रायपुर: भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों पर ट्रेनिंग और शुरुआती पोस्टिंग के दौरान ही गंभीर सवाल खड़े होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ कैडर के ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल से जुड़ा है, जिन पर उनकी पहली ही फील्ड पोस्टिंग में हवाला के जरिए एक करोड़ रुपये से अधिक की रिश्वत लेने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए बड़ा आदेश जारी किया है।
छत्तीसगढ़ केसरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में पदस्थ प्रशिक्षु आईपीएस राहुल बंसल और सरगुजा के साइबर थाने में पदस्थ दो उप-निरीक्षकों पर एक आपराधिक साजिश के तहत आरोपियों के रिश्तेदारों से लगभग एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, यह घूस मई 2026 में 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में हवाला के माध्यम से ली गई थी। इस पूरे खेल का खुलासा व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग के जरिए हुआ है। शिकायतकर्ता ने पुलिसकर्मियों के साथ हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था और इसी डिजिटल सबूत के आधार पर सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई गई।
विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम)/सीबीआई-11 सुधांशु कौशिक की अदालत में 1 जुलाई 2026 को आकाश कुमार की तरफ से यह शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी पैरवी अधिवक्ता मनमीत सिंह ने की। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) और सीबीआई निदेशक को नोटिस जारी किया है। अदालत ने डीजीपी से पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट और सीबीआई से अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि 8 जून 2026 को शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।
कौन हैं आईपीएस राहुल बंसल ? - मूल रूप से राजस्थान के जयपुर के रहने वाले राहुल बंसल का जन्म 26 जून 1994 को हुआ था। बी.टेक की डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 में सफलता हासिल की थी। ऑल इंडिया लेवल पर 377वीं रैंक हासिल करने वाले राहुल बंसल को छत्तीसगढ़ कैडर मिला था और उन्होंने 29 अगस्त 2022 को पुलिस सेवा ज्वाइन की थी। वर्तमान में वह सरगुजा जिले में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
रायपुर: भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों पर ट्रेनिंग और शुरुआती पोस्टिंग के दौरान ही गंभीर सवाल खड़े होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ कैडर के ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल से जुड़ा है, जिन पर उनकी पहली ही फील्ड पोस्टिंग में हवाला के जरिए एक करोड़ रुपये से अधिक की रिश्वत लेने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए बड़ा आदेश जारी किया है।
छत्तीसगढ़ केसरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में पदस्थ प्रशिक्षु आईपीएस राहुल बंसल और सरगुजा के साइबर थाने में पदस्थ दो उप-निरीक्षकों पर एक आपराधिक साजिश के तहत आरोपियों के रिश्तेदारों से लगभग एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, यह घूस मई 2026 में 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में हवाला के माध्यम से ली गई थी। इस पूरे खेल का खुलासा व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग के जरिए हुआ है। शिकायतकर्ता ने पुलिसकर्मियों के साथ हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था और इसी डिजिटल सबूत के आधार पर सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई गई।
विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम)/सीबीआई-11 सुधांशु कौशिक की अदालत में 1 जुलाई 2026 को आकाश कुमार की तरफ से यह शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी पैरवी अधिवक्ता मनमीत सिंह ने की। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) और सीबीआई निदेशक को नोटिस जारी किया है। अदालत ने डीजीपी से पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट और सीबीआई से अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि 8 जून 2026 को शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।
कौन हैं आईपीएस राहुल बंसल ? - मूल रूप से राजस्थान के जयपुर के रहने वाले राहुल बंसल का जन्म 26 जून 1994 को हुआ था। बी.टेक की डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 में सफलता हासिल की थी। ऑल इंडिया लेवल पर 377वीं रैंक हासिल करने वाले राहुल बंसल को छत्तीसगढ़ कैडर मिला था और उन्होंने 29 अगस्त 2022 को पुलिस सेवा ज्वाइन की थी। वर्तमान में वह सरगुजा जिले में अपनी सेवाएं दे रहे थे।


Journalist खबरीलाल
















