कलेक्टर संजय अग्रवाल और डीआईजी/एसएसपी रजनेश सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ आयोजन, शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण पर रहा विशेष जोर।
बिलासपुर, 12 अक्टूबर। उच्च शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, बौद्धिक विकास और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला भी है। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए बिलासपुर के लिंक रोड के समीप स्थित प्रतिष्ठित सी.एम. दुबे पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज (सीएमडी कॉलेज) में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिलासपुर कलेक्टर आईएएस संजय अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डीआईजी/एसएसपी आईपीएस रजनेश सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के चेयरमैन डॉ. संजय दुबे ने की।
विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना मुख्य उद्देश्य - इंडक्शन कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अध्ययन पद्धति, पाठ्यक्रमों एवं उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराने के साथ उन्हें उच्च शिक्षा के नए परिवेश में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार करना है। यह कार्यक्रम महज एक औपचारिक परिचय सत्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को सही दिशा देने, उनकी क्षमताओं को पहचानने तथा उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की महत्वपूर्ण पहल है।बीएससी, बीकॉम और बीबीए के विद्यार्थियों को मिला शैक्षणिक मार्गदर्शन - कार्यक्रम के दौरान बीएससी, बीकॉम एवं बीबीए प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को उनके चयनित पाठ्यक्रमों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही शैक्षणिक गतिविधियों, अध्ययन की प्राथमिकताओं और भविष्य में करियर निर्माण की संभावनाओं के प्रति भी विद्यार्थियों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।इंडक्शन कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि महाविद्यालयीन जीवन केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वयं को पहचानने, अपनी प्रतिभा को निखारने और जीवन के बड़े लक्ष्यों को निर्धारित करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में सार्थक पहल - कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। इस आयोजन ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से जुड़ने और अपने आगामी शैक्षणिक सफर के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर प्रदान किया।
कलेक्टर संजय अग्रवाल और डीआईजी/एसएसपी रजनेश सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ आयोजन, शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण पर रहा विशेष जोर।
बिलासपुर, 12 अक्टूबर। उच्च शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, बौद्धिक विकास और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला भी है। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए बिलासपुर के लिंक रोड के समीप स्थित प्रतिष्ठित सी.एम. दुबे पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज (सीएमडी कॉलेज) में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिलासपुर कलेक्टर आईएएस संजय अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डीआईजी/एसएसपी आईपीएस रजनेश सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के चेयरमैन डॉ. संजय दुबे ने की।
विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना मुख्य उद्देश्य - इंडक्शन कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अध्ययन पद्धति, पाठ्यक्रमों एवं उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराने के साथ उन्हें उच्च शिक्षा के नए परिवेश में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार करना है। यह कार्यक्रम महज एक औपचारिक परिचय सत्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को सही दिशा देने, उनकी क्षमताओं को पहचानने तथा उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की महत्वपूर्ण पहल है।बीएससी, बीकॉम और बीबीए के विद्यार्थियों को मिला शैक्षणिक मार्गदर्शन - कार्यक्रम के दौरान बीएससी, बीकॉम एवं बीबीए प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को उनके चयनित पाठ्यक्रमों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही शैक्षणिक गतिविधियों, अध्ययन की प्राथमिकताओं और भविष्य में करियर निर्माण की संभावनाओं के प्रति भी विद्यार्थियों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।इंडक्शन कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि महाविद्यालयीन जीवन केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वयं को पहचानने, अपनी प्रतिभा को निखारने और जीवन के बड़े लक्ष्यों को निर्धारित करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में सार्थक पहल - कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। इस आयोजन ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से जुड़ने और अपने आगामी शैक्षणिक सफर के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर प्रदान किया।


Journalist खबरीलाल













