यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने तथा युवा वर्ग को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दूधाधारी बजरंग महिला महाविद्यालय, कालीबाड़ी रायपुर में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम में डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए रायपुर ट्रैफिक हैकाथन-2026 की अवधारणा, उद्देश्य एवं रूपरेखा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर एवं द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) [IEI], छत्तीसगढ़ राज्य केंद्र के सहयोग से आयोजित ट्रैफिक हैकाथन नागरिकों की रचनात्मक सोच, तकनीकी क्षमता एवं नवाचार को यातायात समस्याओं के व्यावहारिक समाधान से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि “Our City | Our Roads | Our Ideas” की भावना के साथ अपने शहर की यातायात समस्याओं को समझें और उनके सुरक्षित, सुगम एवं स्मार्ट समाधान के लिए अभिनव सुझाव प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि हैकाथॉन में यातायात इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन, पार्किंग प्रबंधन, सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन एकीकरण, गैर-मोटर चालित परिवहन तथा यातायात प्रबंधन में AI/IoT का समावेश जैसे विषयों पर प्रतिभागी अपने समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं।एसीपी ट्रैफिक श्रीमती स्नेहिल साहू द्वारा यातायात सुरक्षा के 3E—Education, Engineering एवं Enforcement के आधार पर छात्राओं को जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि Education के अंतर्गत यातायात नियमों के प्रति जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण, Engineering के अंतर्गत सुरक्षित सड़क अधोसंरचना, ब्लैक स्पॉट सुधार, उचित साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर एवं बेहतर यातायात सिग्नल व्यवस्था तथा Enforcement के अंतर्गत यातायात नियमों का प्रभावी पालन एवं उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्यवाही महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, नशे में वाहन नहीं चलाने तथा पैदल यात्रियों की सुरक्षा सहित विभिन्न यातायात नियमों की जानकारी दी गई।ट्रैफिक हैकाथॉन 2026 में छात्राओं से सहभागिता का आह्वान - डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने छात्राओं को ट्रैफिक हैकाथॉन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि यह प्रतियोगिता सभी के लिए खुली है। विद्यार्थी, सिविल इंजीनियर, अर्बन प्लानर, प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप्स, एनजीओ एवं जागरूक नागरिक इसमें भाग ले सकते हैं। हैकाथॉन में प्रतिभागी एक या एक से अधिक विषयों में भाग ले सकते हैं। प्रत्येक विषय के लिए पृथक पंजीयन एवं सबमिशन किया जाना है। पंजीयन एवं सबमिशन की अवधि 17 अगस्त से 17 सितंबर 2026 तक निर्धारित है, जबकि फाइनल प्रेजेंटेशन 27 सितंबर 2026 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा।
चयन प्रक्रिया के अंतर्गत विशेषज्ञ टीम द्वारा प्राप्त प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रत्येक विषय से श्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन कर अंतिम चरण के लिए अवसर दिया जाएगा तथा अंतिम चरण में विशेषज्ञों के समक्ष प्रत्यक्ष प्रस्तुति के आधार पर विजेताओं का चयन किया जाएगा।प्रत्येक विषय के विजेताओं को रायपुर कमिश्नरेट की ओर से आकर्षक पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। विजेताओं के लिए पृथक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सड़क सुरक्षा के जागरूक नागरिक एवं रायपुर की यातायात व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के सहभागी बनाना है।
यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने तथा युवा वर्ग को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दूधाधारी बजरंग महिला महाविद्यालय, कालीबाड़ी रायपुर में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम में डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए रायपुर ट्रैफिक हैकाथन-2026 की अवधारणा, उद्देश्य एवं रूपरेखा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर एवं द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) [IEI], छत्तीसगढ़ राज्य केंद्र के सहयोग से आयोजित ट्रैफिक हैकाथन नागरिकों की रचनात्मक सोच, तकनीकी क्षमता एवं नवाचार को यातायात समस्याओं के व्यावहारिक समाधान से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि “Our City | Our Roads | Our Ideas” की भावना के साथ अपने शहर की यातायात समस्याओं को समझें और उनके सुरक्षित, सुगम एवं स्मार्ट समाधान के लिए अभिनव सुझाव प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि हैकाथॉन में यातायात इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन, पार्किंग प्रबंधन, सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन एकीकरण, गैर-मोटर चालित परिवहन तथा यातायात प्रबंधन में AI/IoT का समावेश जैसे विषयों पर प्रतिभागी अपने समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं।एसीपी ट्रैफिक श्रीमती स्नेहिल साहू द्वारा यातायात सुरक्षा के 3E—Education, Engineering एवं Enforcement के आधार पर छात्राओं को जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि Education के अंतर्गत यातायात नियमों के प्रति जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण, Engineering के अंतर्गत सुरक्षित सड़क अधोसंरचना, ब्लैक स्पॉट सुधार, उचित साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर एवं बेहतर यातायात सिग्नल व्यवस्था तथा Enforcement के अंतर्गत यातायात नियमों का प्रभावी पालन एवं उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्यवाही महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, नशे में वाहन नहीं चलाने तथा पैदल यात्रियों की सुरक्षा सहित विभिन्न यातायात नियमों की जानकारी दी गई।ट्रैफिक हैकाथॉन 2026 में छात्राओं से सहभागिता का आह्वान - डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने छात्राओं को ट्रैफिक हैकाथॉन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि यह प्रतियोगिता सभी के लिए खुली है। विद्यार्थी, सिविल इंजीनियर, अर्बन प्लानर, प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप्स, एनजीओ एवं जागरूक नागरिक इसमें भाग ले सकते हैं। हैकाथॉन में प्रतिभागी एक या एक से अधिक विषयों में भाग ले सकते हैं। प्रत्येक विषय के लिए पृथक पंजीयन एवं सबमिशन किया जाना है। पंजीयन एवं सबमिशन की अवधि 17 अगस्त से 17 सितंबर 2026 तक निर्धारित है, जबकि फाइनल प्रेजेंटेशन 27 सितंबर 2026 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा।
चयन प्रक्रिया के अंतर्गत विशेषज्ञ टीम द्वारा प्राप्त प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रत्येक विषय से श्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन कर अंतिम चरण के लिए अवसर दिया जाएगा तथा अंतिम चरण में विशेषज्ञों के समक्ष प्रत्यक्ष प्रस्तुति के आधार पर विजेताओं का चयन किया जाएगा।प्रत्येक विषय के विजेताओं को रायपुर कमिश्नरेट की ओर से आकर्षक पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। विजेताओं के लिए पृथक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सड़क सुरक्षा के जागरूक नागरिक एवं रायपुर की यातायात व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के सहभागी बनाना है।


Journalist खबरीलाल















