने के बाद गैस के संपर्क में आते ही भीषण विस्फोट हुआ, जिससे के.बी. नंदन गंभीर रूप से झुलस गए।

घटना के समय मुख्य दरवाजा और रसोईघर का दरवाजा दोनों अंदर से बंद थे। यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर दोनों दरवाजे अंदर से क्यों बंद थे और आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी, इसका जवाब अब पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट से ही मिल सकेगा।

सूत्रों के अनुसार के.बी. नंदन वर्ष 2014 से चरचा कॉलरी में पदस्थ थे। बताया जाता है कि वे पिछले लगभग तीन वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे और नियमित रूप से ड्यूटी नहीं कर पा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही चरचा थाना प्रभारी आनंद सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्रीय चिकित्सालय पहुंची। एएसआई महानंदी, प्रधान आरक्षक अमित त्रिपाठी एवं शशिभूषण ने जांच प्रारंभ की। शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया। रविवार सुबह जिला मुख्यालय से पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, हालांकि प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एसईसीएल परिवार बल्कि पूरे चरचा क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। सभी की निगाहें अब पुलिस और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्यमयी घटना के पीछे की वास्तविक वजह उजागर कर सकती है।


सौरभ साहू , चरचा कालरी जिला कोरिया छत्तीसगढ़।

कोरिया/चरचा कॉलरी। एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र की चरचा कॉलरी शनिवार रात एक हृदयविदारक और सनसनीखेज घटना से दहल उठी। कॉलरी में डिप्टी मैनेजर के पद पर पदस्थ कुमार भारती नंदन (के.बी. नंदन) की उनके विभागीय आवास में लगी भीषण आग में झुलसकर दर्दनाक मृत्यु हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि धमाके और आग की तेज लपटों की आवाज सुनकर पूरी कॉलोनी सहम गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बता दें कि, 

के.बी. नंदन चाइना ब्लॉक स्थित विभागीय आवास क्रमांक सी-25 में निवासरत थे। उनकी पत्नी और छोटा पुत्र बिहार के गया स्थित गृहग्राम गए हुए थे, जबकि घर में केवल वे और उनका बड़ा पुत्र मौजूद थे। शनिवार रात लगभग 9:30 बजे उनका पुत्र घर के बाहर था। इसी दौरान घर के भीतर से अचानक आग की लपटें उठीं और जोरदार धमाका हुआ। घबराया पुत्र चिल्लाते हुए लोगों को बताने लगा कि उसके पिता घर के अंदर फंसे हुए हैं। धमाके की आवाज सुनकर आसपास रहने वाले अधिकारी तत्काल अपने घरों से बाहर निकले। जी.एम. गुप्ता, निलेश अवधिया, धीरेन्द्र सिंह, मदन गोपाल, जे.पी. सोनी, अतुल चिंचोलकर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। खिड़की से देखने पर रसोईघर में भीषण आग दिखाई दी, जिसकी चपेट में के.बी. नंदन थे। सूचना मिलते ही एसईसीएल की रेस्क्यू टीम, फायर ब्रिगेड और नगर सेना को बुलाया गया। मुख्य दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण बचाव कार्य में भारी कठिनाई आई। काफी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा गया। अंदर पहुंचने पर रसोई का दरवाजा भी भीतर से बंद मिला, जिसे भी तोड़कर टीम अंदर पहुंची। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग की भयावहता के बीच के.बी. नंदन गंभीर रूप से झुलस चुके थे।उन्हें तत्काल क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही पूरे कॉलरी क्षेत्र में शोक और सनसनी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक अस्पताल पहुंच गए। चरचा माइंस के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय कुमार सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर गहरा शोक व्यक्त किया और आवश्यक निर्देश दिए।

घटना की सूचना मिलते ही एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र की रेस्क्यू टीम सक्रिय हो गई। रेस्क्यू प्रभारी सुशील कुमार सिंह ने फायर ब्रिगेड को रवाना किया और स्वयं सहयोगी सुनील कुमार वर्गीस के साथ अग्निशमन उपकरण लेकर घटनास्थल पहुंचे। सबसे सराहनीय कार्य फायरब्रिगेड कि टीम ने सूचना मिलने के महज 10 मिनट के भीतर फायरब्रिगेड कि टीम बैकुंठपुर से चरचा कालरी मौके पर पहुंची और अपनी तत्परता दिखाते हुए मौके पर डटी रहीं,तब तक के.बी. नंदन को अस्पताल ले जाया जा चुका था, लेकिन घर के भीतर गैस सिलेंडर से आग की ऊंची लपटें निकल रही थीं। आसपास के परिवार दहशत में थे। ऐसे खतरनाक हालात में भी रेस्क्यू टीम ने साहस का परिचय देते हुए घर के भीतर प्रवेश किया, सिलेंडर में लगी आग बुझाई और अत्यधिक गर्म हो चुके सिलेंडर को बाहर निकालकर संभावित बड़े विस्फोट और जनहानि को टाल दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट और अत्यधिक गर्मी के कारण घर के भीतर लगे सिंथेटिक पर्दे कई स्थानों पर पिघल गए थे। कुछ सोफा कवर जल गए थे, जबकि एक कमरे में रखी पन्नी में पैक साड़ियों का एक हिस्सा पूरी तरह जल चुका था। हालांकि अन्य सामान अपेक्षाकृत सुरक्षित मिला। विशेषज्ञों का अनुमान है कि घर के सभी दरवाजे बंद होने और गैस सिलेंडर से गैस रिसने के कारण पूरा मकान गैस चैंबर में बदल गया था। आग लगने के बाद गैस के संपर्क में आते ही भीषण विस्फोट हुआ, जिससे के.बी. नंदन गंभीर रूप से झुलस गए।

घटना के समय मुख्य दरवाजा और रसोईघर का दरवाजा दोनों अंदर से बंद थे। यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर दोनों दरवाजे अंदर से क्यों बंद थे और आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी, इसका जवाब अब पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट से ही मिल सकेगा।

सूत्रों के अनुसार के.बी. नंदन वर्ष 2014 से चरचा कॉलरी में पदस्थ थे। बताया जाता है कि वे पिछले लगभग तीन वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे और नियमित रूप से ड्यूटी नहीं कर पा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही चरचा थाना प्रभारी आनंद सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्रीय चिकित्सालय पहुंची। एएसआई महानंदी, प्रधान आरक्षक अमित त्रिपाठी एवं शशिभूषण ने जांच प्रारंभ की। शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया। रविवार सुबह जिला मुख्यालय से पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, हालांकि प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एसईसीएल परिवार बल्कि पूरे चरचा क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। सभी की निगाहें अब पुलिस और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्यमयी घटना के पीछे की वास्तविक वजह उजागर कर सकती है।


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