दुर्ग पुलिस। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने दुर्ग रेंज की कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की समीक्षा की, आईटीएमएस का अवलोकन कर तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के दिए निर्देश। पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6, दुर्ग में दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिलों के राजपत्रित अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित कर अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, विवेचना की गुणवत्ता एवं पुलिसिंग की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। दुर्ग पुलिस द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान अपराध नियंत्रण, विशेष अभियानों, जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग, साइबर अपराधों की रोकथाम, संपत्ति संबंधी अपराधों के निराकरण, नशे के विरुद्ध अभियान एवं तकनीक आधारित पुलिसिंग की उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। पुलिस महानिदेशक ने गुणवत्तापूर्ण विवेचना, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, रोजनामचा के नियमित अध्ययन, गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई, फरार एवं स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी, अधीनस्थ पुलिस कर्मियों के कल्याण तथा आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के उपरांत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का अवलोकन कर सीसीटीवी आधारित निगरानी, स्मार्ट ट्रैफिक प्रवर्तन, डिजिटल मॉनिटरिंग एवं आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग से नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 12.07.2026 को पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-6, दुर्ग में पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम की अध्यक्षता में दुर्ग रेंज के अंतर्गत दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिलों के राजपत्रित अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति, अपराध नियंत्रण की रणनीति, विवेचना की गुणवत्ता, तकनीक आधारित पुलिसिंग तथा आगामी कार्ययोजना की समग्र समीक्षा करना रहा।
बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा दुर्ग पुलिस की विगत एक वर्ष की उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतीकरण में गंभीर एवं संपत्ति संबंधी अपराधों के निराकरण, साइबर अपराधों की रोकथाम, मादक पदार्थों के विरुद्ध संचालित विशेष अभियान, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई, सामुदायिक पुलिसिंग, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा जागरूकता, आधुनिक तकनीक के उपयोग, पुलिस रिस्पांस सिस्टम की कार्यप्रणाली तथा जनविश्वास बढ़ाने हेतु किए गए विभिन्न नवाचारों की जानकारी प्रस्तुत की गई।बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक अपराध की विवेचना वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से की जाए, गंभीर अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने रोजनामचा का नियमित अध्ययन, अपराध प्रवृत्तियों का विश्लेषण, संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी तथा कानून-व्यवस्था की निरंतर समीक्षा पर विशेष बल दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों एवं स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान संचालित किए जाएं। महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई एवं पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया जाए। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी दक्षता बढ़ाने, डिजिटल साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग तथा आम नागरिकों में साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
पुलिस महानिदेशक ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक कल्याण, तनाव प्रबंधन, नियमित प्रशिक्षण, अनुशासन तथा टीमवर्क को भी प्रभावी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इस दिशा में निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति विनम्र, संवेदनशील, पारदर्शी एवं उत्तरदायी व्यवहार पुलिस की सबसे बड़ी पहचान है तथा प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को इसी भावना के साथ कार्य करना चाहिए।
समीक्षा बैठक के उपरांत पुलिस महानिदेशक ने पुलिस कंट्रोल रूम परिसर में स्थापित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें शहर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों, ऑटोमेटेड ट्रैफिक मॉनिटरिंग, डिजिटल प्रवर्तन प्रणाली, ई-चालान व्यवस्था, यातायात विश्लेषण एवं नियंत्रण तंत्र की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ किया जाए, यातायात नियमों का प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित किया जाए तथा तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग के माध्यम से आम नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।बैठक में दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिलों के राजपत्रित अधिकारी और दुर्ग जिले से श्री सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर), श्री हर्षित मेहर, भा.पु.से., नगर पुलिस अधीक्षक, दुर्ग, श्री प्रशांत सिंह पैकरा, नगर पुलिस अधीक्षक, छावनी, श्री चंद्र प्रकाश तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक (लाइन), श्री सत्यप्रकाश तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक, भिलाई नगर, श्रीमती भारती मरकाम, उप पुलिस अधीक्षक (IUCAW), सुश्री आकर्षि कश्यप, उप पुलिस अधीक्षक, श्री नागेन्द्र सिंह, सेनानी, नगर सेना एवं श्री नीलकंठ वर्मा, रक्षित निरीक्षक सहित बड़ी संख्या में पुलिस परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
