पटना के चर्चित कोचिंग फायरिंग मामले में आरोपी बनाए गए फैजल खान (खान सर) को पटना जिला अदालत ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। मंगलवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम संरक्षण (प्रोटेक्शन) देते हुए उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया कि, खान सर का इस मामले में कोई प्रत्यक्ष आपराधिक संबंध नहीं है। उनका कहना था कि उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। वहीं पुलिस ने अदालत के सामने मामले की जांच, दर्ज एफआईआर और अब तक जुटाए गए सबूत पेश किए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने फैजल खान को राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया। इसके साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।यह मामला पटना के दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवाद के बाद हुई फायरिंग की घटना से जुड़ा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कदमकुआं थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस जांच के मुताबिक फायरिंग की घटना में कोचिंग संस्थान से जुड़े दो गार्डों की भूमिका सामने आई थी। दोनों गार्ड फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पहले पुलिस से केस डायरी और जांच से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा था। अब अगली सुनवाई में पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों पर विचार किया जाएगा।
विवाद के बाद से खान सर अंडरग्राउंड हैं और उनसे सार्वजनिक रूप से देखा नहीं गया है। कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि वो पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। पटना पुलिस कई दिनों से उनकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी कर रही थी। पटना के एसएसपी कार्तिक शर्मा ने भी बताया था कि पुलिस टीमों ने पटना और आसपास के जिलों में उनकी तलाश में कई जगहों पर दबिश दी थी। हालांकि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में असफल रही।
पटना के चर्चित कोचिंग फायरिंग मामले में आरोपी बनाए गए फैजल खान (खान सर) को पटना जिला अदालत ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। मंगलवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम संरक्षण (प्रोटेक्शन) देते हुए उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया कि, खान सर का इस मामले में कोई प्रत्यक्ष आपराधिक संबंध नहीं है। उनका कहना था कि उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। वहीं पुलिस ने अदालत के सामने मामले की जांच, दर्ज एफआईआर और अब तक जुटाए गए सबूत पेश किए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने फैजल खान को राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया। इसके साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।यह मामला पटना के दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवाद के बाद हुई फायरिंग की घटना से जुड़ा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कदमकुआं थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस जांच के मुताबिक फायरिंग की घटना में कोचिंग संस्थान से जुड़े दो गार्डों की भूमिका सामने आई थी। दोनों गार्ड फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पहले पुलिस से केस डायरी और जांच से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा था। अब अगली सुनवाई में पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों पर विचार किया जाएगा।
विवाद के बाद से खान सर अंडरग्राउंड हैं और उनसे सार्वजनिक रूप से देखा नहीं गया है। कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि वो पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। पटना पुलिस कई दिनों से उनकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी कर रही थी। पटना के एसएसपी कार्तिक शर्मा ने भी बताया था कि पुलिस टीमों ने पटना और आसपास के जिलों में उनकी तलाश में कई जगहों पर दबिश दी थी। हालांकि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में असफल रही।



Journalist खबरीलाल














