

चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन 14 अगस्त को अंबिकापुर विधायक श्री प्रबोध मिंज एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह ने किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि आशुमल, पी.सी. कुशवाहा, मुकेश गिरी, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजित जागरूकता गतिविधियों की सराहना की।

युवाओं को नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्यों पर ध्यान देना चाहिए : प्रबोध मिंज
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री प्रबोध मिंज ने कहा कि नशे की आदत युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और भविष्य को प्रभावित करती है। युवाओं को नशे से दूर रहकर अपने जीवन के लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय और महाविद्यालय का समय सीखने, समझने और व्यक्तित्व के विकास का महत्वपूर्ण चरण है। युवाओं को पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ यह भी समझना चाहिए कि कौन-सी आदतें उन्हें सही दिशा में ले जाती हैं और कौन-सी गलत रास्ते पर।

श्री मिंज ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के जीवन को धीरे-धीरे अपनी गिरफ्त में ले लेती है। शराब, तंबाकू, सिगरेट तथा अन्य मादक पदार्थों से दूर रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरगुजा की जनजातीय एवं पारंपरिक जीवनशैली में कुछ अवसरों पर मदिरा के पारंपरिक उपयोग की प्रथा रही है, लेकिन इसे नशे की लत में बदलने से रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहने का संकल्प लें और अपने परिवार तथा समाज के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नशामुक्ति और जन-जागरूकता के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को इन अभियानों से जुड़कर नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा के जीवन में कुछ सपने और लक्ष्य होते हैं। नशे की आदत इन सपनों की राह में बाधा बन सकती है। इसलिए युवाओं को अपनी ऊर्जा शिक्षा, कौशल, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण में लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा, नशामुक्त समाज और विकसित भारत—इन तीनों लक्ष्यों को एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों तथा नशामुक्त जीवन का संदेश दिया। विधायक श्री मिंज ने कहा कि संगीत और कला के माध्यम से दिया गया संदेश बच्चों और युवाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचता है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों एवं युवाओं से कार्यक्रम से मिले संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा दूसरों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया।
नशामुक्ति पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी : निरुपा सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह ने कहा कि नशामुक्ति केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नशे का सबसे अधिक प्रभाव युवाओं और उनके परिवारों पर पड़ता है। इसलिए बच्चों और युवाओं को शुरुआत से ही नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी वर्गों से मिलकर नशामुक्ति के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने का आह्वान किया।
श्रीमती सिंह ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देना हम सभी का दायित्व है। खेल, शिक्षा, कौशल विकास, कला एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उनके व्यक्तित्व और क्षमता के विकास के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की मजबूत नींव रख सकते हैं। उन्होंने उपस्थित युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने साथियों और परिवार के सदस्यों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने की अपील की।
दो दिवसीय चित्र प्रदर्शनी में चित्रों, इन्फोग्राफिक्स एवं अन्य दृश्य माध्यमों के जरिए नशीले पदार्थों के व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रदर्शनी में नशीले पदार्थों की पहचान, उनके शारीरिक एवं मानसिक प्रभाव, युवाओं में नशे की प्रवृत्ति के कारण, शुरुआती संकेत तथा ‘मिथक बनाम तथ्य’ के माध्यम से नशे से जुड़ी भ्रांतियों की जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, मानसिक तनाव, पारिवारिक विघटन, आर्थिक नुकसान, अपराध एवं सड़क दुर्घटनाओं जैसे नशे के दुष्परिणामों को भी प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी के माध्यम से परिवार, विद्यालय एवं समुदाय की भूमिका को रेखांकित करते हुए नशे की रोकथाम, संवेदनशील व्यवहार तथा उपचार एवं पुनर्वास की आवश्यकता पर जानकारी दी जा रही है। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’, ‘माय भारत’ (MY Bharat), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 तथा उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से संबंधित उपयोगी जानकारी भी प्रदर्शित की गई है। इसका उद्देश्य लोगों को नशे से जुड़ी समस्याओं की पहचान के साथ-साथ उपलब्ध सहायता एवं सेवाओं की जानकारी देना है।
जन-जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत 14 अगस्त को पोस्टर मेकिंग, रंगोली एवं मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने नशामुक्ति एवं स्वस्थ जीवन से जुड़े संदेशों को रचनात्मक माध्यमों से प्रस्तुत किया। गीत एवं नाट्य विभाग द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम में कलाकारों ने गीत, संवाद एवं अभिनय के माध्यम से नशे के सामाजिक एवं पारिवारिक दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से सामने रखा। 15 अगस्त को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्र निर्माण और युवाओं की सकारात्मक भूमिका से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए जाएंगे।
केंद्रीय संचार ब्यूरो के इस जन-जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य नशामुक्ति के विषय पर समुदाय के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता के माध्यम से नशामुक्ति के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।


चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन 14 अगस्त को अंबिकापुर विधायक श्री प्रबोध मिंज एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह ने किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि आशुमल, पी.सी. कुशवाहा, मुकेश गिरी, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजित जागरूकता गतिविधियों की सराहना की।

युवाओं को नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्यों पर ध्यान देना चाहिए : प्रबोध मिंज
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री प्रबोध मिंज ने कहा कि नशे की आदत युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और भविष्य को प्रभावित करती है। युवाओं को नशे से दूर रहकर अपने जीवन के लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय और महाविद्यालय का समय सीखने, समझने और व्यक्तित्व के विकास का महत्वपूर्ण चरण है। युवाओं को पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ यह भी समझना चाहिए कि कौन-सी आदतें उन्हें सही दिशा में ले जाती हैं और कौन-सी गलत रास्ते पर।

श्री मिंज ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के जीवन को धीरे-धीरे अपनी गिरफ्त में ले लेती है। शराब, तंबाकू, सिगरेट तथा अन्य मादक पदार्थों से दूर रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरगुजा की जनजातीय एवं पारंपरिक जीवनशैली में कुछ अवसरों पर मदिरा के पारंपरिक उपयोग की प्रथा रही है, लेकिन इसे नशे की लत में बदलने से रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहने का संकल्प लें और अपने परिवार तथा समाज के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नशामुक्ति और जन-जागरूकता के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को इन अभियानों से जुड़कर नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा के जीवन में कुछ सपने और लक्ष्य होते हैं। नशे की आदत इन सपनों की राह में बाधा बन सकती है। इसलिए युवाओं को अपनी ऊर्जा शिक्षा, कौशल, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण में लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा, नशामुक्त समाज और विकसित भारत—इन तीनों लक्ष्यों को एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों तथा नशामुक्त जीवन का संदेश दिया। विधायक श्री मिंज ने कहा कि संगीत और कला के माध्यम से दिया गया संदेश बच्चों और युवाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचता है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों एवं युवाओं से कार्यक्रम से मिले संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा दूसरों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया।
नशामुक्ति पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी : निरुपा सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह ने कहा कि नशामुक्ति केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नशे का सबसे अधिक प्रभाव युवाओं और उनके परिवारों पर पड़ता है। इसलिए बच्चों और युवाओं को शुरुआत से ही नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी वर्गों से मिलकर नशामुक्ति के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने का आह्वान किया।
श्रीमती सिंह ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देना हम सभी का दायित्व है। खेल, शिक्षा, कौशल विकास, कला एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उनके व्यक्तित्व और क्षमता के विकास के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की मजबूत नींव रख सकते हैं। उन्होंने उपस्थित युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने साथियों और परिवार के सदस्यों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने की अपील की।
दो दिवसीय चित्र प्रदर्शनी में चित्रों, इन्फोग्राफिक्स एवं अन्य दृश्य माध्यमों के जरिए नशीले पदार्थों के व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रदर्शनी में नशीले पदार्थों की पहचान, उनके शारीरिक एवं मानसिक प्रभाव, युवाओं में नशे की प्रवृत्ति के कारण, शुरुआती संकेत तथा ‘मिथक बनाम तथ्य’ के माध्यम से नशे से जुड़ी भ्रांतियों की जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, मानसिक तनाव, पारिवारिक विघटन, आर्थिक नुकसान, अपराध एवं सड़क दुर्घटनाओं जैसे नशे के दुष्परिणामों को भी प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी के माध्यम से परिवार, विद्यालय एवं समुदाय की भूमिका को रेखांकित करते हुए नशे की रोकथाम, संवेदनशील व्यवहार तथा उपचार एवं पुनर्वास की आवश्यकता पर जानकारी दी जा रही है। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’, ‘माय भारत’ (MY Bharat), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 तथा उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से संबंधित उपयोगी जानकारी भी प्रदर्शित की गई है। इसका उद्देश्य लोगों को नशे से जुड़ी समस्याओं की पहचान के साथ-साथ उपलब्ध सहायता एवं सेवाओं की जानकारी देना है।
जन-जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत 14 अगस्त को पोस्टर मेकिंग, रंगोली एवं मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने नशामुक्ति एवं स्वस्थ जीवन से जुड़े संदेशों को रचनात्मक माध्यमों से प्रस्तुत किया। गीत एवं नाट्य विभाग द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम में कलाकारों ने गीत, संवाद एवं अभिनय के माध्यम से नशे के सामाजिक एवं पारिवारिक दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से सामने रखा। 15 अगस्त को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्र निर्माण और युवाओं की सकारात्मक भूमिका से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए जाएंगे।
केंद्रीय संचार ब्यूरो के इस जन-जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य नशामुक्ति के विषय पर समुदाय के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता के माध्यम से नशामुक्ति के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।


Journalist खबरीलाल
















