रायपुर 13 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य का प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहर और धार्मिक आस्था के केंद्र हमारी विशिष्ट पहचान हैं। इन खूबियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रभावी रूप से स्थापित करते हुए पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास का मजबूत आधार बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज महानदी भवन मंत्रालय में पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन का विकास केवल किसी स्थान के सौंदर्यीकरण या अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए। पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पियों, कलाकारों और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर पैदा हों। स्थानीय खानपान, हस्तशिल्प, लोककला और संस्कृति को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़कर आय के स्थायी साधन विकसित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पर्यटन से समृद्धि’ इस मिशन की मूल भावना होगी। हमारा प्रयास ऐसा पर्यटन मॉडल विकसित करने का है, जिसमें पर्यटक छत्तीसगढ़ की प्रकृति और संस्कृति से जुड़ें तथा पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों का अधिकतम लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे।
बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा तैयार मिशन के अंतर्गत पर्यटन विकास के लिए 500 करोड़ रुपए की मूल मिशन निधि प्रस्तावित की गई है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर), केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागीय अभिसरण के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन परियोजनाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय स्रोतों का प्रभावी उपयोग करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं की योजना बनाते समय उनकी दीर्घकालिक उपयोगिता, आर्थिक संभावनाओं और स्थानीय रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को प्राथमिकता दी जाए।
रायपुर 13 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य का प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहर और धार्मिक आस्था के केंद्र हमारी विशिष्ट पहचान हैं। इन खूबियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रभावी रूप से स्थापित करते हुए पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास का मजबूत आधार बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज महानदी भवन मंत्रालय में पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन का विकास केवल किसी स्थान के सौंदर्यीकरण या अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए। पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पियों, कलाकारों और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर पैदा हों। स्थानीय खानपान, हस्तशिल्प, लोककला और संस्कृति को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़कर आय के स्थायी साधन विकसित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पर्यटन से समृद्धि’ इस मिशन की मूल भावना होगी। हमारा प्रयास ऐसा पर्यटन मॉडल विकसित करने का है, जिसमें पर्यटक छत्तीसगढ़ की प्रकृति और संस्कृति से जुड़ें तथा पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों का अधिकतम लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे।
बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा तैयार मिशन के अंतर्गत पर्यटन विकास के लिए 500 करोड़ रुपए की मूल मिशन निधि प्रस्तावित की गई है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर), केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागीय अभिसरण के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन परियोजनाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय स्रोतों का प्रभावी उपयोग करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं की योजना बनाते समय उनकी दीर्घकालिक उपयोगिता, आर्थिक संभावनाओं और स्थानीय रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को प्राथमिकता दी जाए।


Journalist खबरीलाल














