इस्लामाबाद। दुनियाभर में कटोरा लेकर घूम रहा पाकिस्तान बीते एक साल से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है। कारण है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया है। भारत के इस कड़े कदम से पाकिस्तान पूरी तरह बौखला गया है और आय दिन नई-नई गीदड़भभकी भी दे रहा है। इस मामले में अब पाकिस्तान की ओर से नई गीदड़भभकी पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने दिया है।
मलिक ने कहा है कि यह पहले ही साफ किया जा चुका है कि जो भी हमारे पानी को छुएगा, उसके हाथ काट दिए जाएंगे। पाकिस्तानी न्यूज चैनल एआरवाई पर दिए गए उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। मुसादिक मलिक के अलावा पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने भी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा।
पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक तरार ने कहा कि एक पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री के हाथ में पानी का नल है। वह कहते हैं कि वह पाकिस्तान में पानी की एक बूंद भी नहीं जाने देंगे। उन्होंने दावा किया कि कोई भी देश इस समझौते को अकेले अपनी मर्जी से रद्द नहीं कर सकता। वो कहते है ना कि जिसके बस में कुछ नहीं होता वो बड़बोला होता है और पाकिस्तान की तो हमेशा से ऐसी आदत रही है। भलेही शहबाज के मंत्री किसी भी प्रकार का कोई भाषण दे दे। सच्चाई तो ये है भारत की सख्ती के चलते आज पाकिस्तान पानी के लिए तरस रहा है। अच्छा इसका जिम्मेदार भी तो खुद पाकिस्ता ही है। कारण है कि भारत ने पहले ही साफ कर दिया है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा था कि आतंक और बातचीत साथ नहीं हो सकते, पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। इसके अलावा हाल ही में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी साफ किया था कि भारत इस मुद्दे पर झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को सस्पेंड करके हमने साफ कह दिया है कि जिनके आंसू सूख चुके हैं, वे हमसे पानी की उम्मीद न रखें। हम सिंधु नदी का पानी आतंकवादियों के आकाओं और इंसानियत के दुश्मनों तक नहीं पहुंचने देंगे।
इस्लामाबाद। दुनियाभर में कटोरा लेकर घूम रहा पाकिस्तान बीते एक साल से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है। कारण है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया है। भारत के इस कड़े कदम से पाकिस्तान पूरी तरह बौखला गया है और आय दिन नई-नई गीदड़भभकी भी दे रहा है। इस मामले में अब पाकिस्तान की ओर से नई गीदड़भभकी पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने दिया है।
मलिक ने कहा है कि यह पहले ही साफ किया जा चुका है कि जो भी हमारे पानी को छुएगा, उसके हाथ काट दिए जाएंगे। पाकिस्तानी न्यूज चैनल एआरवाई पर दिए गए उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। मुसादिक मलिक के अलावा पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने भी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा।
पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक तरार ने कहा कि एक पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री के हाथ में पानी का नल है। वह कहते हैं कि वह पाकिस्तान में पानी की एक बूंद भी नहीं जाने देंगे। उन्होंने दावा किया कि कोई भी देश इस समझौते को अकेले अपनी मर्जी से रद्द नहीं कर सकता। वो कहते है ना कि जिसके बस में कुछ नहीं होता वो बड़बोला होता है और पाकिस्तान की तो हमेशा से ऐसी आदत रही है। भलेही शहबाज के मंत्री किसी भी प्रकार का कोई भाषण दे दे। सच्चाई तो ये है भारत की सख्ती के चलते आज पाकिस्तान पानी के लिए तरस रहा है। अच्छा इसका जिम्मेदार भी तो खुद पाकिस्ता ही है। कारण है कि भारत ने पहले ही साफ कर दिया है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा था कि आतंक और बातचीत साथ नहीं हो सकते, पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। इसके अलावा हाल ही में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी साफ किया था कि भारत इस मुद्दे पर झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को सस्पेंड करके हमने साफ कह दिया है कि जिनके आंसू सूख चुके हैं, वे हमसे पानी की उम्मीद न रखें। हम सिंधु नदी का पानी आतंकवादियों के आकाओं और इंसानियत के दुश्मनों तक नहीं पहुंचने देंगे।


Journalist खबरीलाल
















