बिलासपुर- राज्य स्तर पर चल रहे इस साइबर जागरूकता महा अभियान में साइबर अपराधों से बचाव एवं आमजन में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस द्वारा गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर में “साइबर जागृति अभियान” के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग बिलासपुर द्वारा कॉलेज के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी तथा डिजिटल धोखाधड़ी से ये अपराधी, जीवन भर की गाढ़ी कमाई चंद मिनटों में चट कर जाते है, विद्यार्थियों से कहा कि डिजिटल युग में जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को OTP, PIN, CVV, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा अनजान मोबाइल एप्लीकेशन/APK फाइल डाउनलोड नहीं करने की समझाइश दी तथा उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप जागरूकता की सेल्फी लेकर अपना व्हाटसअप, इंस्टग्राम, फेसबुक में स्टेट्स लगाए और बिलासपुर पुलिस को फॉलो कर आप स्वयं साइबर सुरक्षित बनें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें।
उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक साइबर अपराध के बारे में बताया कि आज समाज का प्रत्येक वर्ग इस साइबर अपराध से पीड़ित है, खास कर युवा वर्ग सबसे ज्यादा, आज हर व्यक्ति के पास मोबाइल इंटरनेट है इसके बिना डिजिटल दुनिया संभव ही नहीं है किंतु यही पर सुविधा और दुविधा की समस्या आ जाती है डिजिटल दुनिया में जरा सी भी लापरवाली, भूल आपको साइबर अपराध का शिकार बना देती है, इसी लिए हम राज्य स्तरीय “साइबर जागृति अभियान” के अंतर्गत बिलासपुर में आज इस जागरूकता कार्यक्रम में आप सभी के बीच उपस्थित होकर इस गंभीर समस्या को दूर करना है। आज का युग डिजिटल युग है। मोबाइल, इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया ने हमारे जीवन को सरल बनाया है, लेकिन इनके साथ साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने सतर्क रहने की अपील की, उन्होंने कहा कि साइबर अपराध होने पर घबराने के बजाय तत्काल इसकी सूचना 1930 और पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराध की रोकथाम के लिए Mobiarmor ऐप के बारे में बताया, जो मोबाइल में खतरे वाले ऐप और फाइल के बारे में सतर्क करता है , उन्होंने छात्र/छात्राओं को सुरक्षित रहने और दूसरों को भी जागरूक करें का संदेश दिया गया। साथ ही विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी अपने परिवार एवं आसपास के लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।साइबर जागरूकता को और करीब से समझने जिले के कप्तान श्री रजनेश सिंह ने बच्चों को गूगल फॉर्म के माध्यम से साइबर अपराध के तरीकों और बचाव का विवरण पढ़कर से वैकल्पिक प्रश्नोत्तरी के बारे में बताया गया कि बिलासपुर पुलिस द्वारा यह अनोखी पहल है जिसमें इस प्रश्नों का उत्तर देने पर e- सर्टिफिकेट प्रदान किया जा रहा है, जिसमें छात्रों को अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।उन्होंने यह भी बताया कि यह साइबर जागृति अभियान बिलासपुर जिले के प्रत्येक थाना तथा चौकी में भी जोर- शोरों से चलाया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य, प्राध्यापकगण, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाकर एक सुरक्षित एवं जागरूक डिजिटल समाज का निर्माण करना रहा। जागरूकता के इस अवसर पर कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल, तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकगण उपस्थित रहे जिनमे पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग , उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(शहर पंकज कुमार पटेल), कुल सचिव प्रो.अश्वनी कुमार दीक्षित, प्रो.निदेशक मनीष श्रीवास्तव तथा अन्य पुलिस अधिकारी/कर्मचारी की गरिमामय उपस्थिति रही।
बिलासपुर- राज्य स्तर पर चल रहे इस साइबर जागरूकता महा अभियान में साइबर अपराधों से बचाव एवं आमजन में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस द्वारा गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर में “साइबर जागृति अभियान” के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग बिलासपुर द्वारा कॉलेज के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी तथा डिजिटल धोखाधड़ी से ये अपराधी, जीवन भर की गाढ़ी कमाई चंद मिनटों में चट कर जाते है, विद्यार्थियों से कहा कि डिजिटल युग में जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को OTP, PIN, CVV, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा अनजान मोबाइल एप्लीकेशन/APK फाइल डाउनलोड नहीं करने की समझाइश दी तथा उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप जागरूकता की सेल्फी लेकर अपना व्हाटसअप, इंस्टग्राम, फेसबुक में स्टेट्स लगाए और बिलासपुर पुलिस को फॉलो कर आप स्वयं साइबर सुरक्षित बनें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें।
उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक साइबर अपराध के बारे में बताया कि आज समाज का प्रत्येक वर्ग इस साइबर अपराध से पीड़ित है, खास कर युवा वर्ग सबसे ज्यादा, आज हर व्यक्ति के पास मोबाइल इंटरनेट है इसके बिना डिजिटल दुनिया संभव ही नहीं है किंतु यही पर सुविधा और दुविधा की समस्या आ जाती है डिजिटल दुनिया में जरा सी भी लापरवाली, भूल आपको साइबर अपराध का शिकार बना देती है, इसी लिए हम राज्य स्तरीय “साइबर जागृति अभियान” के अंतर्गत बिलासपुर में आज इस जागरूकता कार्यक्रम में आप सभी के बीच उपस्थित होकर इस गंभीर समस्या को दूर करना है। आज का युग डिजिटल युग है। मोबाइल, इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया ने हमारे जीवन को सरल बनाया है, लेकिन इनके साथ साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने सतर्क रहने की अपील की, उन्होंने कहा कि साइबर अपराध होने पर घबराने के बजाय तत्काल इसकी सूचना 1930 और पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराध की रोकथाम के लिए Mobiarmor ऐप के बारे में बताया, जो मोबाइल में खतरे वाले ऐप और फाइल के बारे में सतर्क करता है , उन्होंने छात्र/छात्राओं को सुरक्षित रहने और दूसरों को भी जागरूक करें का संदेश दिया गया। साथ ही विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी अपने परिवार एवं आसपास के लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।साइबर जागरूकता को और करीब से समझने जिले के कप्तान श्री रजनेश सिंह ने बच्चों को गूगल फॉर्म के माध्यम से साइबर अपराध के तरीकों और बचाव का विवरण पढ़कर से वैकल्पिक प्रश्नोत्तरी के बारे में बताया गया कि बिलासपुर पुलिस द्वारा यह अनोखी पहल है जिसमें इस प्रश्नों का उत्तर देने पर e- सर्टिफिकेट प्रदान किया जा रहा है, जिसमें छात्रों को अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।उन्होंने यह भी बताया कि यह साइबर जागृति अभियान बिलासपुर जिले के प्रत्येक थाना तथा चौकी में भी जोर- शोरों से चलाया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य, प्राध्यापकगण, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाकर एक सुरक्षित एवं जागरूक डिजिटल समाज का निर्माण करना रहा। जागरूकता के इस अवसर पर कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल, तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकगण उपस्थित रहे जिनमे पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग , उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(शहर पंकज कुमार पटेल), कुल सचिव प्रो.अश्वनी कुमार दीक्षित, प्रो.निदेशक मनीष श्रीवास्तव तथा अन्य पुलिस अधिकारी/कर्मचारी की गरिमामय उपस्थिति रही।


Journalist खबरीलाल















