सीएम योगी के निर्देश पर डॉ. टीके लाहिरी का हाल जानने पहुंचे मंत्री रविंद्र जायसवाल। डॉ. लाहिरी ने किसी भी अप्रिय घटना से किया साफ इनकार, मंत्री ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित करने के दिए निर्देश।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने बीएचयू के वरिष्ठ चिकित्सक एवं पद्मश्री सम्मानित डॉ. टी.के. लाहिरी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान मंत्री ने डॉ. लाहिरी से उनके स्वास्थ्य और अस्पताल में हुई कथित घटना के संबंध में जानकारी ली।
मंत्री से बातचीत के दौरान डॉ. टी.के. लाहिरी ने अपने साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने से साफ इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके साथ किसी तरह की बदसलूकी या अप्रिय व्यवहार नहीं हुआ है।
इसके बावजूद मामले की गंभीरता और सामने आ रही चर्चाओं को देखते हुए मंत्री रविंद्र जायसवाल ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर, आईएमएस निदेशक और डीसीपी की तीन सदस्यीय टीम गठित कर मामले की जांच करने को कहा है।
मंत्री ने कहा कि डॉ. टी.के. लाहिरी जैसे वरिष्ठ चिकित्सक एवं पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पूरे घटनाक्रम की तथ्यात्मक जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
मंत्री के निर्देश के बाद अब तीन सदस्यीय टीम पूरे प्रकरण से जुड़े तथ्यों, परिस्थितियों और संबंधित लोगों से जानकारी लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
उक्त दोषी डॉक्टर को ऐसी सजा मिले की वो अपने पूरे जीवन काल मे डॉक्टरी न कर पाए। उक्त डॉक्टर का लाइसेंस निरस्त हो, उसे बीएचयू से बर्खास्त किया जाए और कठोरतम सजा कानूनी रूप से दिया जाए।
सीएम योगी के निर्देश पर डॉ. टीके लाहिरी का हाल जानने पहुंचे मंत्री रविंद्र जायसवाल। डॉ. लाहिरी ने किसी भी अप्रिय घटना से किया साफ इनकार, मंत्री ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित करने के दिए निर्देश।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने बीएचयू के वरिष्ठ चिकित्सक एवं पद्मश्री सम्मानित डॉ. टी.के. लाहिरी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान मंत्री ने डॉ. लाहिरी से उनके स्वास्थ्य और अस्पताल में हुई कथित घटना के संबंध में जानकारी ली।
मंत्री से बातचीत के दौरान डॉ. टी.के. लाहिरी ने अपने साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने से साफ इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके साथ किसी तरह की बदसलूकी या अप्रिय व्यवहार नहीं हुआ है।
इसके बावजूद मामले की गंभीरता और सामने आ रही चर्चाओं को देखते हुए मंत्री रविंद्र जायसवाल ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर, आईएमएस निदेशक और डीसीपी की तीन सदस्यीय टीम गठित कर मामले की जांच करने को कहा है।
मंत्री ने कहा कि डॉ. टी.के. लाहिरी जैसे वरिष्ठ चिकित्सक एवं पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पूरे घटनाक्रम की तथ्यात्मक जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
मंत्री के निर्देश के बाद अब तीन सदस्यीय टीम पूरे प्रकरण से जुड़े तथ्यों, परिस्थितियों और संबंधित लोगों से जानकारी लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
उक्त दोषी डॉक्टर को ऐसी सजा मिले की वो अपने पूरे जीवन काल मे डॉक्टरी न कर पाए। उक्त डॉक्टर का लाइसेंस निरस्त हो, उसे बीएचयू से बर्खास्त किया जाए और कठोरतम सजा कानूनी रूप से दिया जाए।


Journalist खबरीलाल