दुर्ग पुलिस। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने दुर्ग रेंज की कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की समीक्षा की, आईटीएमएस का अवलोकन कर तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के दिए निर्देश। पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6, दुर्ग में दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिलों के राजपत्रित अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित कर अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, विवेचना की गुणवत्ता एवं पुलिसिंग की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। दुर्ग पुलिस द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान अपराध नियंत्रण, विशेष अभियानों, जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग, साइबर अपराधों की रोकथाम, संपत्ति संबंधी अपराधों के निराकरण, नशे के विरुद्ध अभियान एवं तकनीक आधारित पुलिसिंग की उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। पुलिस महानिदेशक ने गुणवत्तापूर्ण विवेचना, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, रोजनामचा के नियमित अध्ययन, गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई, फरार एवं स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी, अधीनस्थ पुलिस कर्मियों के कल्याण तथा आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के उपरांत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का अवलोकन कर सीसीटीवी आधारित निगरानी, स्मार्ट ट्रैफिक प्रवर्तन, डिजिटल मॉनिटरिंग एवं आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग से नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 12.07.2026 को पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-6, दुर्ग में पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम की अध्यक्षता में दुर्ग रेंज के अंतर्गत दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिलों के राजपत्रित अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति, अपराध नियंत्रण की रणनीति, विवेचना की गुणवत्ता, तकनीक आधारित पुलिसिंग तथा आगामी कार्ययोजना की समग्र समीक्षा करना रहा।
बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा दुर्ग पुलिस की विगत एक वर्ष की उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतीकरण में गंभीर एवं संपत्ति संबंधी अपराधों के निराकरण, साइबर अपराधों की रोकथाम, मादक पदार्थों के विरुद्ध संचालित विशेष अभियान, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई, सामुदायिक पुलिसिंग, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा जागरूकता, आधुनिक तकनीक के उपयोग, पुलिस रिस्पांस सिस्टम की कार्यप्रणाली तथा जनविश्वास बढ़ाने हेतु किए गए विभिन्न नवाचारों की जानकारी प्रस्तुत की गई।बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक अपराध की विवेचना वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से की जाए, गंभीर अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने रोजनामचा का नियमित अध्ययन, अपराध प्रवृत्तियों का विश्लेषण, संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी तथा कानून-व्यवस्था की निरंतर समीक्षा पर विशेष बल दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों एवं स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान संचालित किए जाएं। महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई एवं पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया जाए। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी दक्षता बढ़ाने, डिजिटल साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग तथा आम नागरिकों में साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
पुलिस महानिदेशक ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक कल्याण, तनाव प्रबंधन, नियमित प्रशिक्षण, अनुशासन तथा टीमवर्क को भी प्रभावी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इस दिशा में निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति विनम्र, संवेदनशील, पारदर्शी एवं उत्तरदायी व्यवहार पुलिस की सबसे बड़ी पहचान है तथा प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को इसी भावना के साथ कार्य करना चाहिए।
समीक्षा बैठक के उपरांत पुलिस महानिदेशक ने पुलिस कंट्रोल रूम परिसर में स्थापित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें शहर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों, ऑटोमेटेड ट्रैफिक मॉनिटरिंग, डिजिटल प्रवर्तन प्रणाली, ई-चालान व्यवस्था, यातायात विश्लेषण एवं नियंत्रण तंत्र की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ किया जाए, यातायात नियमों का प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित किया जाए तथा तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग के माध्यम से आम नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।बैठक में दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिलों के राजपत्रित अधिकारी और दुर्ग जिले से श्री सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर), श्री हर्षित मेहर, भा.पु.से., नगर पुलिस अधीक्षक, दुर्ग, श्री प्रशांत सिंह पैकरा, नगर पुलिस अधीक्षक, छावनी, श्री चंद्र प्रकाश तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक (लाइन), श्री सत्यप्रकाश तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक, भिलाई नगर, श्रीमती भारती मरकाम, उप पुलिस अधीक्षक (IUCAW), सुश्री आकर्षि कश्यप, उप पुलिस अधीक्षक, श्री नागेन्द्र सिंह, सेनानी, नगर सेना एवं श्री नीलकंठ वर्मा, रक्षित निरीक्षक सहित बड़ी संख्या में पुलिस परिवार के सदस्य उपस्थित थे।


Journalist खबरीलाल














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