अर्जेंटीना में इगुआजु फॉल्स के पास नदी में पानी का बहाव सामान्य से छह गुना से भी ज्यादा बढ़ गया. इसके बाद नेशनल पार्क के अधिकारियों ने पर्यटकों की आवाजाही पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी. नदी में पानी का बहाव 12,000 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड के पार पहुंच गया था. पानी बढ़ने से बाढ़ का खतरा पैदा हो गया था. इस घटना को अल-नीनो और भारी बारिश से जोड़कर देखा जा रहा है. Photo: AFP
नदी में पानी बढ़ने की वजह सिर्फ अल-नीनो नहीं, बल्कि लगातार बारिश और बांधों से छोड़ा गया पानी भी था. इगुआजु फॉल्स अर्जेंटीना और ब्राजील की सीमा पर है. यह दुनिया के मशहूर झरनों में से एक है. इसे देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. नदी में पानी का बहाव अचानक बढ़ने से झरने के पास बने रास्तों पर खतरा पैदा हो सकता था. इसी वजह से अधिकारियों ने लोगों की सुरक्षा के लिए रास्ता बंद करने का फैसला लिया.
इगुआजु नदी में आमतौर पर हर सेकंड करीब 1,500 से 1,800 क्यूबिक मीटर पानी बहता है. लेकिन 12 अक्टूबर को इसका बहाव 12,000 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड से ज्यादा हो गया. यानी नदी में पानी का बहाव सामान्य से छह गुना से भी ज्यादा बढ़ गया था. लगातार बारिश और नदी के ऊपरी हिस्से में बने बांधों से छोड़े गए पानी के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा. ऐसे में झरने के आसपास बाढ़ का खतरा पैदा हो गया. अधिकारियों ने पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए आवाजाही रोक दी. बाद में नदी में पानी का बहाव कम होने लगा. इसके बाद 13 अक्टूबर से पर्यटकों को फिर से आने की अनुमति दे दी गई.
अल-नीनो प्रशांत महासागर में होने वाली एक प्राकृतिक घटना है. इसमें समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा हो जाता है. इसका असर हवा और बारिश पर पड़ता है. दुनिया के कुछ हिस्सों में ज्यादा बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर सूखे का खतरा बढ़ सकता है. WMO ने 8 अक्टूबर 2026 को बताया कि अल-नीनो के और मजबूत होने का अनुमान है.
अर्जेंटीना में इगुआजु फॉल्स के पास नदी में पानी का बहाव सामान्य से छह गुना से भी ज्यादा बढ़ गया. इसके बाद नेशनल पार्क के अधिकारियों ने पर्यटकों की आवाजाही पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी. नदी में पानी का बहाव 12,000 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड के पार पहुंच गया था. पानी बढ़ने से बाढ़ का खतरा पैदा हो गया था. इस घटना को अल-नीनो और भारी बारिश से जोड़कर देखा जा रहा है. Photo: AFP
नदी में पानी बढ़ने की वजह सिर्फ अल-नीनो नहीं, बल्कि लगातार बारिश और बांधों से छोड़ा गया पानी भी था. इगुआजु फॉल्स अर्जेंटीना और ब्राजील की सीमा पर है. यह दुनिया के मशहूर झरनों में से एक है. इसे देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. नदी में पानी का बहाव अचानक बढ़ने से झरने के पास बने रास्तों पर खतरा पैदा हो सकता था. इसी वजह से अधिकारियों ने लोगों की सुरक्षा के लिए रास्ता बंद करने का फैसला लिया.
इगुआजु नदी में आमतौर पर हर सेकंड करीब 1,500 से 1,800 क्यूबिक मीटर पानी बहता है. लेकिन 12 अक्टूबर को इसका बहाव 12,000 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड से ज्यादा हो गया. यानी नदी में पानी का बहाव सामान्य से छह गुना से भी ज्यादा बढ़ गया था. लगातार बारिश और नदी के ऊपरी हिस्से में बने बांधों से छोड़े गए पानी के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा. ऐसे में झरने के आसपास बाढ़ का खतरा पैदा हो गया. अधिकारियों ने पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए आवाजाही रोक दी. बाद में नदी में पानी का बहाव कम होने लगा. इसके बाद 13 अक्टूबर से पर्यटकों को फिर से आने की अनुमति दे दी गई.
अल-नीनो प्रशांत महासागर में होने वाली एक प्राकृतिक घटना है. इसमें समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा हो जाता है. इसका असर हवा और बारिश पर पड़ता है. दुनिया के कुछ हिस्सों में ज्यादा बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर सूखे का खतरा बढ़ सकता है. WMO ने 8 अक्टूबर 2026 को बताया कि अल-नीनो के और मजबूत होने का अनुमान है.


Journalist खबरीलाल














