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CG (खबरीलाल न्यूज़) : राजधानी में जलभराव बना जानलेवा, मासूम की मौत पर आम आदमी पार्टी ने उठाया नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल:

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रायपुर। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि राजधानी रायपुर में बारिश के साथ जलभराव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर के कई इलाकों में सड़कों और बस्तियों में पानी भरने के बावजूद नगर निगम की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। इसी बीच जलभराव में डूबने से एक और मासूम की जान जाना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

जायसवाल ने कहा कि हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई, जल निकासी और जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही जमीनी हकीकत सामने आ जाती है। सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं और लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ जाती है। सवाल यह है कि आखिर नगर निगम प्रशासन कब अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएगा? जलभराव अब सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि जानलेवा समस्या बन चुका है। यदि नगर निगम को पहले से पता है कि किन इलाकों में पानी भरता है तो वहां प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? नालों की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था पर खर्च होने वाली राशि के बावजूद हर साल वही स्थिति क्यों बनती है?

उत्तम जायसवाल ने रायपुर नगर निगम की महापौर से मांग की है कि मासूम की मौत पर निगम अपनी जिम्मेदारी लेते हुए उनके परिवार को 10 लाख हर्जाना दे तथा इस घटना की गंभीरता से जांच कराई जाए, जलभराव के कारणों की जिम्मेदारी तय की जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही शहर के सभी जलभराव प्रभावित इलाकों का तत्काल सर्वे कराकर पंप, नालियों की सफाई और सुरक्षित जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।















आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने मृत मासूम के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार और नगर निगम प्रशासन से तत्काल राहत, जिम्मेदारी तय करने तथा जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।



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रायपुर। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि राजधानी रायपुर में बारिश के साथ जलभराव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर के कई इलाकों में सड़कों और बस्तियों में पानी भरने के बावजूद नगर निगम की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। इसी बीच जलभराव में डूबने से एक और मासूम की जान जाना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

जायसवाल ने कहा कि हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई, जल निकासी और जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही जमीनी हकीकत सामने आ जाती है। सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं और लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ जाती है। सवाल यह है कि आखिर नगर निगम प्रशासन कब अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएगा? जलभराव अब सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि जानलेवा समस्या बन चुका है। यदि नगर निगम को पहले से पता है कि किन इलाकों में पानी भरता है तो वहां प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? नालों की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था पर खर्च होने वाली राशि के बावजूद हर साल वही स्थिति क्यों बनती है?

उत्तम जायसवाल ने रायपुर नगर निगम की महापौर से मांग की है कि मासूम की मौत पर निगम अपनी जिम्मेदारी लेते हुए उनके परिवार को 10 लाख हर्जाना दे तथा इस घटना की गंभीरता से जांच कराई जाए, जलभराव के कारणों की जिम्मेदारी तय की जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही शहर के सभी जलभराव प्रभावित इलाकों का तत्काल सर्वे कराकर पंप, नालियों की सफाई और सुरक्षित जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।















आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने मृत मासूम के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार और नगर निगम प्रशासन से तत्काल राहत, जिम्मेदारी तय करने तथा जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।


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