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Jharkhand (खबरीलाल न्यूज़) :: संकट में आ गई थी नौकरी, झारखंड हाई कोर्ट के फैसले के बाद काम पर लौटे JPSC से चुने गए अधिकारी:

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khabrilalरांची। झारखंड हाई कोर्ट ने गुरुवार को जैसे ही 11 वीं से 13वीं जेपीएससी के सफल अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्मिक की कार्रवाई पर रोक लगाई, वैसे ही तमाम उप समाहर्ता स्तर के अधिकारी अपनी-अपनी पोस्टिंग की जगह पर पहुंच गए। इन अधिकारियों ने योगदान भी दे दिया और इसकी सूचना जिले के वरीय अधिकारियों से लेकर मुख्यालय तक को भेज दी। सभी को इस बात का भय था कि कहीं विभाग अवकाश का आवेदन नहीं होने पर उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई न कर दी जाय। हालांकि अभी योगदान स्वीकार करने को लेकर भ्रम बना हुआ है। जिन अधिकारियों को एक बार पद से मुक्त करने का आदेश जारी हुआ है, उन्हें वापस काम पर आने के लिए भी आदेश की आवश्यकता होगी।

बता दें कि 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा रद होने से 207 उप समाहर्ता, 35 पुलिस उपाधीक्षक, 56 राज्य कर पदाधिकारी, 02 कारा अधीक्षक, 10 शिक्षा सेवा (कैटेगरी-2), एक जिला समादेष्टा, आठ सहायक निबंधक, 14 श्रम अधीक्षक, छह प्रोबेशन पदाधिकारी, तीन उत्पाद निरीक्षक की नौकरी संकट में आ गई थी। इनमें कई उपसमाहर्ता एटीआइ में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद विभिन्न प्रखंडों और अंचलों में फील्ड ट्रेनिंग के तहत पदस्थापित थे। जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा रद किए जाने से पिछले तीन दिनों से सरकारी कार्यालयों में हर मोर्चे पर कामकाज रुक गया था।



khabrilalरांची। झारखंड हाई कोर्ट ने गुरुवार को जैसे ही 11 वीं से 13वीं जेपीएससी के सफल अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्मिक की कार्रवाई पर रोक लगाई, वैसे ही तमाम उप समाहर्ता स्तर के अधिकारी अपनी-अपनी पोस्टिंग की जगह पर पहुंच गए। इन अधिकारियों ने योगदान भी दे दिया और इसकी सूचना जिले के वरीय अधिकारियों से लेकर मुख्यालय तक को भेज दी। सभी को इस बात का भय था कि कहीं विभाग अवकाश का आवेदन नहीं होने पर उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई न कर दी जाय। हालांकि अभी योगदान स्वीकार करने को लेकर भ्रम बना हुआ है। जिन अधिकारियों को एक बार पद से मुक्त करने का आदेश जारी हुआ है, उन्हें वापस काम पर आने के लिए भी आदेश की आवश्यकता होगी।

बता दें कि 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा रद होने से 207 उप समाहर्ता, 35 पुलिस उपाधीक्षक, 56 राज्य कर पदाधिकारी, 02 कारा अधीक्षक, 10 शिक्षा सेवा (कैटेगरी-2), एक जिला समादेष्टा, आठ सहायक निबंधक, 14 श्रम अधीक्षक, छह प्रोबेशन पदाधिकारी, तीन उत्पाद निरीक्षक की नौकरी संकट में आ गई थी। इनमें कई उपसमाहर्ता एटीआइ में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद विभिन्न प्रखंडों और अंचलों में फील्ड ट्रेनिंग के तहत पदस्थापित थे। जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा रद किए जाने से पिछले तीन दिनों से सरकारी कार्यालयों में हर मोर्चे पर कामकाज रुक गया था।


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