रायपुर, 12 अक्टूबर 2026। खेती में नई तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ाने के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा उद्यानिकी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाएं किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम परसाही निवासी कृषक श्री फागूराम पटेल ने भी पारंपरिक धान की खेती के साथ ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाने में सफलता हासिल की है। उद्यानिकी विभाग के सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन से उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन का उत्पादन कर 55 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जो धान की खेती से प्राप्त लाभ की तुलना में 20 हजार रुपये अधिक है।
फागूराम पटेल पहले मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। खेती से बेहतर आमदनी प्राप्त करने और उपलब्ध भूमि का अधिक लाभकारी उपयोग करने के उद्देश्य से उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया। विभागीय अधिकारियों से ग्राफ्टेड बैंगन एवं अन्य सब्जियों की खेती के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने आधुनिक उद्यानिकी तकनीक अपनाने का निर्णय लिया।
शासकीय योजना के तहत मिले सहयोग और विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन से उन्हें फसल प्रबंधन, उन्नत खेती की पद्धतियों तथा बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिली। इसके परिणामस्वरूप उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की और बेहतर उत्पादन के साथ अच्छी आमदनी अर्जित की।
फागराम पटेल की सफलता की कहानी दर्शाती है कि शासकीय योजनाओं का लाभ, आधुनिक कृषि तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फसल विविधीकरण के माध्यम से किसान उपलब्ध कृषि भूमि का बेहतर उपयोग कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बना सकते हैं।
रायपुर, 12 अक्टूबर 2026। खेती में नई तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ाने के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा उद्यानिकी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाएं किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम परसाही निवासी कृषक श्री फागूराम पटेल ने भी पारंपरिक धान की खेती के साथ ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाने में सफलता हासिल की है। उद्यानिकी विभाग के सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन से उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन का उत्पादन कर 55 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जो धान की खेती से प्राप्त लाभ की तुलना में 20 हजार रुपये अधिक है।
फागूराम पटेल पहले मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। खेती से बेहतर आमदनी प्राप्त करने और उपलब्ध भूमि का अधिक लाभकारी उपयोग करने के उद्देश्य से उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया। विभागीय अधिकारियों से ग्राफ्टेड बैंगन एवं अन्य सब्जियों की खेती के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने आधुनिक उद्यानिकी तकनीक अपनाने का निर्णय लिया।
शासकीय योजना के तहत मिले सहयोग और विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन से उन्हें फसल प्रबंधन, उन्नत खेती की पद्धतियों तथा बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिली। इसके परिणामस्वरूप उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की और बेहतर उत्पादन के साथ अच्छी आमदनी अर्जित की।
फागराम पटेल की सफलता की कहानी दर्शाती है कि शासकीय योजनाओं का लाभ, आधुनिक कृषि तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फसल विविधीकरण के माध्यम से किसान उपलब्ध कृषि भूमि का बेहतर उपयोग कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बना सकते हैं।


Journalist खबरीलाल














